अगर गाड़ी दे यह 5 संकेत तो भूल कर भी न करें अनदेखा, वरना इंजन हो सकता है सीज! पढें पूरी रिपोर्ट

कार की आवाज से लेकर एग्जॉस्ट से निकलने वाला घुआं और इंजन की गर्माहट कई ऐसी बातें हैं जो कि कार के इंजन के कंडीशन के बारे में सबकुछ बयान करती हैं। इसलिए कार ड्राइविंग के दौरान कुछ मुख्य बातों का ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है जिससे आप कार के इंजन की स्थिति पर भी एक नजर बनाए रख सकें।

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प्रतिकात्मक तस्वीर: कार से निकलने वाला धुआं भी कार के इंजन के बारे में काफी कुछ बताता है।

कार का इंजन उसके दिल के जैसा होता है, जिस तरह से इंसानी जिस्म में दिल में आने वाली थोड़ी सी परेशानी मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। वैसे ही इंजन के साथ भी की गई छोटी सी लापरवाही बड़ी मुसीबत को जन्म दे सकती है। दिल की ही तरह इंजन भी खराब होने से पहले कई संकेत देता है जिनकों अनदेखा करना मुश्किलों को दावत देने जैसा है। आज हम आपको अपने इस फाइव थिंग्स सेग्मेंट में ऐसे ही पांच संकेतो के बारे में बताएंगे जिन पर ध्यान देना बेहद ही जरूरी है, तो आइये जानते हैं उन संकेतों के बारे में जो इंजन के खस्ताहाल की कहानी बयां करती हैं-

1- बेवजह की आवाज: “गुड साउंड, गुड हेल्थ” गाड़ी की आवाज ही उसके हालात को पूरी तरह से बयान कर देती है। इसलिए कार के इंजन की आवाज पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। यदि आपकी कार का इंजन बेवजह की आवाज करता है या फिर ऐसा साउंड करता है जो आपने पहले नहीं सुनी है तो यह एक दस्तक है। कई बार कार का इंजन बैक फायर या फिर फ्यूल मिक्सचर में आने वाली खामी के चलते खराब आवाज करता है, यदि आपकी कार की आवाज भी बदती है तो तत्काल इसे सर्विस सेंटर का रास्ता दिखाएं।

2- कार से निकलने वाला धुआं: ये हम सभी जानते हैं कि कार का धुआं निकलना न केवल वातावरण को दूषित करता है बल्कि यह एक तरह से इंजन में आने वाली तकनीकी खामी का भी संकेत है। यदि आपकी कार के एग्जॉस्ट से काला धुआं निकलता है तो हो सकता है कि आपकी कार रिच एयर फ्यूल मिक्सचर पर चल रही है या फिर इंजन को जरूरत से ज्यादा ईंधन की आपूर्ति हो रही है। इसके अलावां यदि नीले रंग का धुआं निकल रहा है तो यह साफ है कि कार का इंजन, इंजन ऑयल की खपत कर रहा है। इसलिए कार से निकलने वाले धुएं पर विशेष ध्यान दें।

3- वाइब्रेशन: स्मूथ राइडिंग बेहतर इंजन की सबसे पहली निशानी होती है, यदि आपकी कार ड्राइव करते समय वाइब्रेशन करती है, तो हो सकता है कि इसमें कुछ तकनीकी खराबी हो। हालांकि इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं लेकिन एक्सलेटर लेते समय यदि इंजन स्मूथ न हो और गियर बदलते समय कार बार बार वाइब्रेट करती हो तो इसका सीधा असर कार की इंजन पर पड़ता है। इसलिए भूल कर भी कार के वाइब्रेशन को नजरअंदाज न करें और तत्काल कार को किसी सर्विस सेंटर पर जांच के लिए ले जाएं।

4- ओवरहीटिंग: कार के इंजन को कूल रखना बेहद ही जरूरी होता है, सभी इंजन में ट्रेम्प्रेचर गेज दिया गया होता है जिसका सेंटर में बने रहना सबसे ज्यादा जरूरी है। यदि आप कार को सीधी चढ़ाई पर ड्राइव करते हैं और गेज टॉप पर पहुंचता है तो इस स्थिति में इंजन के गर्म होने का खतरा बढ़ जाता है। यदि आपकी कार का इंजन बार बार जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा हो इसके कूलिंग में समस्या हो सकती है। इसलिए इंजन के बार बार गर्म होने की दशा में इसे मैकेनिक से जरूर दिखाएं।

5- स्पार्क प्लग का ऑयली होना: यह समस्या ज्यादातर पेट्रोल कारों के साथ देखने को मिलती है। दरअसल, जहां पर स्पार्क प्लग लगाया गया होता है वहां से कभी कभी इंजन ऑयल के लीक होने की समस्या देखने को मिलती है। इससे आग लगने का भी खतरा होता है। यदि आपकी कार के स्पार्क प्लग के साथ भी ऐसी समस्या दिखती हो तो तत्काल कार को सर्विस सेंटर पर दिखाएं।

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