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नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और पुराने को रिन्यू कराने के लिए जरूरी हो सकता है आधार कार्ड

सड़क परिवहन मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आधार कार्ड जरूरी करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।

नेशनल इन्फॉर्मैटिक्स सेंटर की टीम सभी आरटीअो के डेटा को डिजिटल कर रही है।

सरकार फर्जी ड्राइविंग लाइसेंसो पर लगाम लगाने के लिए अब एक नया तरीका निकाल रही है। इसके बाद कोई फर्जी लाइसेंस नहीं बनवा पाएगा। केंद्र सरकार राज्य सरकारों से नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या पुराने को रिन्यू कराने के लिए आधार कार्ड को जरूरी करने के लिए कह सकती है। अभी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। अगर सरकार आधार कार्ड को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए जरूरी करती है तो इसका मतलब है कि बिना आधार कार्ड के न तो नया ड्राइविंग लाइसेंस बनेगा और न ही पुराना रिन्यू होगा। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक आधार नंबर के बॉयोमेट्रिक्स डीटेल से इस तरह की गतिविधियों पर लगाम लगेगी और नया नियम अक्टूबर 2017 से लागू हो सकता है।

सड़क परिवहन मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आधार कार्ड जरूरी करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना राज्य का विषय है, लिहाजा केंद्र सरकार राज्यों से इस ‘सेफ सिस्टम’ को अपनाने का अनुरोध करेगा।  कई मामलों में देखा गया है कि पुलिस ने ट्रेफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस जब्त कर लिए लेकिन उनको कोई लेने ही नहीं आया। इसका मतलब पुलिस द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस को जब्त करना भी ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम नहीं लगा पाता।

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सूत्र के मुताबिक किसी आवेदक की पहचान को स्थापित करने के लिए अकेले आधार कार्ड ही पर्याप्त दस्तावेज होगा। अगर किसी के पास आधार कार्ड नहीं है तो उसे कई दूसरे दस्तावेज जमा करने होंगे। हम जरूरी बदलाव कर रहे हैं और आरटीओ को इन डीटेल्स का रेकॉर्ड रखने के लिए सक्षम बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। सूत्र ने बताया कि सभी आरटीओ के पास ड्राइविंग लाइसेंसों के सेंट्रल डेटाबेस (सारथी) तक पहुंच होगी ताकि वे जांच सके कि आवेदक के नाम से देश में कहीं से भी कोई और ड्राइविंग लाइसेंस जारी तो नहीं हुआ है।

बता दें कि ज्यादातर राज्यों में अभी तक आरटीअो मैन्युअल सिस्टम पर काम कर रहे थे लेकिन नई योजना के तहत इन्हें अब नेशनल इन्फॉर्मैटिक्स सेंटर (NIC) की टीम डिजिटल कर रही है। इसके बाद से उन लोगों के लिए परेशानी खड़ी होना तय है जिन्होंने एक से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए हुए हैं। डिजिटल डेटा होने पर इस तरह के भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सकेगी।

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