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बाबा रामदेव बोले- जल्द ही इनकम टैक्स छूट पांच लाख रुपये करने पर फैसला लेगी सरकार

विपक्ष समेत एनडीए के कई सहयोगी दलों ने भी बजट की आलोचना की है मगर बीजेपी को उम्मीद है कि इस बजट से वो चुनावी बैतरणी पार कर लेगी।

बाबा रामदेव (फाइल फोटो)

योग गुरु बाबा रामदेव ने आम बजट को अच्छा करार दिया है और कहा है कि यह देश को जोड़ने वाला बजट है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह बेहतर होता कि सरकार आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर देती। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मोदी सरकार जल्द इनकम टैक्स छूट पांच लाख रुपये करने पर फैसला लेगी। बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार (1 फरवरी) को लोकसभा में साल 2018-19 का आम बजट पेश किया। जेटली ने बजट भाषण में इनकम टैक्स स्लैब में किसी तरह का बदलाव नहीं करने का ऐलान किया जबकि देश का मध्यवर्ग इनकम टैक्स स्लैब में राहत की उम्मीद लगाए बैठा था। जेटली ने नौकरीशुदा लोगों को इनकम टैक्स में कोई राहत तो नहीं दी लेकिन उन्होंने 40,000 रुपये का स्टैन्डर्ड डिडक्शन देकर उन्हें राहत के नाम पर थोड़ी सी खुशी थमाने की कोशिश की है।

वित्त मंत्री ने मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट पेश किया। इसमें चुनावी छाप देखने को मिलती है। हालांकि, विपक्ष समेत एनडीए के कई सहयोगी दलों ने भी बजट की आलोचना की है मगर बीजेपी को उम्मीद है कि इस बजट से वो चुनावी बैतरणी पार कर लेगी। बजट में कृषि, ग्रामीण विकास और गरीबों पर खासा जोर दिया गया है। अपने बजट भाषण में आयुष्मान भारत योजना के तहत 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य देखभाल योजना’ लॉन्च की है, जिसके तहत पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष की कैशलेश हॉस्पिटलाइजेशन की सुविधा देने का प्रावधान किया गया है। टीबी रोगियों को पोषण के लिए भी 500 रुपये प्रतिमाह देने का ऐलान सरकार ने किया है। सरकार मे गंभीर बीमारियों पर एक लाख तक के खर्च पर भी इनकम टैक्स छूट देने का एलान किया है।

वित्त मंत्री ने बजट में इनकम टैक्स और निगम करों पर एक फीसदी उपकर का बोझ थोपा है। यानी अब बढ़ाकर कुल चार फीसदी स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर लगाने का प्रस्ताव रखा है। बजट भाषण में जेटली ने कहा मौजूदा तीन फीसदी उपकर में से दो फीसदी प्राथमिक शिक्षा के लिए वसूला जाता है जबकि एक फीसदी उपकर माध्यमिक और उच्च शिक्षा के लिए लिया जाता है। उन्होंने कहा कि देश के तमाम बीपीएल और ग्रामीण परिवारों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए एक फीसदी अतिरिक्त उपकर लगाने का प्रस्ताव किया जाता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा तीन फीसदी उपकर की जगह अब चार फीसदी उपकर लिया जाएगा। इससे सरकारी खजाने को 11,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।

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