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Union Budget 2018 India Highlights: विदेशी सामान होंगे महंगे, डीजल-पेट्रोल नहीं होगा सस्ता

सरकार ने पारदर्शी शासन दिया है। सर्विस सेक्टर में 8फीसदी की दर से तरक्की हो रही है। सरकारी सेवाएं ऑनलाइन करने का प्रयास किया जा रहा है।

संसद में बजट पेश करते वित्तमंत्री अरुण जेटली

Union Budget 2018 Highlights  (आम बजट २०१८): वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट 2018 में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बजट 2018 में डीजल और पेट्रोल पर 2 रुपए की एक्साइज ड्यूटी कम की गई है। हालांकि एक्साइज ड्यूटी की जगह अब 2 रुपए प्रति लीटर का सेस लगा दिया गया है। मतलब डीजल और पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा। विदेश से आने वाले सभी सामान महंगे हो जाएंगे, क्योंकि सरकार ने कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। मोबाइल, टीवी से लेकर विदेशी पैन तक सब महंगे हो जाएंगे। इसके अलावा सेस में भी एक फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। सेस बढ़ने के बाद अब इनकम टैक्स भी ज्यादा देना होगा। अब हर बिल पर 1 फीसदी ज्यादा भुगतान करना होगा। वहीं सैलरी पाने वालों को थोड़ी राहत दी गई है। अब सैलरी पाने वालों को टैक्स में 40,000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन दिया गया है। आम बजट 2018 में सरकार ने हेल्थ और किसानों का खास ध्यान रखा है। सरकार को 5.95 लाख करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। सरकार दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के लिए नई स्कीम लाई जाएगी।

कॉर्पोरेट के लिए बजट: वित्त मंत्री ने कहा कि 250 करोड़ का टर्नओवर करने वाली कंपनियों पर 25 फीसदी टैक्स लगेगा। 99 फीसदी एमएसएमई को 25 फीसदी टैक्स के दायरे में लाया गया है। डिपॉजिट पर मिलने वाली छूट 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपए की गई। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 10 फीसदी होगा। शिक्षा और स्वास्थ्य सेस 3 से बढ़ाकर 4 फीसदी किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 12.6 फीसदी बढ़ा है। यह काले धन के खिलाफ मुहिम का असर है। टैक्स देने वालों की संख्या में 19.25 लाख की बढ़ोतरी हुई है। इनकम टैक्स कलेक्शन 90 हजार करोड़ रुपए बढ़ा है। जीएसटी पर बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इसे आसान बनाने की कोशिश जारी है।

वहीं 14 सरकारी कंपनियां शेयर मार्केट में आएंगी। इनमें 2 सरकारी बीमा कंपनियां भी शेयर बाजार में आएंगी। सोने के लिए नई नीति आएगी। नई नीति से सोना ले जाने में आसानी होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि देश में एयरपोर्ट की संख्या पांच गुना करने की कोशिश की जा रही है। व्यापार शुरू करने के लिए मुद्रा योजना के लिए 3 लाख करोड़ रुपए का फंड, वहीं छोटे उद्योगों के लिए 3,794 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि आधार से जरूरतमंद को फायदा मिला है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपाल की सैलरी बढ़ाई जाएगी। बढ़ने के बाद राष्ट्रपति की सैलरी 5 लाख रुपए महीने हो जाएगी। वहीं उपराष्ट्रपति की सैलरी 4 लाख रुपए महीने और राज्यपाल की सैलरी 3.5 लाख रुपए महीने हो जाएगी।

शिक्षा: वित्त मंत्री ने कहा कि प्री नर्सरी से 12वीं तक सभी को शिक्षा देने पर जोर दिया जाएगा। डिजिटल पढ़ाई को बढ़ावा देंगे। बच्चों को स्कूल तक पहुंचाना सरकार का बड़ा लक्ष्य है। आदिवासियों के लिए एकलव्य विद्यालय बनाए जाएंगे। बडोदरा में रेलवे यूनिवर्सिटी बनेगी। स्कूलों में ब्लैक बोर्ड की जगह डिजिटल बोर्ड लगाए जाएंगे। 24 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।

मेडिकल: वित्त मंत्री ने कहा कि हेल्थ वेलनेस सेन्टर बनाने पर 1,200 करोड़ का फंड खर्च किया जाएगा। 10 करोड़ गरीब परिवारों मेडिकल खर्च मिलेगा। हर परिवार को एक साल में 5 लाख का मेडिकल खर्च मिलेगा। देश की 40 फीसदी आबादी को सरकारी हेल्थ बीमा मिलेगा। 24 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।

कृषि: वित्त मंत्री ने कहा कि बिचौलियों पर लगाम से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। कृषि उत्पादन रिकॉर्ड पर है। न्यूनतम समर्थन मूल्य डेढ गुना बढ़ाने का ऐलान किया गया है। किसान का कर्ज लेना आसान बनाएंगे। किसानों के कर्ज के लिए 11 लाख करोड़ रुपए का फंड अलॉट किया गया है। आर्थिक सुधार पर सरकार ईमानदारी से काम कर रही है। जरूरतमंदो तक सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। अनाज का उत्पादन रिकॉर्ड पर है। 27.5 करोड़ टन अनाज का उत्पादन हुआ है। सभी फसलों का समर्थन मूल्य मिलेगा अभी कुछ ही फसलों का मिलता है। नया ग्रामीण बाजार ई-नैम बनाने का ऐलान किया। खरीफ की फसल का समर्थन मूल्य उत्पादन की लागत से डेढ गुना है। आलू, प्याज और टमाटर के लिए ऑपरेशन ग्रीन चलाया जाएगा। आलू, प्याज, टमाटर के लिए 500 करोड़ रुपए मिलेंगे। किसान क्रेडिट कार्ड पशु पालकों को भी मिलेगा। 42 मेगा फूड पार्क बनाए जाएंगे।

गरीबों के लिए क्या: वित्त मंत्री ने कहा कि 2022 तक हर गरीब को घर देने का ऐलान किया। देश में 2 करोड़ शौचालय और बनाए जाएंगे। 4 करोड़ घरों में सौभाग्य बिजली योजना से कनेक्शन दिया जाएगा। 8 करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए जाएंगे।

अर्थव्यवस्था: वित्त मंत्री ने कहा कि हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे। अर्थव्यवस्था पटरी पर है। हम 2.5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था हैं। हमरा फोकस गांव के विकास पर होगा। सरकार ने पारदर्शी शासन दिया है। सर्विस सेक्टर में 8 फीसदी की दर से तरक्की हो रही है। सरकारी सेवाएं ऑनलाइन करने का प्रयास किया जा रहा है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली संसद पहुंच गए हैं। इसके अलावा बजट के दस्तावेज भी संसद पहुंच गए हैं। इस बार सबसे खास बात है कि टैक्स और कॉर्पोरेट का पार्ट छोड़कर बाकी का वित्त मंत्री का भाषण हिंदी में होगा। वित्त मंत्री ने कहा पीएम मोदी के फैसले से देश तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था बन गया है। पहुंचने से पहले वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति से भी मुलाकात की थी। बड़े बिजनेसमैन से लेकर आम आदमी तक सबकी निगाहें बजट पर टिकी हैं। अब देखना ये है कि इसमें किसके लिए क्या मिलने वाला है। आज कारोबारी दिन भी है। सेंसेक्स 200 पॉइंट ऊपर चढ़ गया है।

2016 के आम बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वादा किया था कि साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। आप संसद में होने वाले बजट भाषण को लाइव देख सकते हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली को बजट पेश करने के दौरान टीवी के अलावा कंप्यूटर और अपने मोबाइल पर लाइव देख सकते हैं। पहले सिर्फ टीवी पर ही बजट का लाइव देख सकते थे, तो सबसे पहले टीवी की ही बात करते हैं। टीवी पर इसका लाइव प्रसारण लोक सभा टीवी और दूरदर्शन पर देख सकते हैं। इसके अलावा लगभग सभी न्यूज चैनलों पर बजट स्पीच का लाइव प्रसारण किया जाएगा। आप अपने कंप्यूटर या मोबाइल पर इसका लाइव प्रसारण https://budgetlive.nic.in/, पीआईबी इंडिया के ट्विटर (https://twitter.com/PIB_India) और सरकार की वेबसाइट https://webcast.gov.in/ पर देख सकते हैं।

जीएसटी लागू होने के बाद मोदी सरकार का यह पहला आम बजट है। वहीं मोदी सरकार का इस कार्यकाल का यह आखिरी पूर्ण बजट होगा। लोगों को आम बजट से काफी उम्मीदें हैं। इस बार वित्त मंत्री टैक्स स्लैब को 2.5 लाख रुपए सालाना से बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर सकते हैं। इसके अलावा 5 से 10 लाख रुपए सालाना कमाने वालों को भी 10 फीसदी इनकम टैक्स के दायरे में लाया जा सकता है। इसके अलावा 10 से 20 लाख रुपए सालाना कमाने वालों को 20 फीसदी टैक्स स्लैब के दायरे में लाया जा सकता है। वहीं 20 लाख रुपए से ज्यादा कमाने वालों को 30 फीसदी टैक्स के दायरे में लाया जा सकता है।

आम बजट 2018 LIVE: यहां पढ़ें लाइव अपडेट्स

इस बार संसद में पेश हुए आर्थिक सर्वे में वित्त वर्ष 2018-19 में जीडीपी ग्रोथ 7 फीसदी से लेकर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। मौजूदा वित्त वर्ष में जीडीपी 6.75 फीसदी हो सकती है। नवंबर 2016 के बाद से 18 लाख नए टैक्सपेयर बने हैं। अप्रत्यक्ष करदाताओं में भी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई है। जीएसटी लागू होने के बाद से अप्रत्यक्ष कर चुकाने वालों की संख्या में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। इस साल चालू खाता घाटा 1.5 से लेकर 2 फीसदी तक रह सकता है। वहीं वित्त वर्ष 2017-18 के लिए राजकोषीय घाटा 3.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है।

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