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आम बजट 2018: 50 करोड़ लोगों के इलाज का खर्च उठाएगी सरकार, 70 लाख नई नौकरियां आएंगी

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि बाजार में कैश का प्रचलन कम हुआ है। जीएसटी को आसान बनाने की कोशिश जारी है। हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे।

संसद में बजट पेश करते वित्तमंत्री अरुण जेटली

Budget 2018: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट 2018 पेश कर दिया है। बजट 2018 में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सिर्फ 40,000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन दिया गया है। डीजल और पेट्रोल की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वित्त मंत्री ने किसानों के लिए कई घोषणाएं की हैं। अब किसानों को सभी फसलों का न्यूनतम समर्थम मूल्य मिलेगा, अभी कुछ ही फसलों का मिलता है। वहीं ग्रामीण बाजार ई-नैम का भी ऐलान किया गया। इसके अलावा 42 मेगा फूड पार्क भी बनाए जाएंगे। किसानों के कर्ज के लिए 11 लाख करोड़ रुपए का फंड अलॉट किया गया है। वहीं 250 करोड़ का टर्नओवर करने वाली कंपनियों पर 25 फीसदी टैक्स लगेगा।

शिक्षा के क्षेत्र में भी कई घोषणाएं की गई हैं। प्री नर्सरी से 12वीं तक की शिक्षा पर जोर दिया जाएगा। 24 नए मेडिकल कॉलेज खोल जाएंगे।  बडोदरा में रेलवे यूनिवर्सिटी बनेगी। आदिवासियों के लिए एकलव्य विद्यालय बनाए जाएंगे। मेडिकल की बात करें तो वित्त मंत्री ने कहा कि देश की 40 फीसदी जनता के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। वहीं शेयर बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 10 फीसदी होगा। नए कर्मचारियों के ईपीएफ में सरकार 12 फीसदी देगी। दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के लिए नई स्कीम लाई जाएगी।

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Budget 2018, Aam Budget 2018 UPDATES

– बजट पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पत्रकार वार्ता में कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह क्रांतिकारी है। करीब पचास करोड़ लोगों को सीधा फायदा होगा। इसका मतलब है कि भारत की कुल जनसख्या के चालीस फीसदी लोगों को फायदा होगा। हेल्थ के क्षेत्र में पहली बार इतनी बड़ी योजना की घोषणा की गई है।

– आम बजट पर योग गुरु बाबा रामदेव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे राष्ट्र निर्माण वाला बजट बताया है। उन्होंने आगे कहा कि बेहतर होगा लोगों को आयकर में पांच लाख रुपए की सीमा तक राहत मिले। यकीन है कि इस संबंध में जरूर फैसला लिया जाएगा।

– वित्त मंत्री ने बजट 2018 में कहा कि टैक्स देने वाले 19.25 लाख लोग बढ़े हैं। डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 12.6 फीसदी बढ़ा है। इस बार सरकार का इनकम टैक्स कलेक्शन 90 हजार करोड़ रुपए बढ़ा है। वित्त मंत्री ने इसे काले धन के खिलाफ मुहिन का असर बताया। बजट 2018 में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सिर्फ 40,000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन दिया गया है। बजट 2018 में किसानों के लिए उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को टैक्स में 100 फीसदी की छूट दी गई है। सरकार ने 1 फीसदी सेस बढ़ा दिया है। पहले सेस 3 फीसदी था अब इसे बढ़ाकर 4 फीसदी कर दिया गया है। सरकार ने कस्टम ड्यूटी को भी बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। वहीं डीजल और पेट्रोल की कीमत में 2 रुपए प्रति लीटर की कटौती की गई है। अब मोबाइल, टीवी से लेकर विदेशी पैन तक खरीदने के लिए ज्यादा रुपए देने होंगे। वित्त मंत्री ने अगले वित्त वर्ष में विकास दर 7.2 से लेकर 7.4 फीसदी तक रहने का अनुमान लगाया है। इसके अलावा एक्सपोर्ट में भी 17 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। सरकार को 5.95 लाख करोड़ रुपए का घाटा हुआ।

बिटकॉइन जैसी करेंसी नहीं आएगी: वित्त मंत्री ने कहा कि बाजार में कैश का प्रचलन कम हुआ है। बिटकॉइन जैसी करेंसी नहीं चलेगी। क्रिप्टो करेंसी गैरकानूनी है। बजट 2018 की स्पीच में वित्त मंत्री ने कहा कि अगले 3 साल में सरकार सभी क्षेत्रों में 70 लाख नई नौकरियां पैदा करेगी। इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। स्टैंडर्ड डिडक्शन की फिर से शुरुआत कर दी गई है। 40 हजार रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा। मतलब जितनी सैलरी होगी उसमें से 40,000 रुपए घटाकर बचे हुए पैसे पर टैक्स देना होगा। डिपॉजिट पर मिलने वाली छूट 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार की गई। वहीं 250 करोड़ का टर्नओवर करने वाली कंपनियों पर 25 फीसदी टैक्स लगेगा। 99 फीसदी एमएसएमई को 25 फीसदी टैक्स के दायरे में रखा गया है।

बजट 2018 में नए कर्मचारियों के ईपीएफ में सरकार 12 फीसदी देगी। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपाल की सैलरी बढ़ाई जाएगी। बढ़ने के बाद राष्ट्रपति की सैलरी 5 लाख रुपए महीने हो जाएगी। वहीं उपराष्ट्रपति की सैलरी 4 लाख रुपए महीने और राज्यपाल की सैलरी 3.5 लाख रुपए महीने हो जाएगी। सांसदों के भत्ते हर पांच साल में बढ़ेंगे। एयरपोर्ट की संख्या 5 गुना करने की कोशिश की जा रही है। स्मार्ट सिटी के लिए 99 शहर चुने गए हैं। 100 स्मारकों को आर्दश बनाया जाएगा। धार्मिक पर्यटन शहरों के लिए हेरिटेज योजना बनाई जाएगी।

स्कूलों में ब्लैक बोर्ड की जगह डिजिटल बोर्ड: वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी को आसान बनाने की कोशिश जारी है। प्री नर्सरी से 12वीं तक की शिक्षा देने पर जोर दिया जाएगा। डिजिटल पढाई को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा। बच्चों को स्कूल तक पहुंचाना बड़ा लक्ष्य है। आदिवासियों के लिए एकलव्य विद्यालय बनाए जाएंगे। बडोदरा में रेलवे यूनिवर्सिटी बनेगी। स्कूलों में ब्लैक बोर्ड की जगह डिजिटल बोर्ड लगाए जाएंगे। व्यापार शुरू करने के लिए मुद्रा योजना के लिए 3 लाख करोड़ रुपए का फंड और छोटे उद्योगों के लिए 3,794 करोड़ रुपए खर्च होंगे। हेल्थ वेलनेस केंद्र बनाने पर 1,200 करोड़ का फंड खर्च किया जाएगा। 10 करोड़ गरीब परिवारों को मेडिकल खर्च मिलेगा। हर परिवार को एक साल में 5 लाख का मेडिकल खर्च मिलेगा। देश की 40 फीसदी आबादी को सरकारी हेल्थ बीमा मिलेगा। 24 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।

आलू, प्याज और टमाटर के लिए 500 करोड़: वित्त मंत्री ने 2022 तक हर गरीब को घर देने का ऐलान किया गया है। देश में 2 करोड़ शौचालय और बनाए जाएंगे। सभी फसलों का समर्थन मूल्य मिलेगा अभी कुछ ही फसलों का मिलता है। 4 करोड़ घरों में सौभाग्य बिजली योजना से कनेक्शन दिया जाएगा। नया ग्रामीण बाजार ई-नैम बनाने का ऐलान किया गया। खरीफ की फसल का समर्थन मूल्य उत्पादन की लागत से डेढ़ गुना है। आलू प्याज टमाटर के लिए ऑपरेशन ग्रीन। आलू, प्याज और टमाटर के लिए 500 करोड़ रुपए मिलेंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड पशु पालकों को भी मिलेगा। 42 मेगा फूड पार्क बनाए जाएंगे। हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे। अर्थव्यवस्था पटरी पर है। हम 2.5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था हैं। हमारा फोकस गांव के विकास पर होगा। सरकार ने पारदर्शी शासन दिया है। सर्विस सेक्टर में 8 फीसदी की दर से तरक्की हो रही है। सरकारी सेवाएं ऑनलाइन करने का प्रयास किया जा रहा है। 2 से 3 दिन में पासपोर्ट बनकर घर आ जाता है। 1 दिन में कंपनी रजिस्टर हो जाती है। ईज ऑफ लिविंग पर जोर दे रहे हैं। दवाईयां कम कीमत पर बेची जा रही हैं।

1 फरवरी को 11 बजे आम बजट पेश कर दिया गया है। बजट पेश करने के लिए वित्त मत्री अरुण जेटली संसद पहुंच चुके हैं। इस बार वित्त मंत्री पूरा बजट भाषण हिंदी में देंगे। इसमें सिर्फ टैक्स और कॉरपोरेट का पार्ट अंग्रेजी में होगा। अभी तक बजट अंग्रेजी में पेश होता आया है। आम बजट को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इससे पहले वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। मोदी सरकार के इस कार्यकाल का यह आखिरी पूर्ण आम बजट है। यह बजट राज्यों में आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए लोकलुभावन हो सकता है। आम बजट पर नौकरीपेशा लोगों से लेकर कारोबारियों तक की निगाहें हैं। सबको बस एक उम्मीद है कि वित्त मंत्री के सूटकेस से उनके लिए कुछ न कुछ तो जरूर निकलेगा।

बजट सत्र के पहले दिन अपने संबोधन में पीएम मोदी ने संकेत दिया था कि बजट न केवल देश की इकोनॉमी की रफ्तार को सपोर्ट देने वाला होगा बल्कि इसमें आम लोगों की आशाओं को भी पूरा किया जाएगा। पीएम के इस संकेत के बाद बजट में करदाताओं के लिए राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है। केंद्रीय वित्‍त राज्‍य मंत्री शिव प्रताप शुक्‍ला ने कहा है कि यह ‘एक अच्‍छा बजट होगा। इससे आम जनता को फायदा मिलेगा।’ वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी संकेत दिए थे कि इस बार बजट में किसानों का खास ख्याल रखा जाएगा। हाल ही में आई इकोनॉमिक सर्वे रिपोर्ट में आने वाले वित्त वर्ष में विकास दर 7 फीसदी से लेकर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। जीएसटी लागू होने के बाद मोदी सरकार का यह पहला आम बजट है।

BUDGET 2018 LIVE: यहां देखें संसद से आम बजट 2018 का लाइव कवरेज

– इस बार लोगों को चाहते हैं कि इनकम टैक्स में छूट की सीमा बढ़े, होम लोन पर टैक्स छूट मिले। वहीं पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी कम की जाए। इस बार यह भी किसानों की कर्ज माफी होगी या नहीं यह भी देखना है।

– इस बार वित्त मंत्री पूरा बजट भाषण हिंदी में देंगे। अभी तक बजट अंग्रेजी में पेश होता आया है। इससे पहले वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। मोदी सरकार के इस कार्यकाल का यह आखिरी पूर्ण आम बजट है।

– रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा भी संसद पहुंच चुके हैं। आज कारोबारी दिन है। बजट आने से पहले ही सेंसेक्स में 200 अंक की बढ़त हो गई है। थोड़ी ही देर में पीएम नरेंद्र मोदी भी संसद पहुंचने वाले हैं।

– इस बार बजट की केवल 2,500 कॉपी ही छपी हैं। हर साल 8,000 कॉपी छापी जाती थीं। बजट के दस्तावेज संसद पहुंच चुके हैं। थोड़ी ही देर में वित्त मंत्री अरुण जेटली भी संसद पहुंचेंगे। इस बार बजट में मध्यम वर्ग को राहत मिल सकती है।

– 2013 के बजट में तब वित्त मंत्री पी चिंदबरम ने युवाओं के स्किल डिवेलपमेंट के लिए 1,000 करोड़ रुपए आवंटित किए थे। नेशनल फूड सिक्योरिटी बिल पास होने की उम्मीद से 10,000 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था। 16 दिसंबर 2012 की गैंगरेप की घटना के बाद निर्भया फंड के नाम पर 1,000 करोड़ रुपए दिए थे।

– बजट में वित्त मंत्री जेटली युवाओं, महिलाओं, गांव, नौकरीपेशा लोगों, किसान, हेल्थ और शिक्षा पर विशेष जोर दे सकते हैं। इसी के तहत अरुण जेटली अगले वित्त वर्ष में आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर तीन लाख कर सकते हैं।

– यह केंद्र सरकार के इस कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है। अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं। वहीं साल 2018 में 4 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावों को देखते हुए इस बार बजट लोकलुभावन हो सकता है।

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