Budget 2026 : New Tax Saving Sections to Watch Out For : इस बार का बजट टैक्सपेयर्स के लिए खास होने वाला है, क्योंकि सरकार पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 के कई जाने-पहचाने सेक्शन्स जैसे 80C, 80D, 80E और 80G को नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 में नई सेक्शन नंबरिंग के साथ पेश करने जा रही है। यानी टैक्स बचाने के नियम खत्म नहीं हो रहे, बल्कि उन्हें नए एक्ट में नए सेक्शन्स में अरेंज किया गया है। वित्त मंत्री के बजट भाषण में जब इन नए सेक्शन्स का जिक्र होगा, तो टैक्सपेयर्स को यह समझने में दिक्कत हो सकती है कि सेक्शन 80C अब कहां गया और 80D अब किस नाम से मिलेगा। भाषण से पहले अगर आप यह जान लेंगे कि कौन-से पुराने सेक्शन के टैक्स सेविंग प्रावधान अब किस नए सेक्शन में मिलेंगे, तो नए बजट को समझना आसान हो जाएगा। 

पुराने टैक्स सेविंग सेक्शन क्यों बदले

सरकार ने नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 टैक्स सिस्टम को ज्यादा सरल और कम उलझाऊ बनाने के लिए तैयार किया है। पुराने कानून में अलग-अलग जगह फैली हुई कटौतियों, छूट और रिबेट को अब एक नये ढांचे में रखा गया है। मकसद यह है कि टैक्स कानून पढ़ना और समझना आसान हो जाए। हालांकि सेक्शन्स के नाम बदलने से टैक्सपेयर्स को शुरुआत में कन्फ्यूजन हो सकता है।

सेक्शन 80C अब कहां मिलेगा

अब तक जीवन बीमा प्रीमियम, पीपीएफ, ईपीएफ, ईएलएसएस, सुकन्या समृद्धि योजना, होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट और बच्चों की ट्यूशन फीस जैसे आइटम्स पर मिलने वाली 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट सेक्शन 80C के तहत मिलती थी। नए कानून में टैक्स सेविंग से जुड़े यही ऑप्शन सेक्शन 123 (Schedule XV) में दिए गए हैं। यानी फायदा वही रहेगा, बस सेक्शन नंबर बदल जाएगा।

NPS, हेल्थ इंश्योरेंस और एजुकेशन लोन प छूट

नए एक्ट में अलग-अलग पॉपुलर टैक्स सेविंग ऑप्शन्स को अलग-अलग नई धाराओं में रखा गया है। मिसाल के तौर पर : 

  • NPS से जुड़ी कटौती अब सेक्शन 124 में आएगी, जो पहले 80CCD(1), 80CCD(1B) और 80CCD(2) में थी।
  • हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर मिलने वाली छूट अब सेक्शन 126 में होगी, जो पहले 80D में मिलती थी।
  • एजुकेशन लोन के ब्याज पर छूट अब सेक्शन 129 में दी जाएगी, जो पहले 80E के तहत मिलती थी।

इस बदलाव से नियम नहीं बदल रहे, बल्कि उन्हें नए नंबर के साथ पेश किया जा रहा है।

होम लोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल और डोनेशन पर छूट

होम लोन के इंटरेस्ट पेमेंट पर मिलने वाली अतिरिक्त छूट, जो पहले 80EE और 80EEA में थी, अब सेक्शन 130 और 131 के तहत मिलेगी।

इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने पर मिलने वाली छूट अब सेक्शन 132 में मिलेगी, जो पहले 80EEB में मिलती थी। डोनेशन पर टैक्स छूट, जो अब तक 80G में मिलती थी, वह अब सेक्शन 133 के तहत दी जाएगी।

सैलरी, रिबेट और नई टैक्स व्यवस्था

सैलरी से जुड़े स्टैंडर्ड डिडक्शन और अन्य छूट को अब सेक्शन 19 में शामिल किया गया है।
न्यू टैक्स रिजीम, जो पहले 115BAC के नाम से जानी जाती थी, अब सेक्शन 202 कहलाएगी।
जो टैक्स रिबेट अब तक सेक्शन 87A के तहत मिल रही थी, वह अब सेक्शन 156 के तहत दी जाएगी।

कैपिटल गेन से जुड़े सेक्शन भी बदले

प्रॉपर्टी बेचने पर मिलने वाले मुनाफे पर लागू टैक्स से जुड़े नियम और छूट भी नए सेक्शन में चले गए हैं। जैसे

  • घर बेचने पर होने वाले मुनाफे से जुड़ी जो टैक्स छूट पहले 54 में थी, वह अब सेक्शन 82 में होगी। 
  • लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स जो पहले 112A में कवर होता था, वह अब अब सेक्शन 198 में आएगा।
  • शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स जो पहले 111A के तहत आता था, अब सेक्शन 196 में होगा। 

टैक्सपेयर्स के लिए जानना जरूरी

इस बदलाव का मतलब यह नहीं है कि टैक्स बचाने के रास्ते बंद हो गए हैं। असल में रास्ते वही हैं, बस उनके नाम बदल गए हैं। शुरुआत में यह बदलाव थोड़ा उलझन भरा लग सकता है, लेकिन बजट में नए सेक्शन का जिक्र होने पर अगर टैक्सपेयर्स को उनसे जुड़े पुराने सेक्शन की जानकारी होगी, तो नए प्रावधानों को समझना कुछ आसान हो जाएगा।

नए सेक्शन (इनकम टैक्स एक्ट 2025)पुराने सेक्शन (इनकम टैक्स एक्ट 1961) 
सेक्शन 123 (शेड्यूल XV): (Deduction for life insurance premia, PF, ELSS, etc)सेक्शन 80C, 80CCE, 80CCC
सेक्शन 124 (शेड्यूल XV): (Deduction for employee/employer NPS contribution)सेक्शन 80CCD(1), 80CCD(1B), 80CCD(2)
सेक्शन 125 (Deduction for contribution to Agnipath Scheme)सेक्शन 80CH
सेक्शन 126 (Deduction for health insurance premia)सेक्शन 80D
सेक्शन 127 (Deduction for dependent with disability)सेक्शन 80DD
सेक्शन 128 (Deduction for medical treatment of specified diseases)सेक्शन 80DDB
सेक्शन 129 (Deduction for education loan interest)सेक्शन 80E
सेक्शन 130 (Deduction for interest on home loan – affordable housing)सेक्शन 80EE
सेक्शन 131 (Deduction for interest on loan for certain house properties)सेक्शन 80EEA
सेक्शन 132 (Deduction for purchase of electric vehicle)सेक्शन 80EEB
सेक्शन 133 (Deduction for donations to charitable institutions)सेक्शन 80G
सेक्शन 134 (Deduction for rent paid)सेक्शन 80GG
सेक्शन 135 (Deduction for scientific research / rural development donations)सेक्शन 80GGA
सेक्शन 136 (Company contributions to political parties)सेक्शन 80GGB
सेक्शन 137 (Individual contributions to political parties)सेक्शन 80GGC
सेक्शन 153 (Deduction for savings bank interest)सेक्शन 80TTA, सेक्शन 80TTB
सेक्शन 154 (Deduction for person with disability)सेक्शन 80U
सेक्शन 22 (Deductions from income from house property)सेक्शन 24B
सेक्शन 11 (शेड्यूलs II–VII) (Incomes not included in total income)सेक्शन 10
सेक्शन 19 (Salary deductions including standard deduction)सेक्शन 16, 10(10), 10(10A), 10(10AA), 10(10B), 10(10C)
सेक्शन 202 (New tax regime for individuals and HUF)सेक्शन 115BAC(2)
सेक्शन 156 (Rebate for certain individuals)सेक्शन 87A
सेक्शन 82 (Capital gains exemption on sale of residential property)सेक्शन 54
सेक्शन 83 (Capital gains exemption for agricultural land)सेक्शन 54B
सेक्शन 84 (Capital gains exemption on compulsory acquisition)सेक्शन 54D
सेक्शन 85 (Capital gains exemption on investment in certain bonds)सेक्शन 54EC
सेक्शन 86 (Capital gains exemption on investment in residential house)सेक्शन 54F
सेक्शन 198 (Long‑term capital gains tax – LTCG)सेक्शन 112A
सेक्शन 196 (Short‑term capital gains tax – STCG)सेक्शन 111A
सेक्शन 157 (Relief for salary arrears/advance)सेक्शन 89