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IRCTC, INDIAN RAILWAYS की इन सेवाओं से संतुष्ट नहीं नेता, संसद में उठाए सवाल

IRCTC Indian Railways: तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि ट्रेनों में मिलने वाले खान-पान की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें रही हैं। आईआरसीटीसी के जरिए इसे और साफ-सफाई को दुरुस्त करने की जरूरत है।

Author नई दिल्ली | Published on: July 11, 2019 6:47 PM
सांसदों ने रेलवे की कई सेवाओं की आलोचना की। फोटो: इंडियन एक्सप्रेस

IRCTC Indian Railways: कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने बृहस्पतिवार को सरकार पर आरोप लगाया कि आम बजट में रेलवे में सार्वजनिक निजी साझेदारी, निगमीकरण और विनिवेश पर जोर दिया गया है जो निजीकरण पर ले जाने का रास्ता है। विपक्ष ने सरकार को घेरने का प्रयास करते हुए कहा कि सरकार को बड़े वादे करने की बजाए रेलवे की वित्तीय स्थिति सुधारने तथा सुविधा, सुरक्षा एवं सामाजिक जवाबदेही का निर्वहन सुनिश्चित करना चाहिए। वहीं, सत्तारूढ़ भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रेलवे रोजाना नये प्रतिमान और कीर्तिमान गढ़ रहा है और पिछले पांच वर्षो में साफ-सफाई, सुगमता, सुविधाएं, समय की बचत और सुरक्षा आदि हर क्षेत्र में सुधार हुआ है और अब सरकार का जोर रेलवे में वित्तीय अनुशासन लाने पर है।

लोकसभा में वर्ष 2019-20 के लिये रेल मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदानों की मांगों पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि आम बजट में रेलवे में सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी), निगमीकरण और विनिवेश पर जोर दिया गया है जो भारतीय रेल का निजीकरण नहीं करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वाराणसी में किये वादे के खिलाफ है। चौधरी ने आरोप लगाया कि रायबरेली कोच फैक्टरी सहित सात रेल उत्पादन इकाइयों का निगमीकरण करने की पहल की जा रही है। यह निजीकरण की ओर बढ़ने का रास्ता है ।

उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल के कारण आम लोगों और श्रमिकों में खलबली मच गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी में कहा था कि रेलवे का निजीकरण नहीं किया जायेगा, लेकिन आम बजट में रेलवे में पीपीपी, निगमीकरण और विनिवेश पर जोर दिया गया है। कांग्रेस के चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार के दौरान पिछले वर्षो में ट्रेनों की समय की पाबंदी की स्थिति खराब हुई है, काफी संख्या में ट्रेनें रद्द करने की घटनाएं सामने आई हैं, ट्रेनों की रफ्तार घटी है और सरकार कह रही है कि ‘‘ये बेच दो, वो बेच दो।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार बुलेट ट्रेन की बात करती है लेकिन मालगाड़ियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ट्रेनों से माल ढुलाई की मात्रा में लगातार गिरावट दर्ज की गई है।’’ उन्होंने कहा कि रेलवे जब तक अपनी कमाई नहीं बढ़ायेगी तब तक रेलवे को चुस्त दुरूस्त नहीं किया जा सकेगा । लेकिन यह खेदजनक है कि सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण कोष डीआरएफ फंड के मद में इस बजट में कटौती की गई है। कनिमोझी ने कहा कि इस सरकार में योजनाओं का नाम हिंदी में होता है जिससे तमिलनाडु में लोगों को समझ नहीं आता। हमारी मांग है कि योजनाओं और रेलवे स्टेशनों के नाम क्षेत्रीय भाषाओं में भी होने चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि ट्रेनों में मिलने वाले खान-पान की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें रही हैं। आईआरसीटीसी के जरिए इसे और साफ-सफाई को दुरुस्त करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में बुलेट ट्रेन व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है इसलिए बुलेट ट्रेन की बातें सिर्फ अफवाह हैं। यहां हाईस्पीड स्टेशन ही संभव है। बंदोपाध्याय ने सवाल किया कि सरकार रेलवे में रिक्तियों को कब भरेगी?

वाईएसआर कांग्रेस के दुर्गा प्रसाद दास ने कहा कि आंध्र प्रदेश में रेलवे परियोजनाओं के विकास के लिए सरकार पूरी मदद दे। उन्होंने कहा कि तिरूपति रेलवे स्टेशन का विकास होना चाहिए क्योंकि वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। शिवसेना के राजन विचारे ने कहा कि ठाणे रेलवे स्टेशन ऐतिहासिक स्टेशन है जिसके विकास की जरूरत है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के लिए घोषित रेलवे परियोजनाओं का काम एक साल के अंदर शुरू होना चाहिए ताकि काम पूरा हो सके। जनता दल (यू) के दिनेश्वर कामत ने बजट में रेलवे से जुड़ी घोषणाओं का स्वागत किया और कहा कि खुशी की बात है कि कोशी क्षेत्र में रेलवे परियोजना का काम शुरू हुआ है।

बीजू जनता दल के चंद्रशेखर साहू ने कहा कि ओडिशा में रेलवे परियोजनाओं की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ओडिशा से विभिन्न बड़े शहरों के बीच ट्रेनें शुरू होनी चाहिए। साहू ने कहा कि फोनी तूफान से पुरी रेलवे स्टेशन को बहुत नुकसान हुआ है, इसके विकास की जरूरत है। भाजपा के गोपाल शेट्टी ने रेलवे की जमीन पर बसे लोगों को हटाये जाने की स्थिति में उन्हें तत्काल आवास मुहैया कराने की मांग की। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को इस संबंध में त्वरित निर्णय लेने चाहिए। शेट्टी ने पीपीपी मॉडल को बढ़ावा देने की मांग करते हुए यह भी कहा कि अगर लोग अधिक किराया देकर यात्रा करने को तैयार हैं तो ऐसे मार्गों पर निजी परिचालन पर सरकार को विचार करना चाहिए।

तेलंगाना राष्ट्र समिति के एम श्रीनिवास रेड्डी ने अपने राज्य में रेलवे परियोजनाओं को पूरा करने की मांग की। भाजपा के सुधीर गुप्ता ने रेलवे का इतिहास बताते हुए कहा कि 2014 तक रेल निराशा के दौर में थी जिसे मोदी सरकार ने इस दौर से बाहर निकाला। राकांपा के सुनील तटकरे ने कोंकण रेलवे के लिये अनुदान की मांग की।
लोक जनशक्ति पार्टी के रामचंद पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास कर रहा है। उन्होंने अपने क्षेत्र समस्तीपुर में रेल परियोजनाओं को पूरा करने एवं नई परियोजनाओं की मांग की।

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