Budget 2026 : ICAI Suggestion : बजट 2026 से पहले नए इनकम टैक्स कानून के सर्च और सीज़र से जुड़े नियमों की चर्चा भी हो रही है। सवाल यह है कि टैक्स अधिकारियों को टैक्स चोरी पकड़ने के नाम पर किसी व्यक्ति की प्राइवेसी में किस हद तक दखल देने का अधिकार होना चाहिए। इसी मुद्दे पर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की शीर्ष संस्था आईसीएआई (ICAI) ने सरकार को इनकम टैक्स एक्ट 2025 के सेक्शन 247 में बदलाव का सुझाव दिया है। ICAI का कहना है कि तलाशी के दौरान टैक्स अधिकारियों का अधिकार केवल टैक्सपेयर के ई-मेल की जांच तक ही सीमित रहना चाहिए, ताकि उनकी प्राइवेसी सुरक्षित रहे।
मौजूदा नियम क्या कहते हैं
इनकम टैक्स एक्ट 2025 के सेक्शन 247 के तहत टैक्स अधिकारी तलाशी और जब्ती के दौरान किसी भी तरह की डिजिटल जानकारी की जांच कर सकते हैं। इनमें ई-मेल, सोशल मीडिया अकाउंट, कंप्यूटर सिस्टम में मौजूद सारा डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड शामिल हैं। यानी मौजूदा नियम अधिकारियों को यह अधिकार देते हैं कि वे किसी व्यक्ति के कंप्यूटर या डिजिटल डिवाइस पर मौजूद हर तरह की जानकारी देख सकें।
प्राइवेसी को लेकर चिंता क्यों बढ़ी
आईसीएआई का कहना है कि यह प्रावधान नागरिकों के मौलिक अधिकार, खासकर प्राइवेसी यानी निजता के अधिकार का उल्लंघन कर सकता है। संस्था ने अपने प्री-बजट मेमोरेंडम में साफ तौर पर कहा है कि टैक्स अधिकारियों को बिना किसी लिमिट के लोगों की निजी डिजिटल जानकारी तक पहुंचने की खुली छूट देना चिंता का विषय है। संस्था ने दलील दी है कि निजी ई-मेल, सोशल मीडिया चैट या अन्य निजी बातें सीधे तौर पर टैक्स जांच से जुड़ी नहीं होतीं, फिर भी उन्हें जांच के दायरे में लाना सही नहीं है।
ICAI का सुझाव क्या है
आईसीएआई ने सरकार से मांग की है कि नए कानून के सेक्शन 247(1) में संशोधन करके टैक्स अधिकारियों की पहुंच केवल लोगों के आधिकारिक ई-मेल अकाउंट तक सीमित कर दी जाए। संस्था का मानना है कि इससे टैक्स की जांच का उद्देश्य भी पूरा हो जाएगा और आम नागरिकों की निजी जिंदगी में बेवजह के दखल से भी बचा जा सकेगा। संस्था का मानना है कि ऐसा संशोधन प्राइवेसी के मौलिक अधिकार की रक्षा करेगा और कानून को ज्यादा संतुलित बनाएगा।
कब होती है सर्च और सीज़र की कार्रवाई
इनकम टैक्स विभाग आमतौर पर हर मामले में सर्च और सीज़र यानी तलाशी और जब्ती की कार्रवाई नहीं करता। ऐसी कार्रवाई तभी की जाती है जब अधिकारियों को यह भरोसा हो कि किसी व्यक्ति के पास अघोषित आय या संपत्ति है। इसके अलावा जब कोई टैक्सपेयर नोटिस का जवाब नहीं देता या जरूरी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराता, तब भी सर्च ऑपरेशन किया जा सकता है।
अभी क्या-क्या कर सकते हैं टैक्स अधिकारी
मौजूदा नियमों के तहत टैक्स अधिकारी ऐसी किसी भी इमारत, वाहन या जगह की तलाशी ले सकते हैं, जहां उन्हें इनकम या उससे जुड़े दस्तावेज छिपाए जाने का शक हो। वे लोगों से उनके कंप्यूटर सिस्टम का एक्सेस मांग सकते हैं, पासवर्ड या एक्सेस कोड की जानकारी ले सकते हैं और जरूरत पड़ने पर ताले या डिजिटल लॉक ब्रेक कर सकते हैं। इसके साथ ही वे दस्तावेजों की कॉपी बना सकते हैं, लिस्ट तैयार कर सकते हैं और जरूरी समझे जाने पर कंप्यूटर सिस्टम या अन्य संपत्ति जब्त भी कर सकते हैं।
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बजट 2026 से क्या है उम्मीद
अगर सरकार आईसीएआई के सुझाव को मानती है, तो बजट 2026 में इनकम टैक्स सर्च से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। संस्था का मानना है कि इससे आम लोगों की निजी डिजिटल जानकारी को बेवजह जांच के घेरे में लाए बिना भी टैक्स से जुड़े मामलों की जांच की जा सकेगी। ICAI का मानना है कि यह कदम नए टैक्स कानून और नागरिकों की प्राइवेसी के बीच संतुलन बनाने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
