रविवार को संसद में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में पर्यटन और पुरातत्त्व क्षेत्र को मजबूत करने की नई योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार 15 प्रमुख पुरातात्विक केंद्रों को विकसित करेगी, जिनमें लोथल और हस्तिनापुर भी शामिल हैं। इन केंद्रों को पर्यटन और शिक्षा दोनों के लिए बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकार 20 मशहूर टूरिस्ट साइट्स पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगी। इस योजना के तहत 10,000 गाइडों को प्रशिक्षित किया जाएगा और उनकी स्किल्स को अपग्रेड किया जाएगा, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में माउंटेनियरिंग और ट्रेकिंग पर जोर
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि भारत में माउंटेनियरिंग और ट्रेकिंग के क्षेत्र में विश्व-स्तरीय अनुभव देने की क्षमता है। इसी वजह से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में इकोलॉजिकली सस्टेनेबल ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। इन ट्रेल्स को पर्यावरण का ध्यान रखते हुए तैयार किया जाएगा, जिससे प्रकृति भी सुरक्षित रहे।
इसके अलावा सरकार नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए योजना शुरू करेगी, ताकि मंदिरों और मठों को संरक्षित किया जा सके। इको-टूरिज्म और नेचर-बेस्ड ट्रैवल पर भी जोर दिया गया है।
सरकार पूर्वी घाट की अराकू घाटी और पश्चिमी घाट की पुडिगई मलाई में भी सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स विकसित करेगी। इसके साथ ही वाइल्डलाइफ टूरिज्म के लिए खास ट्रेल्स बनाए जाएंगे। इसमें ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुआ ट्रेल्स और पुलिकट झील के आसपास बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स शामिल हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि ये योजनाएं न केवल भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करेंगी, बल्कि पर्यटन के माध्यम से रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी। साथ ही भारत को वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगी।
