वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री ने रविवार को कहा कि सरकार ने कोरी बयानबाजी के बजाय सुधारों का रास्ता चुना है। उन्होंने लोकसभा में 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि देश ‘विकसित भारत’ बनने की दिशा में कदम उठाता रहेगा। वित्त मंत्री ने 2026-2031 के लिए केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के बंटवारे के लिए 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट भी पेश की। यह आम बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार 9वां बजट है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करने से पहले रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। परंपरा के अनुसार, वित्त मंत्री संसद जाने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मिलीं। राष्ट्रपति भवन जाने से पहले सीतारमण ने कर्तव्य भवन स्थित अपने कार्यालय के सामने अपने बजट दल के साथ तस्वीर खिंचवाई। ‘मैजेंटा’ रंग की रेशमी साड़ी पहने सीतारमण ने राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न वाले एक लाल ‘पाउच’ (थैले) में टैबलेट पकड़ा था। उनके साथ वित्त राज्यमंत्री और उनके मंत्रालय के सभी छह सचिव भी मौजूद रहे। निर्मला ‘ताई’ की बजट स्पीच, बजट से जुड़े हर बड़े अपडेट, फैसले और प्रतिक्रियाओं के लिए हमारे साथ बने रहें…
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कर्तव्य भवन में तैयार पहले बजट से तीन 'कर्तव्यों' की प्रेरणा मिली
सीतारमण ने अपने भाषण में कहा कि कर्तव्य भवन में तैयार पहले बजट से तीन 'कर्तव्यों' की प्रेरणा मिली जो आर्थिक वृद्धि को तेज और टिकाऊ बनाना, आकांक्षाओं को पूरा करना एवं क्षमता का निर्माण और सबका साथ, सबका विकास हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने हमेशा अनिश्चितता पर कार्रवाई, बयानबाजी पर सुधार और लोकलुभावन घोषणाओं पर लोक को प्राथमिकता दी है। इस बजट का समापन भी किसी कविता या उद्धरण के बजाय 'जीवन यापन की सुविधा' के मुद्दे पर हुआ। उन्होंने कहा कि ईमानदार करदाता अब दंड के बजाय अतिरिक्त राशि देकर मामलों को बंद कर सकेंगे। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण का समापन भी 'जय हिंद' के साथ किया।
वायदा कारोबार में चांदी 26,273 रुपये लुढ़ककर 2.65 लाख रुपये पर, निचला सर्किट लगा
लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रहने के बीच, वायदा कारोबार में रविवार को चांदी की कीमत 26,273 रुपये प्रति किलोग्राम या नौ प्रतिशत लुढ़कते हुए 2.65 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई, जबकि सोना तीन प्रतिशत टूटकर 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया जहां निवेशक ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली कर रहे थे। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में, मार्च महीने में डिलिवरी वाली चांदी की कीमत 26,273 रुपये, या नौ प्रतिशत लुढ़ककर 2,65,652 रुपये प्रति किलोग्राम के अपने निचले सर्किट पर बंद हुई।
वृद्धि, समावेशन का संयोजन करने वाला साहसिक बजट: सुनील मित्तल
भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और चेयरमैन सुनील मित्तल ने रविवार को कहा कि केंद्रीय बजट में बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने, ऊर्जा दक्षता पर ध्यान केंद्रित करने और डेटा सेंटर परिवेश को प्रोत्साहन देने से भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था में विश्वास मजबूत होगा। मित्तल ने इसे विकास और समावेश को संयोजित करने वाला एक साहसिक बजट बताया और कहा कि कौशल विकास पर जोर के साथ विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान में लगातार निवेश समय पर किया गया कदम है, जो घरेलू क्षमताओं को मजबूत करेगा और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आयात की जगह घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देगा। मित्तल ने कहा कि बजट में बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के उपाय, ऊर्जा दक्षता पर ध्यान केंद्रित करना और डेटा सेंटर परिवेश को प्रोत्साहन देना, भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था में विश्वास को और मजबूत करेगा।
बेंगलुरु, वाराणसी, सूरत समेत सात शहरी आर्थिक क्षेत्रों की योजना, 5,000 करोड़ रुपये आवंटन का प्रस्ताव
केंद्रीय बजट 2026-27 में गृह मंत्रालय के लिए 2.55 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि निर्धारित की गई है, जो 2025-26 के बजट अनुमान 2.33 लाख करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 9.44 प्रतिशत अधिक है। बजट में गृह मंत्रालय के लिए कुल धनराशि का 68 प्रतिशत हिस्सा यानी लगभग 1.73 लाख करोड़ रुपये पुलिस मद के लिए निर्धारित किया गया है। इसमें खुफिया ब्यूरो (आईबी), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल जैसे सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और सीआईएसएफ, सीमा विकास कार्यक्रम, तथा दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के पुलिस बलों के लिए निधि शामिल है। एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पुलिस मद के तहत मंत्रालय के बजट आवंटन में पूंजीगत व्यय में भारी वृद्धि हुई है, जो 2025-26 के 16,579.19 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर इस बजट में 21,272.47 करोड़ रुपये हो गया है, यानी इसमें 4,693.28 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है, जो सुरक्षा बलों के आधुनिकीकरण और अवसंरचना परियोजनाओं में निवेश के सरकार के रुख को दर्शाती है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय को बजट में 2.55 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए
केंद्रीय बजट 2026-27 में गृह मंत्रालय के लिए 2.55 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि निर्धारित की गई है, जो 2025-26 के बजट अनुमान 2.33 लाख करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 9.44 प्रतिशत अधिक है। बजट में गृह मंत्रालय के लिए कुल धनराशि का 68 प्रतिशत हिस्सा यानी लगभग 1.73 लाख करोड़ रुपये पुलिस मद के लिए निर्धारित किया गया है। इसमें खुफिया ब्यूरो (आईबी), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल जैसे सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और सीआईएसएफ, सीमा विकास कार्यक्रम, तथा दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के पुलिस बलों के लिए निधि शामिल है।
बजट में डिविडेंड म्यूचुअल फंड आय से जुड़े ब्याज खर्चों पर कटौती खत्म करने का प्रस्ताव
सरकार ने रविवार को डिविडेंड और म्यूचुअल फंड आय से संबंधित ब्याज खर्चों पर मिलने वाली कटौती को खत्म करने का प्रस्ताव रखा। बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि इस प्रस्ताव से वह मौजूदा प्रावधान खत्म हो जाएगा, जिसके तहत लाभांश या म्यूचुअल फंड आय के 20 प्रतिशत तक के ब्याज खर्चों पर कटौती की अनुमति मिलती थी। आम बजट 2026-27 के अनुसार, ''यह प्रस्ताव है कि लाभांश आय या म्यूचुअल फंड की इकाइयों से होने वाली आय के संबंध में किए गए किसी भी ब्याज व्यय पर कोई कटौती नहीं दी जाएगी। साथ ही, एक तय सीमा तक ऐसी कटौती की अनुमति देने वाले मौजूदा प्रावधान को हटाने का भी प्रस्ताव है।'' यह बदलाव आयकर अधिनियम, 2025 का हिस्सा है, जो एक अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। अब अगर निवेशक कर्ज लेकर निवेश करते हैं, तो उनके ऋण के ब्याज जैसे खर्चों को लाभांश या म्यूचुअल फंड आय से घटाया नहीं जाएगा। इससे ऐसी आय पर कर योग्य राशि प्रभावी रूप से बढ़ जाएगी।
सरकार को पान मसाला पर लगने वाले उपकर से 14,000 करोड़ रुपये की आय की उम्मीद
सरकार को वित्त वर्ष 2026-27 में पान मसाला विनिर्माण पर लगाए गए स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर से 14,000 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होने की उम्मीद है। पान मसाले पर एक फरवरी से स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर लगाया गया है, जो 40 प्रतिशत जीएसटी के ऊपर अतिरिक्त है। इस उपकर की गणना पान मसाला बनाने वाली इकाइयों की उत्पादन क्षमता के आधार पर की जाएगी। 40 प्रतिशत जीएसटी को जोड़ने के बाद पान मसाले पर कुल कर भार 88 प्रतिशत ही रहेगा। बजट दस्तावेजों के अनुसार, सरकार को चालू वित्त वर्ष के शेष दो महीनों (फरवरी और मार्च) में स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर से 2,330 करोड़ रुपये और 2026-27 में 14,000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है।
Budget 2026 LIVE: शिक्षा को और बेहतर बनाना है बजट का मकसद- सुकांत मजूमदार
बजट 2026 पर केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, "बजट का मुख्य उद्देश्य स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन और सतत विकास है... शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट में 8.27% की वृद्धि की गई है... इस बजट का उद्देश्य देश में शिक्षा को और बेहतर बनाना है क्योंकि शिक्षा हमारे समाज की रीढ़ है..."
Budget 2026 LIVE: केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बजट को बताया दूरदर्शी
बजट 2026 पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, "यह एक दूरदर्शी बजट है, जिसका उद्देश्य कल्याणकारी और विकसित भारत के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए देश के आर्थिक विकास की गति को एक नई दिशा देना है। यह एक सर्व-समावेशी और व्यापक बजट है जो भारत को विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक शक्तियों में से एक के रूप में स्थापित करने में योगदान देगा। यह देश की युवा शक्ति के लिए बनाया गया बजट है। मैं इस ऐतिहासिक आत्मनिर्भर भारत बजट के लिए प्रधानमंत्री मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी पूरी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।"
Budget 2026 LIVE: आम आदमी को कोई राहत नहीं मिली- प्रियंका चतुर्वेदी
बजट पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "इस बजट की खास बात यह है कि बीएसई के सभी शेयर लाल निशान में हैं। सरकार बजट से जुड़ी उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतरी है। मुझे उम्मीद थी कि यह बजट देश की आर्थिक चुनौतियों का सामना करने की दिशा देगा। आम आदमी को कोई राहत नहीं मिली है..."
Budget 2026 LIVE: प्रधानमंत्री देश को गलत दिशा में ले जा रहे हैं- जीतू पटवारी
बजट पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का वादा किया था, 2022 तक देश को नई दिशा देने की बात कही थी और 100 स्मार्ट शहरों के विकास का संकल्प लिया था... आज पेश किया गया बजट यह संदेश देता है कि प्रधानमंत्री देश को गलत दिशा में ले जा रहे हैं... यह बजट कृषि के संबंध में उनके भाषणों के बिल्कुल विपरीत है..."
Budget 2026 LIVE: विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करेगा बजट- बृजेश पाठक
बजट पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा, "बजट का हम स्वागत करते हैं। हम वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई देते हैं। यह बजट विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करेगा। यह बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाला बजट है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह गति प्रदान करने वाला बजट है… निर्यात क्षेत्र हो या इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग, हर क्षेत्र को मजबूत किया गया है। हम यह भी कह सकते हैं कि हमारे किसानों, लघु व्यवसायियों और मछुआरों पर विशेष ध्यान दिया गया है।"
Budget 2026 LIVE: पूरी तरह बदल जाएगा देश का परिवहन क्षेत्र- अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट को लेकर कहा, "...दुर्घटनाओं में 95 प्रतिशत की कमी आई है। अब, रखरखाव, ट्रैक रखरखाव, लोको रखरखाव, वैगन रखरखाव, कोच रखरखाव, कवच की तेजी से स्थापना, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, ओवरहेड इलेक्ट्रिकल सिस्टम (ओएचई) को उन्नत करने और नए स्टेशनों के निर्माण पर और अधिक ध्यान केंद्रित करके, सुरक्षा में और सुधार किया जाएगा और ग्राहक सेवा एवं ग्राहक सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। आज के बजट में सात नए हाई-स्पीड कॉरिडोर की घोषणा की गई है… इन सात नए हाई-स्पीड कॉरिडोर की घोषणा के साथ, देश का परिवहन क्षेत्र पूरी तरह से बदल जाएगा।"
Budget 2026 LIVE: यह बजट बड़ी कंपनियों के लिए है- केसी वेणुगोपाल
केंद्रीय बजट 2026 पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, "केरल के लिए क्या घोषणा की गई है? केरल के लिए पूरी तरह से निराशाजनक। पिछले दस वर्षों से वे केरल को एम्स देने का वादा करते आ रहे हैं... यह बजट आम लोगों के लिए नहीं है। यह बजट बड़ी कंपनियों के लिए है... लोग इस बजट का स्वागत कैसे कर सकते हैं? इसमें कुछ भी नहीं है। यह बजट पूरी तरह खोखला है।"
Budget 2026 LIVE: बजट में किसानों के लिए कुछ नहीं- डिंपल यादव
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने केंद्रीय बजट 2026 पर कहा, "इस बजट में कुछ भी नहीं है। सिर्फ खोखले तकनीकी शब्द हैं और इस्तेमाल की गई भाषा ऐसी है कि आम आदमी इसे समझ भी नहीं पाएगा। महिलाओं, युवाओं, उत्पादन के लिए कुछ भी नहीं है और जिस तरह से देश में स्वास्थ्य और शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है, उसके लिए भी कुछ नहीं है... और इस बजट में हमारे किसान भाइयों के लिए भी कुछ नहीं है। यह एक बेहद निराशावादी बजट है।"
Budget 2026 LIVE: दूरदर्शी है बजट- केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, "यह एक दूरदर्शी बजट है और अगले पच्चीस वर्षों के लिए बनाया गया है... इसमें अगले 25 वर्षों का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य भी शामिल है... मुझे खुशी है कि वित्त मंत्री द्वारा आज की गई अधिकांश नई घोषणाएं प्रौद्योगिकी से संबंधित हैं।"
Budget 2026 LIVE: यह एक समावेशी बजट है- पार्थिव नेओटिया
आईसीसी (इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और अंबुजा नेओटिया ग्रुप के संयुक्त निदेशक पार्थिव नेओटिया ने बजट को लेकर कहा, "यह बजट बहुत ही रोचक है। मुझे लगता है कि यह एक समावेशी बजट है। इसमें कई नए क्षेत्रों और सेक्टरों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह एक बहुत ही विस्तृत बजट है, जो मैंने पिछले वर्षों में नहीं देखा है। इसमें सेमीकंडक्टर उद्योग, मत्स्य पालन, वस्त्र उद्योग और स्वास्थ्य सेवा में सुधार जैसे कई नए क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।"
Budget 2026 LIVE: आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 को किया नजरअंदाज- चिदंबरम
बजट 2026 पर कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा, "...मुझे यकीन नहीं है कि सरकार और वित्त मंत्री ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पढ़ा भी है या नहीं। अगर पढ़ा भी है, तो लगता है कि उन्होंने इसे पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है और जनता पर शब्दों, आमतौर पर संक्षिप्त शब्दों की बौछार करने के अपने पसंदीदा शौक पर लौट आए हैं। मैं आर्थिक सर्वेक्षण और कई जानकार विशेषज्ञों द्वारा पहचानी गई कम से कम 10 चुनौतियों को गिन सकता हूं। संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ ने निर्माताओं, विशेष रूप से निर्यातकों के लिए तनाव पैदा कर दिया है...।"
Budget 2026 LIVE: बजट में आम लोगों के लिए कुछ नहीं है- भक्त चरण दास
बजट पर ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, "राहुल गांधी पहले ही कह चुके हैं कि इस बजट में युवाओं के लिए कुछ भी नहीं है और यह विनिर्माण क्षेत्र में विफल रहा है। निवेशक अपना निवेश वापस ले रहे हैं। घरेलू बचत घट रही है, किसान संकट में हैं... इस बजट में आम लोगों के लिए कुछ भी नहीं है।"
केंद्रीय बजट 2026-27 को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने दूरदर्शी और भरोसा बढ़ाने वाला बताते हुए कहा कि यह बजट आर्थिक वृद्धि को गति देने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
एसपीपीएल और भारत में थॉमसन के एक्सक्लूसिव ब्रांड के सीईओ अवनीत सिंह मारवाह ने कहा,“बजट 2026-27 भारत के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की ग्रोथ को तेज़ करने के लिए एक मज़बूत प्लेटफॉर्म देता है। अगर भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनना है, तो फोकस को सिर्फ़ घोषणाओं से हटाकर उनके क्रियान्वयन पर ले जाना होगा। डिज़ाइन-लिंक्ड इंसेंटिव्स, कंपोनेंट लोकलाइज़ेशन को गहराई देना और सेमीकंडक्टर से जुड़ी सप्लाई चेन भारतीय मैन्युफैक्चरर्स को वैल्यू चेन में ऊपर ले जाने के लिए बेहद अहम हैं।”
वित्त वर्ष 2026-27 का बजट
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, ''कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण (CCUS) दिसंबर 2025 में जारी किए गए रोडमैप के अनुरूप, मैं अगले पांच वर्षों में कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण (CCUS) तकनीकों के विकास, विस्तार और अंतिम उपयोग अनुप्रयोगों में उच्च स्तर की तैयारी हासिल करने के लिए ₹20,000 करोड़ के व्यय का प्रस्ताव रखती हूं। यह पहल पांच प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों बिजली, इस्पात, सीमेंट, रिफाइनरी और रसायन उद्योग में लागू की जाएगी।''
बजट में द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों एवं बौद्ध सर्किट पर जोर देने से असम को लाभ मिलेगा
सरकार के बजट में द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों के अवसंरचना विकास पर दिए गए जोर और बौद्ध सर्किटों की घोषणा से असम को लाभ मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) पर ध्यान केंद्रित करना राज्य के लिए भी फायदेमंद होगा, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में लघु एवं मध्यम उद्यम मौजूद हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में घोषणा की कि द्वितीय और तृतीय श्रेणी शहरों और यहां तक कि मंदिर-नगरों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिन्हें आधुनिक अवसंरचना और बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता है। पूर्वोदय राज्यों और पूर्वोत्तर क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए बजट में पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक सुव्यवस्थित केंद्र के साथ एक एकीकृत पूर्वी तट औद्योगिक गलियारे के विकास, पांच पूर्वोदय राज्यों में पांच पर्यटन स्थलों के निर्माण और पूर्वोत्तर क्षेत्र में बौद्ध स्थलों के लिए 4,000 ई-बस के प्रावधान का प्रस्ताव किया गया है।
हेल्थकेयर इंडस्ट्री की राय
फोर्टिस हेल्थकेयर एवं अदायू माइंडफुलनेस, मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के चेयरपर्सन डॉ. समीर पारिख ने कहा, ''मानसिक स्वास्थ्य लंबे समय से सार्वजनिक चर्चा में उतना स्थान नहीं पा सका है, जबकि इसका असर हमारी काम करने की क्षमता, परिवारों और समाज पर गहराई से पड़ता है। बजट 2026 में मानसिक स्वास्थ्य को मिली अहमियत- खास तौर पर विशेष इलाज की पहुंच बढ़ाने के लिए NIMHANS 2.0 स्थापित करने का प्रस्ताव- सरकारी प्राथमिकताओं में एक जरूरी और सकारात्मक बदलाव को दिखाता है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं में निवेश केवल इलाज तक सीमित नहीं है। बल्कि यह सम्मान, समावेशन और लंबे समय तक समाज को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रीय दृष्टिकोण में लोगों के कल्याण को प्राथमिकता देने और नीतियों को जमीन पर प्रभावी इलाज में बदलने वाली व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए मैं माननीय वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करता हूं। ऐसे कदम बड़े स्तर पर जीवन को बेहतर बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और संवेदनशील भारत के निर्माण की उम्मीद जगाते हैं।''
बजट के बाद बोली इंडस्ट्री- भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे
अश्विन सेठ ग्रुप के चीफ बिजनेस ऑफिसर, श्री भाविक भंडारी ने कहा, ''एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड मैन्युफैक्चरर्स के लिए, अनुमानित व्यापार नीतियां और तेज़ कस्टम क्लीयरेंस वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। और ये घोषणाएं उद्योग की लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को दूर करती हैं। भारतीय मैन्युफैक्चरिंग को वैश्विक वैल्यू चेन में और गहराई से एकीकृत करने पर ध्यान 'दुनिया के लिए मेक इन इंडिया' विज़न के साथ अच्छी तरह से मेल खाता है। जैसे-जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार होगा और रेगुलेटरी सुधार होंगे, भारतीय मैन्युफैक्चरर्स एक्सपोर्ट बढ़ाने, वैश्विक ग्राहकों को आकर्षित करने और दुनिया भर में एक भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे।''
Budget 2026 LIVE: राहुल गांधी ने किया बजट पर प्रतिक्रिया देने से इनकार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026–27 पर तत्काल प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए कहा कि वह सोमवार को संसद में अपने विचार रखेंगे।
इससे पहले दिन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। और ऐसा करने वाली भारत की पहली वित्त मंत्री बन गईं। पत्रकारों से संक्षेप में बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वह संसद के पटल पर ही अपनी टिप्पणी देंगे। हालांकि, कांग्रेस पार्टी ने बजट की आलोचना करते हुए इसे निराशाजनक बताया।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि दस्तावेज़ों का विस्तृत अध्ययन किए बिना भी पहले 90 मिनट में यह साफ हो गया कि बजट उन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता जो इसके आसपास बनाई गई थीं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावों में दम नहीं है और बजट भाषण पारदर्शी नहीं था क्योंकि इसमें प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए आवंटन को स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया।
विकास गति को बनाए रखने का रास्ता तैयार
“इस बजट में हमने अर्थव्यवस्था की विकास गति को बनाए रखने का रास्ता तैयार किया है। यह विकसित भारत की दिशा में मार्ग प्रशस्त करता है। विकास के पूरे इकोसिस्टम से जुड़े संरचनात्मक सुधारों को हमने ध्यान में रखा है,”
विकास गति को बनाए रखने का रास्ता तैयार
मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “इस बजट में हमने अर्थव्यवस्था की विकास गति को बनाए रखने का रास्ता तैयार किया है। यह विकसित भारत की दिशा में मार्ग प्रशस्त करता है। विकास के पूरे इकोसिस्टम से जुड़े संरचनात्मक सुधारों को हमने ध्यान में रखा है।”
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस कॉन्फ्रेंस
बजट के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस कॉन्फ्रेंस
इनकम टैक्स स्लैब नहीं बदला, लेकिन डायरेक्ट टैक्स पर बजट में हुए ये अहम ऐलान
बजट 2026 में सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया, इसलिए जिन लोगों को सीधे टैक्स में कटौती की उम्मीद थी, उन्हें थोड़ी निराशा जरूर हुई। लेकिन अगर पूरे बजट को देखा जाए तो डायरेक्ट टैक्स से जुड़े कई ऐसे ऐलान किए गए हैं, जिनका असर आम टैक्सपेयर्स, विदेश में पढ़ाई या इलाज कराने वालों, छोटे निवेशकों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ सकता है। सरकार ने इस बार टैक्स सिस्टम को ज्यादा आसान, पारदर्शी और विवाद-मुक्त बनाने पर फोकस रखा है। यहां पढ़ें पूरी खबर...
