Budget 2026 Expectations by SBI Research : बजट 2026 में क्या सरकार बचत बढ़ाने और पेंशन सिस्टम को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठा सकती है? इस सवाल की वजह है SBI रिसर्च की एक ताजा रिपोर्ट में दिए गए अहम सुझाव, जिनमें एंप्लाईज प्रॉविडेंट फंड (EPF), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और बैंक डिपॉजिट से जुड़े नियमों में बड़े बदलावों की सिफारिश की गई है।
SBI रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि लोगों की सेविंग्स को बढ़ाने और पेंशन से जुड़ी योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए EPF, NPS और बैंक डिपॉजिट से जुड़े टैक्स रूल्स में कई बड़े सुधार करना जरूरी है। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक की रिसर्च टीम की तरफ से तैयार इस रिपोर्ट में कहा गया है कि लोगों को सुरक्षित ऑप्शन्स में निवेश के लिए प्रेरित करने और भविष्य के लिए सामाजिक सुरक्षा का बेहतर ढांचा तैयार करने के लिए ऐसा करना जरूरी है।
बैंक डिपॉजिट को फिर से आकर्षक बनाएं
SBI रिसर्च के मुताबिक घरेलू बचत में बैंक डिपॉजिट की हिस्सेदारी लगातार घटी है। वित्त वर्ष 2023-24 (FY24) में यह 38.7% थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में 35.2% के आसपास आ गई है। इसकी बड़ी वजह यह है कि बैंक डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स का बोझ ज्यादा है, जबकि इनका रिटर्न निवेश के दूसरे विकल्पों के मुकाबले कम नजर आता है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि बैंक डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज को भी टैक्स के लिहाज से कैपिटल गेन की तरह ट्रीट किया जाए, ताकि निवेशकों को टैक्स में राहत मिले और लोग दोबारा बैंक एफडी और सेविंग अकाउंट में पैसे जमा करने के लिए आकर्षित हों।
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टैक्स सेविंग FD का लॉक-इन घटाया जाए
इसके साथ ही रिपोर्ट में यह सुझाव भी दिया गया है कि टैक्स सेविंग एफडी (Tax Saving FD) के लॉक-इन पीरियड को म्यूचुअल फंड की इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम यानी ELSS की तरह 3 साल कर दिया जाए। इससे बैंकों में पैसे रखने को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही SBI रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में सेविंग अकाउंट के ब्याज पर TDS खत्म करने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि छोटे डिपॉजिटर्स को बेवजह कटौती का सामना न करना पड़े।
पेंशन सिस्टम को मजबूत करने पर जोर
SBI रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में धीरे-धीरे बुजुर्गों की आबादी बढ़ रही है। ऐसे में हर व्यक्ति के लिए एक भरोसेमंद पेंशन सिस्टम जरूरी है, जिसमें असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) शुरू की गई है, लेकिन इसमें अब तक बहुत कम सरकारी कर्मचारी जुड़े हैं। लिहाजा इस स्कीम का इसका दायरा बढ़ाने के लिए राज्य सरकारों और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों को भी UPS में शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
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NPS वात्सल्य योजना में टैक्स छूट की सीमा बढ़े
रिपोर्ट में बच्चों के लिए शुरू की गई NPS वात्सल्य योजना में भी अब तक सीमित संख्या में लोगों के जुड़ने का मुद्दा उठाया गया है। साथ ही यह सुझाव दिया गया है कि इसे लोकप्रिय बनाने के लिए NPS में निवेश पर मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा बढ़ाई जाए। इससे माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य के लिए इस स्कीम में निवेश को प्राथमिकता दे सकते हैं।
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EPFO में बड़े सुधार की जरूरत
SBI रिसर्च का मानना है कि EPFO को अब नई तकनीक के साथ NPS की तरह आधुनिक बनाना जरूरी है। इससे सिस्टम ज्यादा पारदर्शी होगा और कर्मचारियों को अपने फंड की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि EPFO और NPS के बीच आपसी तालमेल यानी इंटर-ऑपरेबिलिटी होनी चाहिए, ताकि नौकरी बदलने पर लोगों को अलग-अलग सिस्टम से जूझना न पड़े।
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बड़ी प्राइवेट कंपनियों के लिए NPS अनिवार्य हो
SBI रिसर्च की रिपोर्ट में एक अहम सुझाव यह भी है कि निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में अपने कर्मचारियों के लिए NPS कंट्रीब्यूशन को अनिवार्य किया जा सकता है। यह नियम 100 या 200 से ज्यादा कर्मचारी वाली कंपनियों के लिए लागू किया जा सकता है। रिपोर्ट में दलील दी गई है कि इससे प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों को भी बेहतर पेंशन सिस्टम का फायदा मिलेगा।
