Budget 2026 Costlier Expensive List: देश का आम बजट आज रविवार को पेश किया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से सभी वर्गों को कुछ न कुछ उम्मीदें हैं, लेकिन मिडिल क्लास की नजर इस बार सिर्फ एक सवाल पर टिकी है-आखिर इस बजट में क्या सस्ता होगा और क्या महंगा?
स्मार्टफोन होंगे सस्ते या महंगे?
माना जा रहा है कि इस बार के आम बजट में स्मार्टफोन कुछ सस्ते हो सकते हैं। बिजनेस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मोदी सरकार स्मार्टफोन इंडस्ट्री के प्रति नरम रुख अपना सकती है और स्मार्टफोन पर जीएसटी दरों में कुछ कटौती की जा सकती है। दरअसल, हाल के वर्षों में भारतीय स्मार्टफोन कंपनियों ने घरेलू बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है, जिससे चीनी कंपनियों को नुकसान हुआ और उन्हें अपने उत्पादों की कीमतें घटानी पड़ीं।
हालांकि, दूसरी ओर इस साल चिपसेट महंगे हो चुके हैं। इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ ने भी ग्लोबल सप्लाई चेन को काफी हद तक प्रभावित किया है। इसका सीधा असर स्मार्टफोन की लागत और कीमतों पर पड़ सकता है। ऐसे में सरकार जीएसटी में राहत देकर उपभोक्ताओं को कुछ राहत दे सकती है।
महंगी फिल्म टिकटों से राहत?
एंटरटेनमेंट जगत की नजर भी इस बजट पर टिकी है। महंगी सिनेमा टिकटों की वजह से इंडस्ट्री को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। भले ही कुछ फिल्में ब्लॉकबस्टर रहीं, लेकिन सिनेमा हॉल मालिक और दर्शक दोनों ही परेशान हैं।
ऑरमैक्स बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट 2025 के अनुसार, पिछले साल देशभर में औसत टिकट कीमत 134 रुपये से बढ़कर 161 रुपये तक पहुंच गई। हैरानी की बात यह है कि 2024 की तुलना में 2025 में करीब 5 करोड़ कम दर्शक सिनेमा घरों तक पहुंचे। ऐसे में सिनेमा इंडस्ट्री को उम्मीद है कि बजट के जरिए टिकटों पर टैक्स में राहत मिलेगी, जिससे टिकट सस्ती हों और ज्यादा दर्शक सिनेमाघरों तक लौटें। इससे आम आदमी और सिनेमा कारोबार दोनों को फायदा हो सकता है।
रिटेल सेक्टर को क्या उम्मीद?
बिजनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत का रिटेल सेक्टर तेजी से ग्रो कर रहा है और यह 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ चुका है। ऐसे में इस बार के बजट में महिला उद्यमियों को लेकर भी कुछ बड़े ऐलान हो सकते हैं। अगर सरकार विशेष फंड या सस्ते लोन की व्यवस्था करती है, तो छोटे रिटेलर्स को महंगाई से राहत मिल सकती है।
टेक्सटाइल इंडस्ट्री की भी बड़ी उम्मीदें
टेक्सटाइल इंडस्ट्री को भी इस बार के बजट से काफी उम्मीदें हैं। ई-कॉमर्स और ओम्नी-चैनल मॉडल की वजह से इस सेक्टर में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। अगर जीएसटी ढांचे में कुछ और बड़े सुधार किए जाते हैं, तो इस इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट मिल सकता है।
जानकारों का कहना है कि अगर टेक्सटाइल सेक्टर में MSMEs के लिए कंप्लायंस आसान किया जाए और फैशन कैटेगरी में टैक्स रेट को एक समान किया जाए, तो इसका सीधा असर कपड़ों की कीमतों पर पड़ेगा और वे सस्ते हो सकते हैं।
हेल्थकेयर सेक्टर को भी राहत की उम्मीद
हेल्थकेयर सेक्टर की भी इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि अगर सरकार जरूरी मेडिकल उपकरणों और एपीआई पर कस्टम ड्यूटी कम कर देती है, तो ग्रामीण हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बूस्ट मिल सकता है। इससे सस्ते और सुलभ इलाज का रास्ता भी साफ होगा। आयुष्मान भारत योजना के दायरे को बढ़ाने की भी उम्मीद जताई जा रही है।
LIVE: थोड़ी देर में आएगा देश का आम बजट
अब सवाल यह है कि पिछली बार के बजट में क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा और क्या इस बार भी आम आदमी को वैसी ही राहत मिल पाएगी? यह जानना इसलिए जरूरी हो जाता है क्योंकि इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार का इस बार का बजट किस दिशा में आगे बढ़ने वाला है। नीचे दो टेबल दे रहे हैं जिससे आसानी से समझा जा सकता है कि पिछले बजट के बाद देश में क्या चीजें सस्ती हुईं और क्या चीजें महंगी हो गईं-
| क्रमांक | महंगा हुआ |
| 1 | इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले |
| 2 | बुने हुए कपड़े (निटेड फैब्रिक) |
| 3 | स्मार्ट मीटर |
| 4 | सोलर सेल और सोलर उपकरण |
| 5 | आयातित जूते-चप्पल |
| 6 | कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण |
| 7 | पॉलिमर और प्लास्टिक से जुड़े उत्पाद |
| क्रमांक | सस्ता हुआ |
| 1 | जीवनरक्षक दवाइयां (36 कैंसर/क्रॉनिक दवाइयां) |
| 2 | मोबाइल फोन बैटरी/कंपोनेंट्स |
| 3 | LED/LCD टीवी कंपोनेंट्स |
| 4 | ईवी (EV) बैटरियां & सामग्री |
| 5 | मेडिकल उपकरण/चिकित्सा उपकरण |
| 6 | चमड़ा |
| 7 | फ्रोजन मछली पेस्ट |
| 8 | जहाज निर्माण की कच्ची सामग्री |
| 9 | क्रिटिकल मिनरल/बैटरी निर्माण वस्तुएं |
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