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Budget 2019: एक लाख गांवों को Digital बनाएगी मोदी सरकार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर चलेगा राष्ट्रीय कार्यक्रम

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एवं संबंधित प्रौद्योगिकी के लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए कृत्रिम मेधा पर एक राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

Author February 1, 2019 2:49 PM
सरकार ने महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण मिशन के लिए 1330 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

Union Budget 2019-20 India: वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एवं संबंधित प्रौद्योगिकी के लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए कृत्रिम मेधा पर एक राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। गोयल ने वित्त वर्ष 2019-20 का अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा, ‘‘भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप हब बन गया है। कृत्रिम मेधा और संबंधित प्रौद्योगिकी के लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए सरकार ने कृत्रिम मेधा पर एक राष्ट्रीय कार्यक्रम की परिकल्पना की है। इसे गति देने के लिए उत्कृष्टता केंद्रों के साथ कृत्रिम मेधा पर राष्ट्रीय केंद्र की स्थापना की जाएगी। प्राथमिकता वाले नौ क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है।’’ उन्होंने कृत्रिम मेधा पर पोर्टल की शुरुआत की भी घोषणा की।

उल्लेखनीय है कि प्रौद्योगिकी के विकास के साथ मोबाइल उपकरणों, घरेलू उपकरणों, मौसम पूर्वानुमानों और अन्य चीजों के विश्लेषण के लिए कृत्रिम मेधा का बहुत अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है। गोयल ने कहा कि भारत अब दुनिया में मोबाइल डेटा का सर्वाधिक उपयोग करने वाला देश बन गया है।
उन्होंने कहा कि आगामी पांच वर्ष के दौरान एक लाख गांवों को डिजिटल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में तीन लाख जन सुविधा केन्द्रों (सीएससी) के विस्तार के जरिये इस लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘अब दुनिया में भारत में सबसे सस्ते मोबाइल टैरिफ उपलब्ध है, भारत अब दुनिया में मोबाइल डेटा के उपयोग के मामले में विश्व में अग्रणी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पिछले पांच वर्षों के दौरान मोबाइल डेटा के मासिक उपयोग में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। भारत में अब डेटा और वॉयस कॉल्स की कीमत संभावत: विश्व में सबसे कम हैं।’’

पीयूष गोयल ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ के अंतर्गत भारत मोबाइल पुर्जों की निर्माता कंपनियों के साथ नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘आज मेक इन इंडिया के तहत मोबाइल और मोबाइल पुर्जों की निर्माता कंपनियों की संख्या 2 से बढ़कर 268 से अधिक हो गई है जो रोजगार के अपार अवसर प्रदान कर रही हैं।’’ वित्त मंत्री ने अपने भाषण में जन-धन-आधार-मोबाइल (जेएएम) और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के दूरगामी परिवर्तनों को बताया।

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