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Budget 2018: आर्थिक मोर्चे पर नरेंद्र मोदी और मनमोहन सिंह में किनका रिकॉर्ड बेहतर, जाने यहां

Union Budget 2018 (आम बजट 2018): किस्मत कहें, कमोडिटीज की कीमतों में कमी को वजह मानें या बेहतर प्रबंधन को श्रेय दें, एनडीए सरकार महंगाई को काबू करने के मामले में पूर्ववर्ती यूपीए सरकार से बेहतर साबित हुई है। हालांकि, एनडीएए सरकार आर्थिक वृद्धि को रफ्तार नहीं दे पाई।

नरेंद्र मोदी (बाएं) सरकार नई नौकरियां तैयार करने के मामले में अभी तक मनमोहन सिंह सरकार से पीछे है। (एजेंसी फाइल फोटो)

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को इस नरेंद्र मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट पेश किया। यह उनकी सरकार का पांचवां और संभवत: सबसे कठिन बजट है। इस बजट में जेटली को राजकोषीय लक्ष्यों को साधने के साथ कृषि क्षेत्र के संकट, रोजगार सृजन व आर्थिक वृद्धि को गति देने की चुनौतियों का हल ढूंढना है। यह बजट ऐसे समय में पेश किया जाना है जबकि आने वाले महीनों में आठ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें से तीन प्रमुख राज्यों में बीजेपी की सरकारें हैं। अगले साल आम चुनाव भी होने हैं। इस बीच, कुछ ऐसे आंकड़े हैं जिनके आधार पर एनडीए सरकार अपनी पीठ थपथपा सकती है। किस्मत कहें, कमोडिटीज की कीमतों में कमी को वजह मानें या बेहतर प्रबंधन को श्रेय दें, एनडीए सरकार महंगाई को काबू करने के मामले में पूर्ववर्ती यूपीए सरकार से बेहतर साबित हुई है। हालांकि, एनडीएए सरकार आर्थिक वृद्धि को रफ्तार नहीं दे पाई।

2013-14 में 6.4 प्रतिशत की विकास दर के साथ यूपीए सत्ता से अलग हुई थी। अगर अग्रिम आकलन सही साबित हुए तो एनडीए ने इसे 2017-18 तक बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत करने में कामयाब रही। 2018-19 के लिए 7-7.5% की दर तो प्रोजेक्शन भर है। मंद पड़ती विकास दर की वजह नोटबंदी और जीएसटी का लागू किया जाना है। मोदी सरकार के शुरुआती 2 सालों की बात करें तो उस समयावधि में आर्थिक विकास ने वाकई रफ्तार पकड़ी थी। 2017-18 के लिए टैक्स से मिलने वाले राजस्व की दर का प्रोजेक्शन पिछले साल के मुकाबले कम रहा। जानकार मानते हैं कि जीएसटी की वजह से ऐसा हुआ। हालांकि, इसके बावजूद यह उससे आंकड़े से ज्यादा है, जहां यूपीए सरकार ने छोड़ा था। जानकार मानते हैं कि एनडीए सरकार ने व्यय का प्रबंधन बेहतर ढंग से किया। आइए, कुछ आंकड़ों में समझें कि विभिन्न मोर्चों पर एनडीए और यूपीए सरकार ने किस तरह परफॉर्म किया

जीडीपी ग्रोथ
2013-14 (UPA): 6.4 पर्सेंट
2018-19 (NDA) : 6.5 पर्सेंट *

खुदरा महंगाई दर
2013-14 (UPA): 9.4 पर्सेंट
2017-18 (NDA): 6.6 पर्सेंट **

टैक्स राजस्व में वृद्धि
2013-14 (UPA): 9.9 पर्सेंट
2017-18 (NDA): 12.2 पर्सेंट **

वित्तीय घाटा (जीडीपी के मुकाबले)
2013-14 (UPA): 4.4 पर्सेंट
2017-18 (NDA): 3.2 पर्सेंट **

राजकोषीय व्यय (Expenditure Growth)
2013-14 (UPA): 10.6
2017-18 (NDA): 6.6 पर्सेंट **

नॉन टैक्स रेवेन्यू में वृद्धि
2013-14 (UPA): 44.8 पर्सेंट
2017-18 (NDA): -13.7 पर्सेंट **

सभी आंकड़े बजट पेपर्स, सीएजी, केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय, आरबीआई और इकॉनमिक सर्वे 2017-18 के कागजात पर आधारित है।

* 2017-18 के अग्रिम आकलन (Advance Estimates) के मुताबिक
** बजट अनुमान (Budget Estimates) के मुताबिक

 

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