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BSE ने 554 अंक का गोता लगाया, तीस शेयरों की इंडेक्स में 23 लाल निशान पर हुए बंद

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 195.05 अंक यानी 1.07 अंक की गिरावट के साथ 18,113.05 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 43 शेयर नुकसान में रहे।

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तीस शेयरों का सेंसेक्स कारोबार के अंत में 554.05 अंक यानी 0.90 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 60,754.86 अंक पर आ गया।

रियल्टी, वाहन एवं धातु कंपनियों के शेयरों में नुकसान और वैश्विक बाजारों में जारी बिकवाली के दबाव के बीच सेंसेक्स और निफ्टी में मंगलवार को करीब एक प्रतिशत की बड़ी गिरावट रही। बीएसई (BSE) का तीस शेयरों का सेंसेक्स कारोबार के अंत में 554.05 अंक यानी 0.90 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 60,754.86 अंक पर आ गया। सेंसेक्स के तीस में से 23 शेयर नुकसान में रहे।

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 195.05 अंक यानी 1.07 अंक की गिरावट के साथ 18,113.05 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 43 शेयर नुकसान में रहे। सेंसेक्स की कंपनियों में चार प्रतिशत के साथ मारुति सुजुकी के शेयर में सबसे ज्यादा नुकसान रहा। टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टाटा स्टील , इंडसइंड बैंक और एलएंडटी को भी खासा नुकसान उठाना पड़ा। दूसरी तरफ एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक बैंक, डॉ रेड्डीज, टाइटन और नेस्ले इंडिया के शेयर लाभ में रहे।

क्यों आई गिरावट – जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘कच्चे तेल के दाम में आई तेजी और विदेशी संस्थागत निवेशकों के बिकवाल रहने से घरेलू बाजार में उठापटक देखी गई। अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका के बीच बांड प्रतिफल बढ़ने से वैश्विक स्तर पर बाजारों में बिकवाली का दबाव रहा। इसके साथ ही तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ने से कच्चे तेल के दाम भी बढ़ गए हैं।’

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा शोध प्रमुख दीपक जसानी के मुताबिक, कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू कारोबारियों ने मुनाफावसूली की। इससे निफ्टी पिछले चार कारोबारी दिवसों के निचले स्तर से भी कम पर बंद हुआ। बीएसई मिडकैप सूचकांक 2.2 प्रतिशत गिरा जबकि स्मालकैप में 1.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। क्षेत्रवार आधार पर बुनियादी सामान, दूरसंचार, वाहन, रियल्टी एवं धातु सूचकांकों में 2.76 प्रतिशत तक की गिरावट आई।

विदेशी बाजारों का हाल – कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड के इक्विटी शोध (खुदरा) प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा, ‘बिकवालों का जोर रहने से बाजारों में हालिया बढ़त का दौर थमा और निवेशकों ने मुनाफा कमाने पर जोर दिया। निकट भविष्य में भी निफ्टी के स्तर में कमजोरी देखी जा सकती है।’ एशियाई बाजारों में हांगकांग, तोक्यो और सियोल नुकसान में रहे, जबकि शंघाई सकारात्मक स्तर पर बंद हुआ। यूरोपीय देशों के बाजारों में दोपहर के कारोबार के दौरान भारी बिकवाली का दबाव देखा गया।

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इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.13 प्रतिशत बढ़कर 87.46 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। संयुक्त अरब अमीरात में एक तेल प्रतिष्ठान पर ड्रोन हमले के बाद आपूर्ति चिंताएं बढ़ने से कच्चे तेल में तेजी देखी जा रही है। शेयर बाजार के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 855.47 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की।

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