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अरुण जेटली से मुलाकात के लिए अचानक पहुंची ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे

इस दौरान बैठक में ‘ब्रिटेन में कुछ लोगों के निर्धारित समय से अधिक ठहरने’ का मुद्दा उठा।

Author लंदन | March 1, 2017 2:21 PM
लंदन में 11 डाउनिंग स्ट्रीट में अपने ब्रिटिश समकक्ष फिलिप हामांड से मिलते भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली। (AP/PTI/28 Fab, 2017)

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे मंगलवार (28 फरवरी) को वित्त मंत्री अरूण जेटली और ब्रिटेन के उनके समकक्ष के बीच बैठक में अचानक पहुंच गयी। इस दौरान बैठक में ‘ब्रिटेन में कुछ लोगों के निर्धारित समय से अधिक ठहरने’ का मुद्दा उठा। जेटली ने ब्रिटेन के वित्त मंत्री फिलिप हामांड से लंदन में उनके 11 डाउनिंग स्ट्रीट स्थित कार्यालय में मुलाकात की। दोनों वित्त मंत्रियों की बैठक में ब्रिटेन की प्रधानमंत्री के अचानक पहुंचने को ब्रिटेन की ओर से भारत के प्रति ‘गर्मजोशी के संकेत’ और भारत के साथ रिश्तों में सुधार पर मजबूती के साथ ध्यान दिये जाने के तौर पर बताया गया।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि ब्रेक्जिट और भारत-ब्रिटेन संबंधों पर उसके प्रभाव तथा ‘कुछ लोगों के निर्धारित समय से अधिक ठहरने पर ब्रिटेन में उनका स्वागत’ होने जैसे मुद्दे बैठक में उठे। यह मुद्दा स्पष्ट रूप से शराब कारोबारी विजय माल्या के संदर्भ में रहा है। बैंकों द्वारा किंगफिशर एयरलाइंस से 1.4 अरब डॉलर की वसूली की जानी है। इस संबंध में मुकदमे के बाद बंद पड़ी एयरलाइंस के प्रमुख पिछले साल मार्च में ब्रिटेन चले गये थे।

इस महीने की शुरुआत में भारत सरकार ने औपचारिक रूप से ब्रिटेन को माल्या के प्रत्यार्वतन के लिये अनुरोध किया ताकि उनके खिलाफ समय पर कर्ज का भुगतान नहीं करने पर डिफाल्टर का मुकदमा चल सके। हामांड के साथ बातचीत के दौरान जेटली ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इससे पहले, दिन में मंत्री ने ब्रिटेन के निवेशकों के साथ बैठकें की। इसका आयोजन जेपी मोर्गन ने किया। जेटली ने सोमवार (27 फरवरी) को कहा कि भारत बैंकों का कर्ज लेकर उसे नहीं चुकाने वालों के मामले को बड़ा गंभीर मामला मानता है। उनके इस बयान का यही संकेत माना गया कि जेटली ब्रिटेन के मंत्रियों के साथ बातचीत में शराब व्यवसायी विजय माल्या का मुद्दा उठा सकते हैं।

उनसे यहां संवाददाताओं ने पूछा था कि क्या वह भारत में कर्ज न चुका कर ब्रिटेन में बैठे व्यक्तियों का मसला यहां के मंत्रियों के साथ अपनी बातचीत में उठाएंगे। जवाब में वित्त मंत्री ने कहा, ‘निश्चि रूप से। जब मौका मिलता है तो मैं यहां अपने समकक्ष लोगों के सामने यह बात उठाता हूं।’ जेटली ने कहा, ‘भारत सरकार का जहां तक सवाल है तो हम अपनी वित्तीय प्रणाली के प्रति देनदारी पूरी नहीं करने के मामले को बहुत गंभीर मानते हैं। हमने पहले ही मजबूत संकेत दे रखा है कि यदि आप सरकारी खजाने के साथ धोखाधड़ी करते हैं या आप बैंकिंग व्यवस्था को छकाना चाहते हैं तो सरकार वित्तीय संस्थानों को अपनी ओर से पूरी मदद करेगी ताकि वे अपना एक…एक पैसा वसूल सकें।’

 

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