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BPCL में हिस्सेदारी खरीद सकता है मुकेश अंबानी का रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह? आज बोली का आखिरी दिन

देश के सबसे रईस शख्स मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड इसमें रुचि जता सकती है। सूत्रों के मुताबिक देश की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी का संचालन करने वाले रिलायंस की ओर से फ्यूल के रिटेल बिजनेस में उतरने की इच्छा जताई गई है।

bpclरिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से बीपीसीएल की हिस्सेदारी खरीदने में जताई जा सकती है रुचि

सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के निजीकरण के लिए सरकार ने बोलियां आमंत्रित की हैं, जिन्हें सौंपने का आज आखिरी दिन है। सरकार इस कंपनी में अपनी 52.98 फीसदी की पूरी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। हालांकि अब तक ब्रिटेन की दिग्गज कंपनी ब्रिटिश पेट्रोलियम, फ्रांस की Total और सऊदी अरब की अरामको ने इसे लेकर अपनी रुचि नहीं जताई है। अब तक 4 बार कंपनी की हिस्सेदारी बेचने के लिए बोलियों की तारीख बढ़ा दी गई है। हालांकि अब सरकार का कहना है कि इसे अब और नहीं बढ़ाया जाएगा। डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट ऐंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट के सेक्रेटरी तुहीन कांत पांड कहते हैं कि अब बोलियां आमंत्रित करने की तारीख को नहीं बढ़ाया जाएगा।

हालांकि देश के सबसे रईस शख्स मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड इसमें रुचि जता सकती है। सूत्रों के मुताबिक देश की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी का संचालन करने वाले रिलायंस की ओर से फ्यूल के रिटेल बिजनेस में उतरने की इच्छा जताई गई है। हालांकि भारत पेट्रोलियम में निवेश को लेकर रिलायंस ने अब तक आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है। पिछले दिनों बीपीसीएल के पूर्व चेयरमैन सार्थक बेहुरिया को हायर करने वाली कंपनी रिलायंस ने इंडियन ऑयल के पूर्व चेयरमैन संजीव सिंह को भी हायर किया था। इन दोनों ही हायरिंग को रिलायंस की ओऱ से बीपीसीएल में निवेश की इच्छा के तौर पर देखा जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि बीपीसीएल में हिस्सेदारी के जरिए रिलायंस को जामनगर स्थित अपनी रिफाइनरी को मुंबई और कोच्चि स्थित बीपीसीएल की रिफाइनरीज के साथ जोड़ने में मदद मिलेगी। इसके अलावा रिलायंस के अपने देश में 1,406 फ्यूल स्टेशन हैं और बीपीसीएल के पास 17,138 पंप हैं। ऐसे में रिलायंस की नजर पेट्रोलियम के रिटेल बिजनेस को बीपीसीएल की मदद से आगे बढ़ाने पर भी है।

यही लॉजिक रोजनेफ्ट की लीडरशिप वाली कंपनी Nayara Energy पर भी लागू होता है, जो गुजरात के ही वडीनगर में 20 मिलियन टन की ऑयल रिफाइनरी का संचालन करती है। इसके अलावा 5,822 पेट्रोल पंप भी उसके पास हैं। हालांकि अब तक रोजनेफ्ट ने बीपीसीएल की हिस्सेदारी खरीदने को लेकर रुचि नहीं जताई है। रोजनेफ्ट के सीईओ इगोर सेचिन ने इस साल फरवरी में बीपीसीएल की हिस्सेदारी खरीदने में रुचि जताई थी, लेकिन अब कंपनी बीपीसीएल के मार्केटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ही नजर बनाए हुए हैं। उसकी रिफाइनरीज में उसकी कोई रुचि नहीं है।

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