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कालाधन: अनुपालन योजना नतीजे देने में रही नाकाम

सरकार विदेशों में रखी अघोषित संपत्ति की स्वैच्छिक रूप से जानकारी देने और कर अनुपालन की इच्छा रखने वालों के लिये ‘‘सीमित अवधि’’ के लिये अनुपालन सुविधा को जल्द अधिसूचित कर सकती है।
Author नई दिल्ली | October 2, 2015 09:57 am

कालाधन कानून में प्रदत्त अनुपालन सुविधा कोई खास नतीजे देने में नाकाम साबित हुई है और बुधवार को इसकी समयसीमा समाप्त होने के बाद 638 खुलासों में सिर्फ 3,770 करोड़ रुपए की अघोषित विदेशी संपत्तियों का ही पता चला है। यह जानकारी सामने आते ही इस पर तुरंत राजनीतिक बहस शुरू हो गई। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अनुपालन सुविधा के तहत 638 खुलासापत्र प्राप्त हुए हैं जिसके तहत 3,770 करोड़ रुपए की अद्योषित विदेशी संपत्ति का खुलासा हुआ। इन आंकड़ों का अंतिम मिलान होना बाकी है। बयान में कहा गया कि 31 दिसंबर, 2015 तक उक्त राशि पर 30 फीसद कर और 30 फीसद का जुर्माना अदा करना होगा।

इस राशि के बारे में जानकारी देने के तुरंत बाद सरकार ने घोषणा की कि वह उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी जिन्होंने विदेश में जमा कालेधन और परिसंपत्तियों का खुलासा नहीं किया है। सरकार के खुलासे पर कांग्रेस ने कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काले धन के संबंध में किए गए दावे का खोखलापन अब पूरे देश के सामने है। पार्टी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर किए गए मोदी के दावे पर भी सवाल उठाया जिसमें उन्होंने कहा था कि नए कानून की अनुपालन सुविधा के तहत 6,500 करोड़ रुपए की अघोषित विदेशी परिसंपत्ति का खुलासा हुआ है।

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी के भाषण का हवाला देते हुए कहा कि 80 लाख करोड़ रुपए की राशि विदेश में जमा है। उन्होंने सत्ता में आने के 100 दिन के भीतर कालेधन को वापस लाने का वादा किया था। उन्होंने हर भारतीय नागरिक के खाते में 15 लाख रुपए जमा करने का भी वादा किया था। लेकिन कालाधन विधेयक पारित होने और राजग सरकार के सत्ता में आने के 16 महीने बाद आज हमें क्या मिला … सिर्फ 3,770 करोड़ रुपए। उन्होंने कहा कि तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भी इसी तरह का वादा किया था।

पटना में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आलोचकों पर पलटवार करते हुए कहा कि नए कालाधन रोधी कानून की अनुपालन सुविधा के तहत 3,770 करोड़ रुपए का खुलासा हुआ है और वो ‘6,500 करोड़ रुपए’ अलग हैं। उन्होंने कहा कि इसे झूठ करार देने से पहले अपनी समझ साफ करें, विशेष तौर पर जबकि आप प्रधानमंत्री के लिए झूठा शब्द उपयोग में ला रहे हैं। कालेधन के वास्तविक खुलासे और प्रधानमंत्री की स्वतंत्रता दिवस समारोह की टिप्पणी के बारे में पूछने पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि आप समझ नहीं पा रहे हैं।

राजस्व सचिव हंसमुख अधिया ने कहा कि सरकार अब उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करेगी जिन्होंने विदेश में जमा कालेधन या परिसंपत्तियों का खुलासा नहीं किया है। हाल ही में लागू कालाधन रोधी कानून के तहत एकमुश्त अनुपालन सुविधा की अवधि बुधवार को समाप्त हो गई। अधिया ने संवाददाताओं से कहा कि अनुपालन सुविधा उन लोगों के लिए एक मात्र मौका था जो इस संबंध में पाक-साफ होना चाहते थे। उन्होंने कहा कि उन्हें मौका देने के लिए यह अनुपालन सुविधा 30 सितंबर तक थी और अब तक यह पता चला है कि 638 लोगों ने अपने बैंकों खातों समेत विदेशी निवेश या विदेशी परिसंपत्तियों की घोषणा की है और कुल राशि 3,770 करोड़ रुपए की रकम का खुलासा हुआ है। यह हमारी ओर से दिया गया इकलौता मौका था और हमारे दिमाग में कोई विशेष आंकड़ा नहीं है।

वित्त मंत्रालय ने यह कहा कि इन आंकड़ों का अब मिलान किया जाएगा। नए कालाधन कानून में प्रदत्त इस सुविधा के तहत बुधवार को आखिरी दिन खुलासे की होड़ लगी रही। इसके लिए निर्धारित आयकर अधिकारी के कार्यालय में समयसीमा खत्म होने से पहले खुलासा करने वाले कतार में लगे रहे।

अनुपालन सुविधा खिड़की एक जुलाई 2015 को शुरू हुई और यह 30 सितंबर 2015 को समाप्त हो गई। बयान में कहा गया कि आयुक्त स्तर के एक अधिकारी को हलफनामा प्राप्त करने का जिम्मा सौंपा गया था जो आधी रात तक काम करते रहे। खुलासे से जुड़े आवेदन प्राप्त करने के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल भी आधी रात तक खुला था।

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