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COVID-19: गुजरात के इस रिफाइनरी में ऑक्सीजन बना रही रिलायंस, जानिए यहां की खास बातें

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड अपनी जामनगर रिफाइनरी में प्रतिदिन 700 टन से अधिक चिकित्सा स्तर के ऑक्सीजन का उत्पादन कर रही है। जामनगर रिफाइनरी में चिकित्सा स्तर के ऑक्सीजन का उत्पादन नहीं होता।

mukesh ambani, reliance, oxygenप्रतिदिन 700 टन से अधिक चिकित्सा स्तर के ऑक्सीजन का उत्पादन कर रही है। (Photographer: Simon Dawson/Bloomberg))

देश कोरोना महामारी की चपेट में है। हर दिन संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। वहीं, इस हालात में ऑक्सीजन का भी संकट खड़ा हो गया है। देश के अलग-अलग राज्यों से ऑक्सीजन की किल्लत की खबरें आ रही हैं। हालांकि, इस विषम परिस्थिति में मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज फ्री में ऑक्सीजन मुहैया करा रही है। आइए जानते हैं कि रिलायंस कहां ऑक्सीजन प्रोड्यूस करती है।

कहां हो रहा है प्रोडक्शनः रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड अपनी जामनगर रिफाइनरी में प्रतिदिन 700 टन से अधिक चिकित्सा स्तर के ऑक्सीजन का उत्पादन कर रही है। जामनगर रिफाइनरी में चिकित्सा स्तर के ऑक्सीजन का उत्पादन नहीं होता। इस रिफाइनरी में कच्चे तेल को डीजल, पेट्रोल और विमान ईंधन में बदला जाता है। लेकिन कोरोनो वायरस के मामलों में जिस तेजी से वृद्धि हुई है और ऑक्सीजन की मांग बढ़ी है। यही वजह है कि रिलायंस ने ऐसी मशीनरी लगाई है जिससे चिकित्सा स्तर के ऑक्सीजन का उत्पादन संभव हो पाया है।

रिफाइनरी के बारे मेंः गुजरात के जामनगर में रिलायंस की ये रिफाइनरी कई मायने में काफी खास है। यह रिफाइनरी न सिर्फ आधुनिक सुविधाओं से लैस है, बल्कि यह प्राकृतिक सुंदरता से भी भरपूर है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रिफाइनरी के अंदर शिव मंदिर, खूबसूरत पार्क, स्वीमिंग पूल, क्रिकेट ग्राउंड तक की सुविधाएं हैं।

कितने लोगों को राहत: जानकारी के मुताबिक ऑक्सीजन की ढुलाई विशेष टैंकरों में शून्य से नीचे (-) 183 डिग्री सेल्सियस पर की जा रही है और परिवहन लागत सहित ऑक्सीजन को राज्य सरकारों को बिना किसी लागत के दिया जा रहा है। यह कंपनी की सीएसआर (कंपनी सामाजिक जिम्मेदारी) पहल का एक हिस्सा है।

इससे प्रतिदिन 70,000 से अधिक गंभीर रूप से बीमार रोगियों को राहत मिलेगी। आपको बता दें कि कंपनी की जामनगर रिफाइनरी ने शुरुआत में 100 टन चिकित्सा स्तर का ऑक्सीजन का उत्पादन किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 700 टन कर दिया गया। कंपनी की योजना उत्पादन की क्षमता को 700 टन से बढ़ाकर 1,000 टन करने की है। (ये पढ़ें-कर्ज देती थी अनिल अंबानी की ये दो कंपनियां, फिर कारोबार समेटने की आ गई नौबत)

ये कंपनियां भी सक्रियः चिकित्सा में उपयोग होने वाले ऑक्सीजन का उत्पादन करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी बीपीसीएल भी अपनी रिफाइनरियों में प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। इसके अलावा सेल, टाटा स्टील जैसी स्टील कंपनियों ने भी अपने संयंत्रों में चिकित्सा स्तर के ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू कर उसकी आपूर्ति राज्यों को शुरू की है। (ये पढ़ें-अडानी संभाल रहे हैं अंबानी का कारोबार)

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