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Gautam Adani को 43500 करोड़ रुपए का बड़ा झटका, विदेशी फंड के अकाउंट फ्रीज

एनएसडीएल यानी नेशनल सिक्‍योरिटीज डिपॉजिटरीज लिमिटेड की ओर से तीन विदेशी फंड्स के अकाउंट्स को फ्रीज कर दिया है। जिनके पास अडानी कंपनियों के 43500 करोड़ रुपए के शेयर हैं। इन अकाउंट्स के 31 मई या उससे पहले ही फ्रीज होने की सूचना है।

अडानी ग्रुप के तमाम शेयर जबरदस्त परफॉर्म कर रहे हैं। (express file)

भारत ही नहीं एश‍िया के दूसरे अमीर शख्‍स गौतम अडानी को 43500 करोड़ रुपए का झटका लगा है। वास्‍तव में एनएसडीएल यानी नेशनल सिक्‍योरिटीज डिपॉजिटरीज लिमिटेड ने तीन विदेशी फंड्स के अकाउंट को फ्रीज कर दिया है, जिनके पास अडानी की कंपनियों के 43500 रुपए के शेयर हैं। जानकारी के अनुसार एनएसडीएल की ओर से इन अकाउंट्स को 31 मई या उससे पहले फ्रीज कर दिया गया था। इस खबर के बाद से अडानी के कंपनियों के शेयरों में शेयरों में 5 से 15 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है।

इन विदेशी फंडों के पास एडानी एंटरप्राइजेज के 6.82 फीसदी, अडानी ट्रांसमिशन के 8.03 फीसदी, अडानी टोटल गैस के 5.92 फीसदी और अडानी ग्रीन के 3.58 फीसदी शेयर हैं। कस्टोडियन बैंकों और विदेशी निवेशकों को हैंडल कर रही लॉ फर्म्स के अनुसार विदेशी फंड्स ने बेनिफिशियल ऑनरशिप के बारे में पूरी जानकारी ना देने के बाद ही अकाउंट्स को फ्रीज किया होगा।

नहीं हो पाएगा ट्रांजेक्‍शन : जानकारी के अनुसार वैसे कस्‍टोडियन की ओर से अपने क्‍लाइंट्स को इस तरह की जानकारी पहले ही दे दी जाती है। उसके बाद भी क्‍लाइंट्स की ओर से कोई जवाब नहीं आता है तो अकाउंट्स को फ्रीज कर दिया जाता है। अकाउंट्ट फ्रीज होने के बाद ना तो सि‍क्‍योरिटीज को बेचा जा सकता है और ना ही नई ट्रांजेक्‍शन की जा सकती है। आपको बता दें क‍ि अलबुला इंवेस्‍टमेंट फंड, क्रेस्‍टा फंड और एपीएमएस इंवेस्‍टमेंट फंड के अकाउंट को फ्रीज किया गया है। जोकि सेबी में विदेशी पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स के तौर पर रजिस्टर्ड हैं।

देनी थी कुछ इस तरह की जानकारी : कैपिटल मार्केट्स रेगुलेटर ने 2019 में विदेशी पोर्टफोलियो इंवेस्‍टर्स के लिए केवाईसी डॉक्‍युमेंट्स को पीएमएलए के अकार्डिंग कर दिया था। एफपीआई को 2020 तक नए रूल्‍स के पालन करने को कह दिश्‍या गया था। सेबी की ओर से साफ निर्देश था कि नए नियमों का पालन ना करने पर उन एफपीए अकाउंट्स को फ्रीज कर दिया जाएगा। नए रूल्‍स के अनुसार एफपीआई को कॉमन ऑनरशिप का खुलासा और फंड मैनेजर्स जैसे अहम कर्मचारियों की पर्सनल डिटेल जैसी जानकारियां देनी थी। शामिल थी।



शेयरों में छेड़छाड़ की भी जांच : वहीं दूसरी ओर सेबी अडानी ग्रुप कंपनियों के शेयरों में छेड़छाड़ की जांच भी कर रहा है। बीते एक साल में इन कंपनियों के शेयरों में 200 फीसदी से लेकर 2000 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। सेबी की ओर से 2020 में इस बात जांच की थी जो अब तक चल रही है। वैसे सेबी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

कितना दे चुकी है रिटर्न : अडानी के शेयरों में बीते एक साल में काफी तेजी देखने को मिल चुकी है। अगर बात अडानी ट्रांसमीशन की बाम करें तो शेयरों में 669 फीसदी इजाफा देखने को मिल चुका है। अडानी टोटल गैस 349 फीसदी, अडानी एंटरप्राइजेज में 972 फीसदी और अडानी ग्रीन के शेयरों में 254 फीसदी रिटर्न आ चुका है। अडानी पोर्ट्स और अडानी पावर के शेयरों में क्रमशः 147 फीसदी और 295 फीसदी का उछाल आ चुका है।

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