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पीएनबी फर्जीवाड़े में बड़ी कार्रवाई, दस अधिकारी सस्पेंड, राडार पर बिग ज्वेलरी ब्रांड्स

पीएनबी ने बयान में कहा कि उसकी मुंबई की एक शाखा में कुछ धोखाधड़ी वाले अनाधिकृत लेनदेन का पता चला है। ये लेनदेन कुछ चुनिंदा खाताधारकों को लाभ पहुंचाने वाले हैं और इसमें उनकी भी सांठगाठ है। बैंक ने कहा कि इन लेनदेन के आधार पर अन्य बैंकों ने संभवत: कुछ ग्राहकों को विदेशों में ऋण दिया है।

Author February 15, 2018 01:26 am
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर।

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने खुलासा किया कि उसने 1.77 अरब डॉलर (करीब 11,400 करोड़ रुपये) के घोटाले को पकड़ा है। इस मामले में अरबपति आभूषण कारोबारी नीरव मोदी(46) ने कथित रूप से बैंक की मुंबई शाखा से धोखाधड़ी वाला गारंटी पत्र (एलओयू) हासिल कर अन्य भारतीय ऋणदाताओं से विदेशी ऋण हासिल किया। पीएनबी ने इस मामले में दस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले को जांच के लिए सीबीआई के पास भेज दिया है। वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने कहा कि यह एक अकेला मामला है और इससे अन्य बैंकों पर असर नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘‘वित्त मंत्रालय ने तेजी से कदम उठाते हुए बैंक से यह मामला सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भेजने को कहा है।

पीएनबी ने बयान में कहा कि उसकी मुंबई की एक शाखा में कुछ धोखाधड़ी वाले अनाधिकृत लेनदेन का पता चला है। ये लेनदेन कुछ चुनिंदा खाताधारकों को लाभ पहुंचाने वाले हैं और इसमें उनकी भी सांठगाठ है। बैंक ने कहा कि इन लेनदेन के आधार पर अन्य बैंकों ने संभवत: कुछ ग्राहकों को विदेशों में ऋण दिया है। हालांकि, पीएनबी ने इन बैंकों का नाम नहीं लिया। लेकिन समझा जाता है कि यूनियन बैंक आफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक ने पीएनबी के गारंटी पत्रों के आधार पर कर्ज दिया। एलओयू वह पत्र है जिसके आधार पर एक बैंक द्वारा अन्य बैंकों को एक तरह से गारंटी पत्र उपलब्ध कराया जाता है जिसके आधार पर विदेशी शाखाएं ऋण की पेशकश करती हैं। विदेशी बैंक शाखाएं भी जांच के घेरे में हैं। इस घोटाले में कई बड़ी आभूषण कंपनियां मसलन गीतांजलि, गिन्नी और नक्षत्र भी विभिन्न जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में आ गई हैं। इन कंपनियों से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।

पिछले सप्ताह पीएनबी ने सीबीआई के पास एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि 16 जनवरी को सबसे पहले 280.7 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी वाले गारंटी पत्र जारी किए गए। उस समय बैंक ने कहा था कि वह रिकॉर्डों की जांच कर रहा है जिससे पता चल सके कि घोटाला कितना बड़ा है। अपनी शिकायत में पीएनबी ने तीन हीरा कंपनियों डायमंड्स आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स और स्टेलर डायमंड्स का नाम लिया था। शिकायत में कहा गया था कि उन्होंने 16 जनवरी को बैंक से विदेशी आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान को खरीदार ऋण के लिए संपर्क किया था। बैंक ने एलओयू जारी करने के लिए प्रतिशत का नकद मार्जिन मांगा था जिसका इन कंपनियों ने विरोध करते हुए कहा था कि वे यह सुविधा 2010 से प्राप्त कर रही हैं।

नीरव मोदी, उनकी पत्नी एमी और भाई निशाल और मेहुल चौकसी डायमंड्स आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स तथा स्टेलर डायमंड्स में भागीदार हैं। इन कंपनियों की हांगकांग, दुबई और न्यूयॉर्क जैसे विदेशी गंतव्यों में इकाइयां हैं। जिन बैंक अधिकारियों का नाम इस मामले में आया है उनमें उप प्रबंधक गोकुलनाथ शेट्टी भी शामिल हैं, जो 31 मार्च 2010 से पीएनबी के मुंबई में विदेशी विनिमय विभाग में कार्यरत थे। कथित रूप से शेट्टी ने एक अन्य अधिकारी मनोज खारत के साथ मिलकर ये धोखाधड़ी वाले एलओयू जारी किए। कुमार ने कहा, ‘‘यह जांच स्वच्छता अभियान का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत 2015 में संपत्ति गुणवत्ता समीक्षा :एक्यूआर: के साथ हुई थी।’’ वित्तीय सेवा सचिव ने कहा कि इस सफाई अभियान के बाद बैंक हमेशा के लिए साफसुथरे और स्वस्थ हो जाएंगे। पीएनबी के अधिकारी ने कहा कि वित्त मंत्रालय से सख्त निर्देश है कि कोई बड़ी मछली बचने न पाए और ईमानदार करदाता को किसी तरह की परेशानी न हो।

अधिकारी ने कहा कि बैंक अब अपनी प्रणाली और प्रक्रियाओं की जांच कर रहे हैं ताकि इस तरह के घोटाले की पुनरावृत्ति न हो। सभी बैंकों से जल्द से जल्द स्थिति रिपोर्ट देने को कहा गया है। वर्ष 2015 में बैंक ऑफ बड़ौदा में भी दिल्ली के दो कारोबारियों द्वारा 6,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया था। पीएनबी ने बयान में कहा कि उसकी मुंबई की एक शाखा में इस तरह के धोखाधड़ी के लेनदेन हुए जिसका फायदा कुछ चुंिनदा खाताधारकों को मिला है। ये लेनदेन मोदी के भाई निशाल, पत्नी एमी और मेहुल चीनूभाई चौकसी ने किए हैं जिनके आधार पर अन्य बैंकों ने विदेश में ग्राहकों को कर्ज दिया। मोदी के आभूषण दुनिया भर की हस्तियों में काफी लोकप्रिय हैं। उनके खिलाफ नए सिरे से सीबीआई जांच हो सकती है। जांच एजेंसी उचित कार्रवाई की तैयारी कर रही है। मोदी के खिलाफ पहले से ही पीएनबी की एक शाखा में कथित रूप से 280 करोड़ रुपये की जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले की सीबीआई जांच चल रही है।

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