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बढ़ती महंगाई, तेल के दाम से त्रस्त जनता ने विपक्ष को किया एकजुट, भारत बंद पर बोले येचुरी

माकपा नेता सीताराम येचुरी ने तेल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ दिल्ली में वाम दलों की एक रैली में सोमवार को कहा कि महंगाई से परेशान आम जनता विपक्षी पार्टियों को केंद्र में भाजपा की ‘‘जन विरोधी’’ सरकार के खिलाफ एकजुट कर रही है।

माकपा नेता सीताराम येचुरी ने तेल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ दिल्ली में वाम दलों की एक रैली में सोमवार को कहा कि महंगाई से परेशान आम जनता विपक्षी पार्टियों को केंद्र में भाजपा की ‘‘जन विरोधी’’ सरकार के खिलाफ एकजुट कर रही है। माकपा, भाकपा, आरएसपी, फॉरवर्ड ब्लॉक, भाकपा(माले), सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर आॅफ इंडिया (कम्युनिस्ट) और कम्युनिस्ट गदर पार्टी आॅफ इंडिया सहित सात वाम पार्टियों ने प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि तेल की कीमतों में वृद्धि का महंगाई पर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि यह प्रभाव आर्थिक मंदी को बढ़ा रहा है और रोजगार तथा नौकरियों के नये अवसर को घटा रहा है। बहरहाल, वाम दलों का प्रदर्शन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के भारत बंद से जुड़ा हुआ नहीं था।

येचुरी ने रैली में कहा कि वाम दलों ने लोगों से इस प्रदर्शन में भारी तादाद में शामिल होने की अपील की, ताकि मोदी सरकार और उसकी नीतियों को जनता द्वारा खारिज किए जाने को प्रर्दिशत किया जा सके। देश की त्रस्त जनता केंद्र की भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ विपक्ष को एकजुट होने के लिए मजबूर कर रही है। वाम दलों के नेताओं के साथ प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के सदस्य भी शामिल हुए।

वाम नेताओं ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा दिल्ली में रविवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में किए दावे का जिक्र करते हुए कहा कि 50 साल तक सत्ता में बने रहने का सत्तारूढ़ पार्टी दिन में सपने देख रही है। भाकपा नेता डी राजा ने कहा, ‘‘उन्होंने अपनी कार्यकारिणी की बैठक में तेल की बढ़ती कीमतों, किसानों की परेशानियों का जिक्र तक नहीं किया। वे दिन में सपने देख रहे हैं। आने वाले 50 साल तक वे सत्ता में नहीं लौटेंगे।’’ येचुरी ने दावा किया कि ‘‘एकजुट विपक्ष’’ और अधिक प्रदर्शन करेगा और यही वजह है कि मोदी सरकार घबराई हुई है।

वाम दलों ने बढ़ती कीमतों के लिए पेट्रोल-डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क लगाए जाने को जिम्मेदार ठहराया और कीमतों में वृद्धि पर रोक लगाने की मांग की। येचुरी ने कहा भाजपा 21 राज्यों में शासन करने की शेखी बघारती है, फिर उसकी राज्य सरकारें कीमतें क्यों नहीं घटाती हैं। केरल में वाम मोर्चा सरकार ने सबसे पहले दो महीने पहले तेल की कीमतें एक रूपये प्रति लीटर घटाई थी।  वाम दलों ने यह आरोप भी लगाया कि भाजपा नफरत का माहौल, हिंसा फैला कर अपनी ऐतिहासिक नाकामियों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। लेकिन इसमें सत्तारूढ़ दल कामयाब नहीं होगा।  बाद में येचुरी और राजा सहित वाम नेताओं ने संसद मार्ग पुलिस थाना में गिरफ्तारी भी दी।़

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