Bank Strike Postponed: बैंक यूनियन ने अपनी मांगों पर आइबीए के आश्वासन के बाद सोमवार से अपनी तीन दिवसीय प्रस्तावित हड़ताल रविवार रात में वापस ले ली। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के सात संगठनों के शीर्ष निकाय यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने पांच दिन के कार्यदिवस, पुरानी पेंशन सहित अन्य मांगों को लेकर इस देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था, जो कि बैंकिंग क्षेत्र की छमाही लेखाबंदी के समय हो रही थी। हड़ताल टलने के कारण सोमवार को सभी सरकारी बैंक खुले रहेंगे।

इंडियन बैंक्स एसोसिशन (आइबीए) और यूएफबीयू के बीच हुई बैठक के बाद हड़ताल नहीं करने का निर्णय लिया गया। यूएफबीयू एक बयान में कहा, ‘बाकी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने के मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए आइबीए और यूएफबीयू की एक उच्च-स्तरीय समिति तुरंत बनाई जाएगी।

समिति निकालेगी सहमति का रास्ता

यह समिति सभी संभावित विकल्पों पर विचार करेगी, सभी हितधारकों के साथ चर्चा करेगी और ऐसा समाधान निकालेगी जो सभी हितधारकों और सबसे महत्त्वपूर्ण, ग्राहकों को स्वीकार्य हो। इसमें कहा गया है कि स्केल चार और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए पीएलआइ स्कीम के संबंध में, यूनियनों/एसोसिएशनों की आपत्तियों को दूर करने के लिए सरकार को स्कीम में बदलाव का प्रस्ताव देने के लिए आइबीए के साथ चर्चा शुरू की जा सकती है।

इसमें कहा गया है कि 8 मार्च, 2024 की बैठक के मिनट्स (कार्यवृत्त) में बताए गए बाकी मुद्दों पर भी जल्द समाधान के लिए दोनों पक्षों के बीच चर्चा की जाएगी। इसमें कहा गया कि इन बातों को ध्यान में रखते हुए, यूएफबीयू इस बात पर सहमत हुआ कि प्रस्तावित आंदोलन और हड़ताल की कार्रवाई को टाल दिया जाएगा। पीएसयू बैंकों के करीब आठ लाख अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर जाने वाले थे।

हड़ताल के चलते प्रभावित होतीं सेवाएं

हड़ताल के चलते चेक क्लीयरेंस, नकद निकासी और जमा सहित बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहतीं। इसके कारण ही रविवार को भी सरकारी बैंकों की शाखाओं में कामकाज हुआ और अत्यधिक भीड़ देखी गई। बैंक हड़ताल के दौरान एटीएम लेनदेन पर लगने वाले शुल्क में अस्थायी छूट देने की तैयारी थी और मासिक नि:शुल्क लेनदेन की सीमा से बाहर रखा जाता। सरकारी बैंकों ने 28 सितंबर से 30 सितंबर के बीच एटीएम लेनदेन शुल्क माफ कर दिया था।

यूएफबीयू ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गर्इं तो 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग की मांग कई वर्षों से लंबित है। यूनियन नेताओं के अनुसार मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हाल में हुई सुलह बैठकों के दौरान सरकार ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया।

5 दिन वर्किंग डेज की मांग

यह तीन दिवसीय हड़ताल 11 सितंबर को आयोजित एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बाद की जा रही थी। यूनियन नेताओं के अनुसार मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हाल में हुई सुलह बैठकों के दौरान सरकार ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया।

PLI स्कीम को वापस लेने काम

वित्त मंत्रालय ने इस सप्ताह की शुरुआत में बैंक कर्मचारियों से हड़ताल का रास्ता न अपनाने और बातचीत के जरिए बाकी मांगों को सुलझाने की अपील की थी। मंत्रालय ने कहा था कि यूनियनों की ज्यादातर चिंताओं का पहले ही काफी हद तक समाधान किया जा चुका है।

मंत्रालय ने यह भी कहा था कि प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआइ) योजना को वापस लेने की मांग पर विस्तृत चर्चा के बाद इस महीने की शुरुआत में इसे स्थगित कर दिया गया था।

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भारत विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए अपने निवेश समझौतों के नियमों में बदलाव की तैयारी कर रहा है। वित्त मंत्रालय ने नए मॉडल बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी (BIT) की समीक्षा पूरी कर इसे कैबिनेट सचिवालय के पास भेज दिया है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अब कनाडा समेत 4-5 देशों के साथ नए फ्रेमवर्क के तहत निवेश समझौतों को जल्द अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। पढ़िए पूरी खबर…