बैंक ऑफ बड़ौदा ने सोमवार, 27 जुलाई को एक साइबर सुरक्षा घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमलावरों ने उसके सिस्टम में सेंध लगाकर कुछ डेटा तक अनधिकृत पहुंच (Unauthorized Access) हासिल कर ली। बैंक के अनुसार, यह घटना एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट के हैक होने से जुड़ी है।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “मामले की तुरंत पहचान की गई और इसे रोकने के लिए तत्काल उपाय किए गए।”

हालांकि बैंक ने डेटा लीक के पैमाने और हमलावर द्वारा किस तरह के डेटा तक पहुंच बनाई गई, इस बारे में विस्तार से नहीं बताया, लेकिन उसने कहा कि घटना में कोर बैंकिंग सिस्टम प्रभावित नहीं हुए और वे सुरक्षित हैं।

BoB ने आगे कहा कि वह सुरक्षा घटना की फोरेंसिक जांच कर रहा है। यह रेगुलेटरी नियमों के अनुसार संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। आधिकारिक बयान में कहा गया, “बैंक सूचना सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने और अपने ग्राहकों और स्टेकहोल्डर्स के भरोसे की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

बैंक की यह पुष्टि सोशल मीडिया पर उन पोस्ट के बाद आई है जिनमें आरोप लगाया गया था कि एक हमलावर ने लगभग 1 टेराबाइट (TB) डेटा चुरा लिया है, जिसमें BoB के पर्सनल और कॉर्पोरेट बैंकिंग रिकॉर्ड शामिल हैं। X पर ‘डार्क वेब इंटेलिजेंस’ हैंडल के अनुसार हमलावर ने कथित तौर पर चुराए गए डेटा के सैंपल और डाउनलोड लिंक एक डार्क वेब फोरम पर पोस्ट किए। इसने कहा कि 1 TB के आंकड़े और डेटा लीक के कथित दायरे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

एक डार्क वेब साइट के मेटाडेटा विश्लेषण के आधार पर, साइबर सुरक्षा रिसर्चर श्रीकांत एल (जो ‘कैशलेस कंज्यूमर’ नाम से ग्राहकों को जागरूक करने का काम भी करते हैं) ने कहा कि लीक हुए डेटा में ग्राहकों की जानकारी, पहचान के दस्तावेज़, लोन के कागजात और इंटरनल ऑडिट रिकॉर्ड शामिल हैं।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, श्रीकांत ने कहा कि यह डेटा शनिवार रात, 25 जुलाई को एक डार्क वेब साइट पर दिखाई दिया और इसका प्रचार 700 गीगाबाइट (GB) से ज़्यादा जानकारी वाले डेटा के तौर पर किया गया।

X पर एक अलग पोस्ट में, श्रीकांत ने भारतीय वित्तीय अधिकारियों जैसे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) से आग्रह किया कि वे फोरेंसिक ऑडिट होने तक BoB के सिस्टम को UPI नेटवर्क से अलग कर दें। उन्होंने कहा कि चूंकि हमले की गंभीरता का पता नहीं है, इसलिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को फैलने वाले जोखिम से बचाना बहुत जरूरी है।

यह डेटा ब्रीच ऐसे समय में हुआ है जब बड़ी कंपनियों और फाइनेंशियल संस्थानों के सामने साइबर सुरक्षा के जोखिमों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं; ये संस्थान ग्राहकों और बिज़नेस का बहुत सारा डेटा स्टोर करते हैं।

रॉयटर्स के अनुसार, जून 2026 में Apple के सप्लायर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स पर हुए साइबर हमले के कारण Apple और Tesla से जुड़े कंपोनेंट डिजाइन और स्पेसिफिकेशन डॉक्यूमेंट्स डार्क वेब पर लीक हो गए थे।

इस महीने की शुरुआत में, रैंसमवेयर ग्रुप ‘वर्ल्ड लीक्स’ ने भारत के सबसे बड़े न्यूक्लियर प्लांट से जुड़ी फाइलें डार्क वेब पर पोस्ट की थीं।

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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने मई 2026 में तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए यह फैसला लिया गया है। यहां पढ़ें पूरी खबर…