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UPI के जरिए ATM से निकाल सकेंगे कैश!

नवंबर 2018 में कुल 52 करोड़ ट्रांजेक्शन हुईं। यूपीआई पेमेंट के माध्यम से 82,232 करोड़ रुपए की ट्रांजेक्शन हुईं। दूसरी जेनरेशन के यूपीआई 2.0 में मर्चेंट्स का क्लासीफिकेशन होगा जैसे की क्रेडिट कार्ड पेमेंट में होता है।

बैंको को इस सुविधा को लागू करने के लिए भारी निवेश नहीं करना है और न ही अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर में कोई बदलाव करना है।

जल्द ही UPI के माध्यम से ATM से पैसा निकालना संभव हो पाएगा। इसके लिए एटीएम मशीन पर जाकर QR कोड स्कैन करना होगा। इसके बाद कार्ड स्वाइप करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंको को एटीएम की सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनी AGS ट्रांजेक्ट टेक्नोलॉजीज ने एक ऐसा सिस्टम डिवेलप किया है जिससे UPI के माध्यम से एटीएम मशीन से कैश निकाला जा सकता है। इसके लिए अकाउंट होल्डर को अपने फोन में एक ऐप इंस्टॉल करना होगा, यह ऐप यूपीआई सुविधाओं के साथ होगा, इसी के माध्यम से ATM से कैश निकाला जा सकेगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कस्टमर को एटीएम मशीन पर क्यूआर कोड स्कैन करना होगा। यह बिलकुल वैसे ही होगा जैसे कि किसी यूपीआई क्लाइंट को पेमेंट करते वक्त करते हैं। इससे पैसा कस्टमर के अकाउंट से एटीएम मशीन वाले बैंक के खाते में चला जाएगा और एटीएम मशीन ग्राहक को पैसा दे देगी। रिपोर्ट के मुताबिक बैंको को इस सुविधा को लागू करने के लिए भारी निवेश नहीं करना है और न ही अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर में कोई बदलाव करना है। इस सर्विस को एटीएम मशीन में केवल एक सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करके एक्टिवेट किया जा सकता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यूपीआई के दूसरी जनरेशन के यूपीआई, 2.0 यूपीआई से कैश निकालना काफी आसान हो जाएगा। दूसरी जेनरेशन के यूपीआई 2.0 में मर्चेंट्स का क्लासीफिकेशन होगा जैसे की क्रेडिट कार्ड पेमेंट में होता है। अभी इसे भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) से अनुमोदन का इंतजार है। एटीएम नेटवर्क और यूपीआई प्लेटफॉर्म पर स्विच के लिए ऑथरटीज जिम्मेदार होंगी। यह लेनेदेन का एक बहुत सुरक्षित तरीका है। अब यूपीआई पेमेंट के यूजर्स बढ़ते जा रही है। पीयर टू पीयर पेमेंट्स अब मर्चेंट ट्रांजेक्शन में भी बढ़ रहा है। नवंबर 2018 में कुल 52 करोड़ ट्रांजेक्शन हुईं। यूपीआई पेमेंट के माध्यम से 82,232 करोड़ रुपए की ट्रांजेक्शन हुईं।

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