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बाबा रामदेव की पतंजलि को टक्कर देने के लिए श्री श्री रविशंकर कर रहे ये तैयारी

भारत के अलावा कंपनी सिंगापुर, अमेरिका, मलेशिया, ओमान, कनाडा, दक्षिण अमेरिका, ब्राजील और अन्य जैसे देशों में पहले से ही मौजूद है।

पतंजलि की सफलता के बाद आयुर्वेदिक उत्पादों की मांग कई गुना बढ़ गई है।

योग गुरु बाबा रामदेव के बाद अब आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर जल्द ही एफएमसीजी उद्योग में आक्रामक रूप से प्रवेश करेंगे। श्री श्री रविशंकर ने बाबा रामदेव की पतंजलि को टक्कर देने की तैयारी कर ली है। श्री श्री की आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की एफएमसीजी शाखा श्री आयुर्वेद पूरे देश में लगभग 1,000 रिटेल स्टोर्स का शुभारंभ करने वाली है। इन स्टोर्स का शुभारंभ पूरे भारत में हर्बल उत्पादों की बढ़ती मांग को दर्शाता है। वह पूरे देश में क्लीनिक और उपचार केंद्र भी लॉन्च करेंगे। शुरूआत में टूथपेस्ट, डिटर्जेंट, घी और कुकीज जैसे प्रॉडक्ट लॉन्च किए जाएंगे। शैम्पू, क्रीम, टूथपेस्ट, साबुन, शहद और घी जैसे 30-35 उत्पाद के अलावा और भी ऐसे प्रॉडक्ट हैं जो बाजार में पहले से मौजूद हैं। श्री श्री आयुर्वेद (SSA) के चीफ एग्जीक्यूटिव तेज कैटपितिया ने इकॉनॉमिक टाइम्स को बताया कि लोगों ने अब अपने दैनिक जीवन में आयुर्वेदिक उत्पादों को स्वीकार कर लिया है और हमें विश्वास है कि मौजूदा ब्रांडों की तुलना में हमारे ब्रांड प्रॉडक्ट अलग हैं। 2003 में श्री श्री ने इस कंपनी को शुरू किया था। मुख्य रूप से कंपनी का फोकस आयुर्वेदिक उत्पादों पर ही है।

इसके अलावा इसमें नाश्ता, हेल्थ ड्रिंक, तेल, मसाले, पर्सनल केयर, ओरल केयर, कुकीज और रेडी-टू-कुक आइटम शामिल हैं। अगर कोई अपैरल, पर्सनल केयर प्रॉडक्ट, फूड और हेंडिक्राफ्ट के अलावा भी कुछ खरीदना चाहता है तो वह कंपनी के ऑनलाइन पोर्टल sattva store पर जाकर खरीद सकता है। भारत के अलावा कंपनी सिंगापुर, अमेरिका, मलेशिया, ओमान, कनाडा, दक्षिण अमेरिका, ब्राजील और अन्य कई देशों में पहले से ही मौजूद है।

कंपनी सितंबर में अपना पहला स्टोर लॉन्च करने और नवंबर तक करीब 50 स्टोर लॉन्च करने पर फोकस कर रही है। फ्रैंचाइज इंडिया होल्डिंग्स के चैयरमेन गौरव मौरी ने कहा, “अगले कुछ सालों में इसका उद्देश्य एक अरब डॉलर का कारोबार करना है।” गौरव श्री श्री की कंपनी को फ्रैंचाइजी पार्टनर्स दिलवाने में मदद कर रहे हैं। पतंजलि की सफलता के बाद आयुर्वेदिक उत्पादों की मांग कई गुना बढ़ गई है। ऐसी संभावना है कि 2016 से 2021 के दौरान इसमें 16 फीसदी की दर से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

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