इस कंपनी को खरीदने की रेस में थे गौतम अडानी, फिर रामदेव ने यूं जमाया कब्जा

कर्ज में डूबी रुचि सोया बिक्री प्रक्रिया से गुजर रही थी। इस कंपनी को खरीदने की रेस में गौतम अडानी की अडानी विल्मर के अलावा योगगुरु रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद भी थी।

ruchi soya, ramdev, adaniगौतम अडानी-रामदेव (Photo-Indian Express )

योगगुरु रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने साल 2019 में एक कंपनी का अधिग्रहण किया था। इस कंपनी का नाम रुचि सोया है। रुचि सोया को खरीदने की रेस में अडानी ग्रुप की भी कंपनी थी। आइए जानते हैं कि रामदेव ने कैसे इस कंपनी को अपने नाम किया।

रुचि सोया के अधिग्रहण की कोशिश: दरअसल कर्ज में डूबी रुचि सोया बिक्री प्रक्रिया से गुजर रही थी। इस कंपनी को खरीदने की रेस में गौतम अडानी की अडानी विल्मर के अलावा योगगुरु रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद भी थी। अडानी विल्मर ने पतंजलि से ज्यादा 5,474 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था। हालांकि, बाद में अडानी विल्मर ने रुचि सोया को खरीदने का प्रस्ताव वापस ले रहा है। इसकी वजह कंपनी के अधिग्रहण की प्रक्रिया में देरी रही। एक पत्र में अडानी विल्मर की ओर से कहा गया कि रुचि सोया खरीदना उसके शेयरधारकों को लिए हानिकार है। रुचि सोया पर 9,405 करोड़ रुपये का कर्ज और 1,248 करोड़ रुपये लेनदारों के हैं।

रामदेव की कंपनी ने किया अधिग्रहण: इसके बाद रुचि सोया ने पतंजलि आयुर्वेद का अधिग्रहण किया। पतंजलि ने कर्ज में डूबी रुचि सोया को खरीदने के लिए 4325 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने इस सौदे को मंजूरी दे दी। कर्ज में डूबी इस कंपनी को खरीदने के लिए पतंजलि ने 3200 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।

इसके लिए पतंजलि को एसबीआई से 1,200 करोड़ रुपये, पंजाब नेशनल बैंक से 700 करोड़ रुपये, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 600 करोड़ रुपये, सिंडिकेट बैंक 400 करोड़ रुपये और इलाहबाद बैंक से 300 करोड़ रुपये मिले थे। (ये पढ़ें—इस तेल का विरोध करते हैं रामदेव)

रुचि सोया के बारे में: बता दें कि भारत में ये कंपनी सोया उत्पादन के सबसे बड़े निर्माताओं में से एक है। इसके खुद के बहुत से प्रमुख ब्रांड हैं। इसमें न्यूट्रीला, महाकोश, रुचि गोल्ड, रुचि स्टार और सनरिच जैसे ब्रांड शामिल हैं। कर्ज के बोझ में फंसी रुचि सोया अब मुनाफे में है।

बीते अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में रुचि सोया का शुद्ध लाभ 227.44 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के कुल आय की बात करें तो इस तिमाही में 4,475 करोड़ रुपये रही। आज रुचि सोया का मार्केट कैपिटल 19,350 करोड़ रुपये के स्तर पर है। रुचि सोया का शेयर भाव 650 रुपये के स्तर पर है। (ये पढ़ें—रामदेव की कंपनी से 13 निवेशकों की शिकायत)

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