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निवेशकों को कोरोना ने दिया बड़ा झटका, रामदेव की कंपनी को हुआ इतना नुकसान

बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने कर्ज में डूबी रुचि सोया को खरीदने के लिए 4325 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने इस सौदे को मंजूरी दे दी थी।

ruchi soya, ramdev, share marketपतंजलि ने रुचि सोया को खरीदने के लिए 4325 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। (Photo-Indian Express )

कोरोना महामारी के प्रकोप की वजह से भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर हाहाकार मच गया है। शेयर बाजार की अधिकतर कंपनियों में गिरावट आई है और इस वजह से निवेशकों को 3 लाख 50 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो गया है। इससे हर छोटी या बड़ी कंपनियां प्रभावित हुई हैं। इनमें से एक योग गुरु रामदेव की कंपनी रुचि सोया भी शामिल है।

सिर्फ एक दिन में रुचि सोया के शेयर में करीब 18 रुपये प्रति शेयर की गिरावट आई है। सोमवार को रुचि सोया का शेयर भाव 643 रुपये के स्तर पर रहा। वहीं, बात करें मार्केट कैपिटल की तो 19,037 करोड़ रुपये है। आपको बता दें कि रुचि सोया दिसंबर 2017 में दिवालिया प्रक्रिया में शामिल हुई थी। बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने कर्ज में डूबी रुचि सोया को खरीदने के लिए 4325 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने इस सौदे को मंजूरी दे दी थी।

फिलहाल, रामदेव की इस कंपनी में उनके भाई भरत राम मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किए गए हैं। उनका कार्यकाल 19 अगस्त 2020 से शुरू है और 17 दिसंबर 2022 तक एमडी बने रहेंगे। (ये पढ़ें—रामदेव की कंपनी से 13 निवेशकों की शिकायत)

शेयर बाजार का हालः बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान एक समय 1,469 अंक तक नीचे आ गया था। बाद में यह 883 अंक या 1.81 प्रतिशत टूटकर 47,950 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 258 अंक या 1.77 प्रतिशत के नुकसान से 14,360 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की कंपनियों में पावरग्रिड का शेयर सबसे अधिक 4.17 प्रतिशत टूट गया। ओएनजीसी, इंडसइंड बैंक, कोटक बैंक, एलएंडटी, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी नुकसान में रहे। वहीं दूसरी ओर रेड्डीज और इन्फोसिस के शेयर 1.58 प्रतिशत तक चढ़ गए।

क्या है गिरावट की वजहः शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले हैं। कारोबारियों ने कहा कि कुछ राज्यों ने महामारी पर काबू पाने के लिए लॉकडाउन की घोषणा की है, जिससे अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार को लेकर आशंका पैदा हो गई है। इसके अलावा रुपये में जोरदार गिरावट से भी बाजार धारणा प्रभावित हुई। (ये पढ़ें—जब रामदेव और अडानी के बीच हुई टक्कर)

शेयर बाजारों में जोरदार गिरावट से सोमवार को निवेशकों की 3.53 लाख करोड़ रुपये की पूंजी डूब गई। इससे बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण घटकर 201.77 लाख करोड़ रुपये रह गया।

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