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पतंजलि ने 3 बैंकों से जुटाए 175 करोड़ रुपये, रामदेव की इस कंपनी ने पकड़ी रॉकेट जैसी रफ्तार

पतंजलि आयुर्वेद ने बताया है कि गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्र (एनसीडी) जारी करके 175 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें से 60 करोड़ रुपये आईडीबीआई बैंक, 90 करोड़ रुपये पंजाब नेशनल बैंक और बाकी 25 करोड़ रुपये यूको बैंक के हैं।

पतंजलि ने 175 करोड़ रुपये जुटाए हैं। (Photo-PTI )

योग गुरु बाबा रामदेव के नेतृत्व वाली पतंजलि आयुर्वेद ने 175 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस बीच, रामदेव की एक अन्य कंपनी रुचि सोया के शेयर भाव में बढ़त का सिलसिला जारी है। इससे निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा हो रहा है।

पतंजलि ने क्या कहा: पतंजलि आयुर्वेद ने बताया है कि गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्र (एनसीडी) जारी करके 175 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें से 60 करोड़ रुपये आईडीबीआई बैंक, 90 करोड़ रुपये पंजाब नेशनल बैंक और बाकी 25 करोड़ रुपये यूको बैंक के हैं। पतंजलि के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी इस रकम का इस्तेमाल विस्तार और कार्यशील पूंजी के लिए करेगी। आपको बता दें कि डिबेंचर पैसे जुटाने का तरीका है। इसके जरिए कंपनियां पैसे लेकर अपना काम करती हैं।

रुचि सोया में कितनी हुई बढ़ोतरी: अगर शेयर के हिसाब से समझें तो 11 मई को रामदेव की एक अन्य कंपनी रुचि सोया इंडस्ट्रीज का शेयर भाव 720 रुपये के स्तर पर था। वहीं 18 मई को यही शेयर का भाव 810 रुपये के स्तर को पार कर लिया है। कहने का मतलब ये है कि सिर्फ 7 दिनों में प्रति शेयर का भाव 90 रुपये तक बढ़ा है। सिर्फ मंगलवार की ही बात करें तो शेयर का भाव 35 रुपये तक बढ़ गया है। अगर मार्केट कैपिटल की बात करें तो 24 हजार करोड़ रुपये के स्तर को पार कर चुका है।

10 मई को हुई थी मीटिंग: आपको बता दें कि रुचि सोया के बोर्ड की मीटिंग 10 मई को हुई थी। इस मीटिंग में रुचि सोया ने 60 करोड़ रुपये में पतंजलि के बिस्कुट कारोबार नेचुरल बिस्कुट प्राइवेट लि. (पीएनबीपीएल) के अधिग्रहण का ऐलान किया था। अधिग्रहण की रकम दो किश्तों में दी जायेगी। (ये पढ़ें—इस तेल का विरोध करते हैं रामदेव)

15 करोड़ रुपये समझौता होने की तिथि या उससे पहले दिए जाऐंगे, जबकि शेष 45 करोड़ रुपये का भुगतान समझौता होने के 90 दिनों में होगा। पीनीबीएल ने वित्त वर्ष 2019-20 में 448 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इस मीटिंग के बाद से ही शेयर के भाव रॉकेट की तरह बढ़ रहे हैं।

आपको बता दें कि पतंजलि आयुर्वेद ने साल 2019 में रुचि सोया का अधिग्रहण किया था। रुचि सोया कर्ज में डूबी हुई कंपनी थी। इस अधिग्रहण के बाद रुचि सोया को संजीवनी मिली और शेयर का भाव 1500 रुपये के स्तर को भी पार कर लिया था। (ये पढ़ें—डाबर को हुआ बड़ा मुनाफा, यहां रामदेव के पतंजलि से मिलती है टक्कर)

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