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रामदेव के लिए वरदान साबित हो रही रुचि सोया, दो साल में यूं बदला कंपनी का कलेवर

रुचि सोया का अधिग्रहण होने के साथ ही कंपनी का शेयर भाव 1,530 रुपये के स्तर को पार कर लिया। कंपनी ने ये मुकाम 29 जून 2020 को हासिल किया।

रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने रुचि सोया का अधिग्रहण कर लिया था (Photo-Indian Express )

साल 2018 तक रुचि सोया इंडस्ट्रीज कर्ज के बोझ तले दबी कंपनी थी लेकिन 2019 में बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने इसका अधिग्रहण कर लिया था। अब दो साल के भीतर रुचि सोया ने रामदेव की पतंजलि नेचुरल बिस्कुट प्राइवेट लि. (पीएनबीपीएल) को अपने नाम किया है।

मजबूत हुई रुचि सोया: अगर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में देखें तो रुचि सोया का अधिग्रहण होने के साथ ही कंपनी का शेयर भाव 1,530 रुपये के स्तर को पार कर लिया। कंपनी ने ये मुकाम 29 जून 2020 को हासिल किया। ये वो दौर था जब देश लॉकडाउन में था और अधिकतर कंपनियों के शेयर भाव लुढ़क चुके थे। हालांकि, इसके बाद अनलॉक के साथ ही रुचि सोया के शेयर भी लुढ़कने लगे और आज करीब एक साल बाद शेयर का भाव आधा से भी कम हो गया है। वर्तमान में शेयर का भाव 740 रुपये के स्तर पर है। वहीं, मार्केट कैपिटल करीब 22 हजार करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

हालांकि, इस दौरान रुचि सोया का विस्तार जरूर हुआ है और कंपनी मुनाफे में भी है। बीते वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में रुचि सोया इंडस्ट्रीज का शुद्ध लाभ 227.44 करोड़ रुपये रहा। कंपनी को इससे पूर्व वित्त वर्ष 2019-20 की इसी तिमाही में 7,617.43 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। मतलब ये कि अधिग्रहण के एक साल के भीतर कंपनी मुनाफे में आ गई थी।

अब रामदेव की कंपनी का अधिग्रहण: हाल ही में रुचि सोया ने पतंजलि नेचुरल बिस्कुट प्राइवेट लि. (पीएनबीपीएल) के कारोबार को 60.02 करोड़ रुपये में खरीदने की घोषणा की। अधिग्रहण की रकम दो किश्तों में दी जायेगी। जिसमे 15 करोड़ रुपये समझौता होने की तिथि या उससे पहले दिए जाऐंगे, जबकि शेष 45.01 करोड़ रुपये का भुगतान समझौता होने के 90 दिनों में होगा। पीनीबीएल ने वित्त वर्ष 2019-20 में 448 करोड़ रुपये का कारोबार किया।

हुआ है ये करार: रुचि सोया के मुताबिक वह और पतंजलि बिस्कुट एक गैर-प्रतिस्पर्धी समझौते पर भी सहमत हुए हैं। जिसके तहत पीएनबीपीएल और उसके संबंधित सहयोगी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भारत में बिस्कुट के किसी भी प्रतिस्पर्धी व्यवसाय में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। आपको बता दें कि यह अधिग्रहण अगले दो महीने में पूरा होगा। (ये पढ़ें—इस तेल का विरोध करते हैं रामदेव)

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