FPO से 4300 करोड़ रुपये जुटाएगी रामदेव की कंपनी, जानिए इसकी पूरी डिटेल

रुचि सोया ने एफपीओ (FPO) के जरिए 4,300 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है। रुचि सोया ने बीते शनिवार को सेबी के पास एफपीओ के प्रस्ताव का मसौदा जमा कराया।

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रुचि सोया का FPO के जरिये शेयर बेचा जाएगा

बाबा रामदेव के पतंजलि आयुर्वेद के स्वामित्व वाली खाद्य तेल कंपनी रुचि सोया का फॉलो ऑन पब्लिक इश्यू (FPO) के जरिये शेयर बेचा जाएगा। हाल ही में कंपनी ने ये जानकारी दी है। आइए जानते हैं कि आखिर क्या है फॉलो ऑन पब्लिक इश्यू..

क्या है FPO: फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) आईपीओ की तरह ही होता है। जब शेयर बाजार में लिस्टेड कोई कंपनी फंड जुटाने के लिए सार्वजिनक तौर पर अपने शेयर बेचने की पेशकश करती है तो इसे फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर कहते हैं। आपको यहां बता दें कि पहली पेशकश आईपीओ कहलाती है। इसके बाद ही कंपनी लिस्टेड होती है। लेकिन लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सार्वजनिक प्रस्ताव एफपीओ कहलाता है।

4300 करोड़ रुपये जुटाने की है योजना: रुचि सोया ने एफपीओ (FPO) के जरिए 4,300 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है। जानकारी के मुताबिक रुचि सोया ने बीते शनिवार को सेबी के पास एफपीओ के प्रस्ताव का मसौदा जमा कराया। सूत्रों के मुताबिक सब कुछ ठीक रहा तो सेबी की मंजूरी के बाद एफपीओ अगले महीने आ सकता है।

कंपनी ने नियामकीय सूचना में कहा कि उसके बोर्ड द्वारा गठित और प्राधिकृत निर्गम समिति ने शेयरों की और सार्वजिनक बिक्री के जरिए धन जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब प्रवर्तकों को एफपीओ के न्यूनतम नौ प्रतिशत हिस्सेदारी कम करनी होगी।

2019 में हुआ था अधिग्रहण: साल 2019 में रुचि सोया को पतंजलि आयुर्वेद ने 4,350 करोड़ रुपये में अधिग्रहण किया था। इसके लिए पतंजलि को लोन भी लेना पड़ा था। बता दें कि कंपनी तेल मिल, खाद्य तेल प्रसंस्करण और सोया उत्पादों आदि का कारेाबार करती है। महाकोष, सनरिच, रुचि गोल्ड और न्यूट्रेला कंपनी के शीर्ष ब्रांड हैं।

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