ताज़ा खबर
 

विदेश से पामतेल मंगाने पर श्रीलंका ने लगाई रोक, रामदेव ने भी आयात का किया था विरोध

श्रीलंका सरकार की इस पहल से घरेलू नारियल तेल उद्योग को लाभ मिल सकता है। श्रीलंका के राष्ट्रपति ने लगभग छह महीने पहले देश में पाम तेल की खेती पर धीरे-धीरे रोक लगाने का निर्देश दिया था।

ramdev, palm oil, ramdev newsपाम तेल विदेश से मंगाए जाने का रामदेव भी विरोध करते रहे हैं। (Photo-Indian Express )

श्रीलंका ने पामतेल के आयात पर बैन लगा दिया है। इसके विदेश से मंगाए जाने का योगगुरु रामदेव भी विरोध करते रहे हैं। आपको बता दें कि भारत, मुख्यतौर पर मलेशिया और इंडोनेशिया से पामतेल का आयात करता है।

श्रीलंका ने लगाया बैन: दरअसल, श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने देश में पामतेल के आयात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। उन्होंने स्थानीय बागान कंपनियों को उनके लगाये गए पॉम पौधों में से 10 प्रतिशत को उखाड़ फेंकने और उसके स्थान पर रबड़ के पेड़ या अन्य पर्यावरण अनुकूल फसल लगाने को कहा है।

श्रीलंका में नारियल तेल उद्योग को फायदा: श्रीलंका सरकार की इस पहल से घरेलू नारियल तेल उद्योग को लाभ मिल सकता है। जानकारी के मुताबिक श्रीलंका के राष्ट्रपति ने लगभग छह महीने पहले देश में पामतेल की खेती पर धीरे-धीरे रोक लगाने का निर्देश दिया था।

इसमें कहा गया था कि ऐसी खेती करने वाली कंपनियों और संस्थाओं को चरणबद्ध तरीके से एक समय में 10 प्रतिशत पेड़ों को उखाड़ कर उसकी जगह हर साल रबर या पर्यावरण अनुकूल फसलों को लगाना होगा ताकि श्रीलंका को पाम खेती और पाम तेल के उपभोग से मुक्त किया जा सके। आपको बता दें कि श्रीलंका अपने देश में मलेशिया और इंडोनेशिया से सालाना लगभग दो लाख टन पामतेल का आयात करता है।

भारत में रामदेव भी करते हैं विरोध: पामतेल के आयात का योगगुरु रामदेव भी विरोध करते रहे हैं। हाल ही रामदेव ने कहा था कि हम इंडोनेशिया और मलेशिया पर अपनी निर्भरता खत्म करना चाहते हैं। (ये पढ़ें—रामदेव की कंपनी के निवेशकों की टेंशन)

रामदेव के मुताबिक इसके लिए पतंजलि भारत में ऑयल पाम वृक्षारोपण और सरसों तेल का उत्पादन बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर कदम उठाने जा रही है, जिससे 2.5 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचेगी। बता दें कि मलेशिया से तनाव के बाद भारत ने भी आयात पर रोक लगाई थी, हालांकि बाद में इसे एक बार फिर शुरू कर दिया गया था। (ये पढ़ें—रामदेव की कंपनी का जानिए क्या है प्लान)

आंकड़े बताते हैं कि भारत में पामतेल का आयात फरवरी में 27 प्रतिशत घटकर 3,94,495 टन रह गया। इस गिरावट का मुख्य कारण मांग कमजोर रहना और पिछले दो महीनों में पाम तेल का अधिक आयात किया जाना है।

Next Stories
1 7th Pay Commission News: कर्मचारियों को हेल्थ स्कीम में मिलेगी नई सुविधा, जानिए पूरी डिटेल
2 गौतम अडानी की दौलत में रॉकेट की रफ्तार, दुनिया के टॉप 20 अरबपतियों के क्लब में शामिल
3 दो विदेशी कंपनियों का अधिग्रहण करेगी Wipro, जानिए कितना टैक्स देती है अजीम प्रेमजी की ये कंपनी
ये पढ़ा क्या?
X