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रुचि सोया के लिए रामदेव ने लिया था 3200 करोड़ का लोन, अब मुनाफे में है कंपनी

पतंजलि आयुर्वेद ने रुचि सोया के अधिग्रहण के लिए 3200 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। दो साल पहले तक कर्ज के बोझ में फंसी रुचि सोया अब मुनाफे में है।

रामदेव की कंपनी है रुचि सोया (Photo-Indian Express )

साल 2019 में योगगुरु रामदेव की अगुवाई वाली पतंजलि आयुर्वेद ने एक कंपनी का अधिग्रहण किया था। इस कंपनी का नाम रुचि सोया है। कर्ज में डूबी इस कंपनी को खरीदने के लिए पतंजलि ने 3 हजार करोड़ से ज्यादा का लोन लिया था। इसमें सबसे ज्यादा कर्ज देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने दिया था। हालांकि, अब रुचि सोया मुनाफे में है।

किस बैंक से कितना लोन: पतंजलि आयुर्वेद ने रुचि सोया के अधिग्रहण के लिए 3200 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। रुचि सोया की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक एसबीआई से 1,200 करोड़ रुपये, पंजाब नेशनल बैंक से 700 करोड़ रुपये, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 600 करोड़ रुपये, सिंडिकेट बैंक 400 करोड़ रुपये और इलाहबाद बैंक से 300 करोड़ रुपये मिले थे।

2017 में दिवालिया प्रक्रिया में शामिल हुई थी कंपनी: आपको बता दें कि रुचि सोया दिसंबर 2017 में दिवालिया प्रक्रिया में शामिल हुई थी। एनसीएलटी ने इस मामले में स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और डीएसबी बैंक की पहल के बाद दिवाला संबंधी याचिका स्वीकार की थी। रुचि सोया पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का 816 करोड़, पंजाब नेशनल बैंक का 743 करोड़, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक का 608 करोड़ और डीबीएस का 243 करोड़ रुपये लोन के रूप में बकाया था।

बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने कर्ज में डूबी रुचि सोया को खरीदने के लिए 4325 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने इस सौदे को मंजूरी दे दी थी।

अडानी समूह भी थी रेस में: पतंजलि के साथ ही रुचि सोया को खरीदने वालों की रेस में अडानी समूह भी शामिल थी। हालांकि, डील में देरी होने की वजह से कंपनी पीछे हट गई। आपको बता दें कि रामदेव और उनके छोटे भाई राम भरत के अलावा नजदीकी सहयोगी आचार्य बालकृष्ण रुचि सोया के निदेशक मंडल में शामिल हैं।

(ये पढ़ें—रामदेव की कंपनी से 13 निवेशकों की शिकायत)

मुनाफे में है कंपनी: दो साल पहले तक कर्ज के बोझ में फंसी रुचि सोया अब मुनाफे में है। बीते अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में रुचि सोया का शुद्ध लाभ 227.44 करोड़ रुपये रहा। बीते साल की तीसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 50 प्रतिशत अधिक है। कंपनी के कुल आय की बात करें तो इस तिमाही में 4,475.6 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले 2019-20 की तीसरी तिमाही में 3,725.66 करोड़ रुपये थी। (ये पढ़ें—इस तेल का विरोध करते हैं रामदेव)

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