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नये वित्त वर्ष में रामदेव की कंपनी को मिली तेज शुरुआत, दो दिन में हुआ इतना मुनाफा

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को रुचि सोया का शेयर का भाव 33.65 रुपये बढ़कर 707.05 रुपये के स्तर पर आ गया है।

ramdev, ruchi soya, ruchi soya shareरुचि सोया के शेयर में लगातार दूसरे कारोबारी दिन बड़ी बढ़त (Photo-PTI )

भले ही बीते वित्त वर्ष के आखिरी दिन योग गुरु रामदेव की कंपनी रुचि सोया के निवेशकों को नुकसान हुआ हो लेकिन 1 अप्रैल से शुरू हुए नए वित्त वर्ष में अच्छी खबर आई है। दरअसल, न्यूट्रीला ब्रांड प्रोड्यूस करने वाली कंपनी रुचि सोया के शेयर में लगातार दूसरे कारोबारी दिन बड़ी बढ़त दर्ज की गई है। इस वजह से निवेशकों के पैसे में उछाल आया है।

कितनी हो गई बढ़त: सिर्फ दो कारोबारी दिन में रुचि सोया के शेयर भाव में करीब 10 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को रुचि सोया का शेयर का भाव 33.65 रुपये बढ़कर 707.05 रुपये के स्तर पर आ गया है। मतलब ये कि निवेशकों को प्रति शेयर करीब 34 रुपये का फायदा हुआ है। इसी के साथ कंपनी के मार्केट कैपिटल में भी बड़ी बढ़त दर्ज की गई है। रुचि सोया का मार्केट कैपिटल 20,917 रुपये के स्तर पर आ गया है।

आपको बता दें कि 31 मार्च को कंपनी के शेयर का भाव 641.35 रुपये के स्तर पर है। वहीं, कंपनी का मार्केट कैपिटल लुढ़क कर 18,973.76 करोड़ रुपये पर आ गया था। वहीं, नए वित्त वर्ष में अभी सिर्फ दो दिन कारोबार हुआ है। बीते शुक्रवार को गुड फ्राइडे की वजह से बाजार बंद था। इसके अलावा शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश होता है।

सेंसेक्स 870 अंक टूटकर 49,160 पर बंद: तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 870 अंक यानी 1.74 अंक टूटकर 49,160 पर बंद हुआ। इसी प्रकार, एनएसई निफ्टी 229 अंक यानी 1.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 14,638 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट बजाज फाइनेंस में रही। इसमें करीब 6 प्रतिशत की गिरावट आयी।

इसके अलावा इंडसइंड बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक, बजाज ऑटो तथा आईसीआईसीआई बैंक में भी गिरावट रही। दूसरी तरफ जिन शेयरों में तेजी रही, उनमें एचसीएल टेक, टीसीएस और इन्फोसिस शामिल हैं।

क्यों आई गिरावट: देश में कोविड-19 के मामले अनुमान के मुकाबले तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे आर्थिक पुनरूद्धार की गति प्रभावित होने का अंदेशा है। इसके कारण बाजार में बड़ी बिकवाली देखी गयी। वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में कंपनियों की आय में गिरावट की आशंका के मद्देनजर शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन ने भी चिंता को बढ़ाया है।

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