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आयुर्वेद दिवस स्पेशल: कोरोना काल में 3 गुना बढ़ी च्यवनप्राश की मांग, हल्दी दूध और गिलोय भी खूब बिक रहे

कोरोनाकाल के शुरूआत में स्वास्थ्य विभाग और सरकार भी इम्यून शक्ति को बढ़ाने पर जोर दे रही थी। समय-समय पर सरकार की तरफ से आयुर्वेदिक उत्पादों को भी हाइलाइट किया जा रहा था, जो इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है।

ayurveda productsआयुर्वेदिक उत्पादों में कोरोना काल में हुआ जबरदस्त इजाफा

कोरोना काल के दौरान अपनी इम्यून शक्ति को बढ़ाने के लिए लोगों ने आयुर्वेद की ओर रूख किया है। इसके साथ ही बाजारों में च्यवनप्राश, हल्दी दूध, गिलोय जैसे आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स की मांग भी तेजी से बढ़ी है। मार्केट रिसर्च कंपनी निलसेन की जुलाई रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक जून में च्यवनप्राश की बिक्री 283 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि ब्रांडेड शहद की बिक्री में 39 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह ‘लोकल’ के प्रति बढ़ती भावना का नतीजा है, जो आत्मनिर्भर भारत और आयुर्वेद को सपोर्ट करता है।

कोरोनाकाल के शुरूआत में स्वास्थ्य विभाग और सरकार भी इम्यून शक्ति को बढ़ाने पर जोर दे रही थी। समय-समय पर सरकार की तरफ से आयुर्वेदिक उत्पादों को भी हाइलाइट किया जा रहा था, जो इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है। जानकार मानते हैं कि आयुर्वेद प्रणाली में च्यवनप्राश विभिन्न जड़ी-बूटियों का मिश्रण है जो प्रतिरक्षा क्षमता को बनाए रखने के लिए अलग-अलग सामान्य वायरल में उपायोगी होता है। दूध और हल्दी सदियों से प्रतिरक्षा के लिए उपयोग में लाया जाता रहा है। इसी तर्ज पर अमूल हल्दी दूध की ब्रिक्री में भी तेजी आई है। दुकानदारों का मानना है कि अनलॉक के बाद से शहद की ब्रिक्री में बढ़त देखी गई है।

कोरोनावायरस के दौरान पतंजलि की तरफ से कॉर्नील ‘इम्युनिटी बूस्टर’ के रूप काफी प्रचलित रहा और इसकी ब्रिक्री भी भारी मात्रा में हुई। डाबर इंडिया का भी मानना है कि अप्रैल-जून से डाबर ने च्यवनप्राश की मांग में पिछले साल की तुलना में लगभग 7 गुना वृद्धि देखी है।

इसके साथ ही अन्य आयुर्वेदिक उत्पाद जैसे अश्वगंधा, डाबर गिलोय घनवटी, डाबर हेल्थ जूस जैसे आंवला जूस, गिलोय-नीम-तुलसी जूस आदि ने भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। आयुर्वेदिक उत्पादों की मार्केटिंग करने वाली कंपनियों ने कोविड-19 और इम्युनिटी के बीच के संबंध को अच्छे से भुनाया, और हल्के और सामान्य संक्रमणों के उपचार के लिए आयुर्वेद और योग को बढ़ावा दिया।

PM मोदी बोले, कोरोना में आयुर्वेद से मिला फायदा: पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को आयुर्वेद दिवस के मौके पर बोलते हुए प्राचीन चिकित्सा पद्धित के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन, पारंपरिक दवाओं पर शोध को मजबूत करने के लिए भारत में पारंपरिक चिकित्सा पर डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर की स्थापना कर रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आयुर्वेद हमारी परंपरा है और कोरोना काल में आयुर्वेद की परंपरा से देश को फायदा मिला। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी काल में हल्दी समेत कई अन्य चीजों ने इम्युनिटी बूस्टर का काम किया है।

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