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पांच साल में 9000 गुना बढ़ गया लोगों का पैसा, जान‍िए इस कंपनी पर क‍ितना क‍िया जाए भरोसा

पिछले एक साल में इस कंपनी के शेयर के दाम में 456 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है।

अवंति फीड्स यूरोप और अमेरिका के लिए झींगे का सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा है।

अवंति फीड्स नाम की भारतीय कंपनी के स्टॉक में निवेश करना निवेशकों के लिए सच्चे मायनों में चमत्कारी साबित हुआ। इस कंपनी ने पांच साल में निवेशकों को 9000 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि कंपनी की संपत्ति पिछले 9 सालों में 900 गुना हो गई है। यह कंपनी लगातार अपने निवेशकों को लाभांश भी देती रही है। बता दें कि अवंति फीड्स झींगा मछली के अलावा उसके फीड प्रोसेसिंग कर विदेशों में निर्यात करती है। पिछले एक साल में इस कंपनी के शेयर के दाम में 456 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है।

अब निवेशकों में इस बात को लेकर उलझन है कि क्या इस कंपनी के स्टॉक को रखा जाए या फिर उसे निकाल दिया जाय? बंगलुरु आधारित 47 वर्षीय वैल्यू इन्वेस्टर डोनाल्ड फ्रांसिस ने इकनोमिक टाइम्स को बताया कि अगर किसी कंपनी का ग्रोथ रेट स्थिर है और कंपनी की किसी के साथ कोई प्रतिस्पर्द्धा नहीं है तब कोई कारण नहीं बनता कि निवेशक उस कंपनी के स्टॉक को न रखें। अवंति फीड्स के पास फीड्स बिजनेस के करीब 43 फीसदी शेयर हैं। इसे दो सालों में 50 से 55 फीसदी करने की कंपनी की योजना है।

फ्रांसिस के मुताबिक, अगर कोई कंपनी 25 से 30 फीसदी सालाना ग्रोथ कर रही है, जो अवंति फीड्स कर रही है, तो उसका कारोबार दो से तीन सालों में दोगुना हो सकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस स्थिति में कंपनी के स्टॉक दोगुने हो सकते हैं तो उन्होंने कहा कि यह कंपनी के निरंतर प्रदर्शन पर निर्भर करता है। इस लिहाज से अवंति फीड्स मापदंडों पर खरा उतरती है। इस कंपनी का कारोबार जून के तिमाही में 39.61 फीसदी के ग्रोथ के साथ बढ़कर 881.28 करोड़ रुपये का हो गया। इस दौरान कंपनी का कुल मुनाफा 209.95 फीसदी बढ़कर 67.80 करोड़ रुपये से बढ़कर 210.15 करोड़ रुपये हो गया है।

इसके अलावा अवंति फीड्स अपने बांदीपुरम प्लांट की क्षमता मार्च 2018 तक 175,000 एमपीटीए बढ़ाने जा रही है। इससे कंपनी कु कुल उत्पादन क्षमता प्रति वर्ष 6 लाख मीट्रिक टन हो जाएगी। गौरतलब है कि 1990 के दशक में जब भारत में एक्वा फार्मिंग का ट्रेंड जोर पकड़ रहा था, उस वक्त अवंति के प्रमोटर अल्लुरी इंद्र कुमार का परिवार प्रोटीन सप्लिमेंट बनाया करता था। तब बीस वर्ष के कुमार को झींगे के लिए प्रोटीन वाला चारा तैयार करने का आइडिया आया। इसके बाद उन्होंने इसका उत्पादन शुरू किया। बाद में उन्होंने झींगे का निर्यात करना शुरू कर दिया। अवंति फीड्स यूरोप और अमेरिका के लिए झींगे का सबसे बड़ा सप्लायर बनकर उभरा।

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