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हिंदुस्तान मोटर्स नहीं अब प्यूजो कराएगी एंबेसडर कार की शाही सवारी, 80 करोड़ रुपये में बिकी कंपनी

कभी राजनेताओं और नामचीन हस्ती की सवारी रही एंबेसडर ब्रांड को हिंदुस्तान मोडर्स ने बेच दिया है।

एंबेसडर ब्रांड को बेचे जाने की जानकारी हिंदुस्तान मोटर्स ने 11 फरवरी को दी।

कभी राजनेताओं और नामचीन हस्तियों की सवारी रही एंबेसडर ब्रांड को हिंदुस्तान मोटर्स ने बेच दिया है। हिंदुस्तान मोटर्स ने यूरोपीय वाहन कंपनी प्यूजो को 80 करोड़ रुपए में कंपनी बेच दी है। आपको बता दें कि सत्ता और शासन के कद्दावर लोग इस ब्रांड की कार में बड़े शान से सवारी करते रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह ब्रांड प्रतिष्ठित कार ब्रांड कहलाती थी। जानकारी के मुताबिक, सीके बिड़ला समूह की कंपनी (हिंदुस्तान मोटर्स) ने प्यूजो एसए के साथ करार किया है। फिलहाल, कंपनी ने एंबेसडर कारों का विनिर्माण रोक दिया है।

एंबेसडर ब्रांड को बेचे जाने की जानकारी हिंदुस्तान मोटर्स ने शनिवार (11 फरवरी) को दी। कंपनी ने अपनी सूचना में कहा, ‘हिंदुस्तान मोटर्स ने एंबेसडर ब्रांड की बिक्री के लिए प्यूजो एसए से करार किया है। इसमें ट्रेडमार्क भी शामिल है। यह सौदा 80 करोड़ रुपए में हुआ है।’ पिछले महीने प्यूजो एसए ने भारतीय बाजार में प्रवेश करने के लिए सीके बिड़ला समूह के साथ डील की थी। इसके तहत, शुरुआत में करीब 700 करोड़ रुपए का निवेश किया जाना है। इस रकम से तमिलनाडु में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाया जाएगा। इस प्लांट में हर साल 1 लाख वाहन बनाने की तैयारी है।

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दरअसल, पीएसए समूह तीन ब्रांड प्यूजो, सिट्रॉन और डीएस के जरिए वाहन बेचता है। यह समूह पहले प्रीमियर ग्रुप के साथ भारत में साझेदारी की नाकाम कोशिश कर चुका है। साल 2001 में दोनों कंपनियों का ज्वाइंट वेंचर प्यूजो पीएएल खत्म हो गया था। प्यूजो एसए और सीके बिड़ला समूह मिलकर इंडियन ऑटो मार्केंट में अपनी दबदबा बनाना चाहते हैं। माना जा रहा है कि साल 2025 तक भारत में 80 लाख से एक करोड़ कार बनने लगेंगे। साल 2016 में यह आंकड़ा 30 लाख के करीब है।

गौरतलब है कि ऐंबेसडर ब्रांड को सात दशक पहले भारत में लॉन्च किया गया था। तब हिंदुस्तान मोटर्स ने मॉरिस ऑक्सफर्ड सीरीज II (लैंडमास्टर) को कुछ परिवर्तनों के साथ नए अवतार में पेश किया था। जल्द ही यह कार भारत की राष्ट्रीय पहचान बन गई और 1980 के दशक तक मारुति के आने से पहले यह भारतीय कार बाजार की बेताज बादशाह थी।

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