किंगफिशर के ब्रांड-ट्रेडमार्क की नीलामी गयी खाली, नहीं आया एक भी खरीदार  - Jansatta
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किंगफिशर के ब्रांड-ट्रेडमार्क की नीलामी गयी खाली, नहीं आया एक भी खरीदार 

बैंकों का किंगफिशर एयरलाइन्स पर ब्याज सहित बकाया 9,000 करोड़ रुपए से अधिक का है।

Author मुंबई | April 30, 2016 8:26 PM
माल्या से कर्ज की वसूली के मामले में एसबीआई के नेतृत्व में 17 बैंकों के समूह को दूसरी बार इस तरह की विफलता हाथ लगी है। (FILE PHOTO0

मुश्किलों में घिरे शराब उद्यमी विजय माल्या की बंद पड़ी विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइन्स के ब्रांड और ट्रेडमाको’ की नीलामी शनिवार को खाली गयी और कंपनी की इन अमूर्त सम्पत्तियों के लिए एक भी खरीददार आगे नहीं आया। कंपनी को कर्ज देने वाले बैंकों ने अपने बकाये की वसूली के सिलसिले में 4000 करोड़ रच्च्पए से अधिक के मूल्य पर गिरवी रखी गयी इन संपत्तियों को बोली पर चढाया था। बोली के लिए इनका आरक्षित मूल्य 366.70 करोड़ रुपए रखा गया था।

माल्या से कर्ज की वसूली के मामले में एसबीआई के नेतृत्व में 17 बैंकों के समूह को दूसरी बार इस तरह की विफलता हाथ लगी है। इससे पहले इस बंद हो चुकी एयरलाइन्स के मुख्यालय किंगफिशर हाउस की नीलामी में भी कोई बोली नहीं मिली थी।

आज की नीलामी में किंगफिशर का लोगो, एयरलाइंस का कभी चर्चित रही स्वागत पंक्ति ‘फ्लाई दी गुड टाइम्स’ चढाया गया था। इसके साथ ही इसके ‘फ्लाई मॉडेल्स’, ‘फनलाइनर’, ‘फ्लाई किंगफिशर’ और ‘फलाइंग बर्ड डेवाइस’ जैसे दूसरे ट्रेडमार्क भी रखे गये थे।  बैंकिंग सूत्रों ने कहा, ‘आरक्षित मूल्य को संभवत: बहुत उच्च्ंचा समझा गया। इसी लिए कोई बोली नहीं लगी।’ नीलामी सुबह 11.30 बजे शुरू हुई और एक घंटे तक खुली रखी गयी पर इसमें कोई कामयाबी नहीं मिली।
नीलामी एसीबीआईकैप ट्रस्टी कंपनी ने आयोजित की थी। यह कार्रवाई सर्फेसी अधिनियम : वित्तीय सम्पत्तियों का प्रतिभूतिकरण एवं पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित प्रवर्तन अधिनियम: के तहत की गयी।

किंगफिशर एयरलाइन जब अपने पूरे गौरव पर चल रही थी तो ग्राट थॉर्टन ने इसके ब्रांड की कीमत ही 4000 करोड़ रुपए आंकी थी। किंगफिशर की वार्षिक रपट 2012-13 में कहा गया था कि यह भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है और स्काईट्रैक्स ने इसे 5स्टार रेटिंग दी है।  आरक्षित मूल्य उस मूल्य का दसवां हिस्सा भी नहीं है जिस पर इन्हें रिण के लिए रेहन के तौर पर बैंकों को गिरवी रखा गया था। पर सूत्रों ने कहा कि यह आरक्षित मूल्य भी किसी भी बोली लगाने वाले की दृष्टि से ‘काफी उच्च्ंचा’ था।

एक बैंक अधिकारी ने कहा कि इस ब्रांड को खरीद कर इसका उद्धार करने की बजाया नयी एयरलाइन्स शुरू करना अच्छा होगा। इससे पहले मुंबई में घरेलू हवाई अड्डे के निकट संभ्रांत विले पार्ले स्थिकिंगफिशर हाउस की नीलामी में उसका आरक्षित मूल्य 150 करोड़ रुपए रखा गया था। यह इमारत 17,000 वर्ग फुट की है।
सूत्रों ने कहा कि अब इन दोनों सम्पत्त्यिों को नीलाम करने के लिए हो सकता है, इनका आरक्षित मूल्य कम करने का प्रयास किया जाए।  बैंकों का किंगफिशर एयरलाइन्स पर ब्याज सहित बकाया 9,000 करोड़ रुपए से अधिक का है।

माल्या ने रिणदाताओं और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच दो मार्च को भारत से बाहर का रास्ता पकड़ा। इस समय वह लंदन में हैं। इस बीच उनके खिलाफ मनी लांडरिंग निवारक कानून के तहत जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय की अर्जी पर उनके नाम गैर जमानती वारंट जारी हो चुका है तथा उनका पासपोर्ट भी रद्द किया जा चुका है।सरकार ने कहा है कि वह माल्य को भारत भेजने के लिए ब्रिटेन की सरकार को पत्र लिख चुकी है। माल्या ने फिनांशल टाइम्स से बातचीत में कहा है कि उन्हें ‘जबरन निर्वासन’ में पहुंचाया गया है पर उन्होंने यह भी कहा कि तत्काल भारत लौटने की उनकी कोई योजना नहीं है। उन्होंने अखबार से कहा कि वह एयरलाइन्स के कर्ज को रिणदाता बैंकों के तार्किक ढंग से निपटाने को तैयार हैं पर उनका पासपोर्ट रद्द करने या उन्हें गिरफ्तार करने से उन्हें ‘‘एक भी पैसा हासिल नहीं हो रहा है।’’

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