ताज़ा खबर
 

अरुण जेटली बोले- भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था, कुछ साल तक ऐसा ही रहेगा

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में हासिल हुई 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर से एक बार फिर से यह स्थापित हो गया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है।

Author नई दिल्ली | June 18, 2018 2:57 PM
अरुण जेटली (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में हासिल हुई 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर से एक बार फिर से यह स्थापित हो गया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि अभी यह रुख कई और साल तक बना रहेगा। सरकार के आलोचकों पर निशाना साधते हुए जेटली ने कहा कि नोटबंदी और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन के बाद न तो भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में दो प्रतिशत गिरावट आई है और न ही एक पूर्व वित्त मंत्री का कथन सही है कि इससे भारत गरीबी गरीब होगा।

फेसबुक पोस्ट में जेटली ने कहा कि नोटबंदी जैसे संरचनात्मक सुधारों तथा जीएसटी के क्रियान्वयन तथा दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता को लागू करने की वजह से हमें दो तिमाही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। जिन लोगों ने यह अनुमान लगाया था कि जीडीपी में दो प्रतिशत की गिरावट आएगी वे गलत साबित हुए। उन्होंने कहा कि मेरे एक सम्मानित पूर्ववर्ती को भय था कि इससे उन्हें भविष्य में गरीबी का जीवन जीना पड़ेगा।

जेटली ने कहा , हमने प्रत्येक भारतीय को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाया है।अब अतीत की तुलना में भविष्य अधिक उज्जवल दिख रहा है। यह रुख अगले कुछ साल तक जारी रहेगा। गौर तलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि नोटबंदी से जीडीपी में दो प्रतिशत की गिरावट आएगी। इसी तरह पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों से देश के लोग गरीब हो जाएंगे।

जेटली ने कहा कि एक अन्य वित्त मंत्री ने सुझाव दिया है कि सरकर को पेट्रोल , डीजल पर करों में 25 रुपये की कटौती करनी चाहिए। हालांकि , जब वह खुद वित्त मंत्री थे तो उन्होंने ऐसा नहीं किया था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबर ने पिछले सप्ताह कहा था कि केंद्र सरकार के लिए पेट्रोल पर करों में 25 रुपये की कटौती करना संभव है लेकिन वह ऐसा करेगी नहीं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App