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ब्याज दरें तय करते समय निचली मुद्रास्फीति का ध्यान रखेगा रिजर्व बैंक: अरुण जेटली

पिछले महीने मौद्रिक नीति समीक्षा में केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों के मोर्चे पर यथास्थिति कायम रखी थी।

Author नई दिल्ली | September 16, 2016 6:08 PM
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली। (पीटीआई फाइल फोटो)

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार (16 सितंबर) उम्मीद जताई कि आगामी 4 अक्तूबर की मौद्रिक समीक्षा में रिजर्व बैंक ब्याज दरों पर फैसला करते समय खुदरा मुद्रास्फीति में आई गिरावट का ध्यान रखेगा। जेटली ने कहा, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि अगले महीने जिस समय रिजर्व बैंक मौद्रिक समीक्षा करेगा, यदि उस समय तक मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) का गठन हो जाता है, तो वे सामूहिक रूप से इन सभी कारकों को ध्यान में रखेंगें’ उनसे पूछा गया था कि क्या मुद्रास्फीति में कमी से ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश बनती है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘रिजर्व बैंक जिम्मेदार संगठन है। हमें उसके फैसले का इंतजार करना चाहिए और उसके निर्णय पर भरोसा करना चाहिए।’

पिछले महीने मौद्रिक नीति समीक्षा में केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों के मोर्चे पर यथास्थिति कायम रखी थी। केंद्रीय बैंक ने इसके लिए मार्च, 2017 तक मुद्रास्फीति के 5 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर जाने के जोखिम का हवाला दिया था। अगस्त में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर पांच महीने के निचले स्तर 5.05 प्रतिशत पर आ गई। खुदरा मुद्रास्फीति में कमी तथा जुलाई में कारखाना उत्पादन के घटकर 2.4 प्रतिशत पर आने के बीच ऐसी उम्मीद बंधी है कि केंद्रीय बैंक 4 अक्तूबर को अगली मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों में कटौती करेगा। नई व्यवस्था की ओर आगे बढ़ते हुए सरकार ने 4 जुलाई को अगले पांच साल के लिए मुद्रास्फीति लक्ष्य को अधिसूचित किया है। आगे चलकर मौद्रिक नीति समिति इसी के हिसाब से फैसले लेगी।

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