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सरकार, रिजर्व बैंक कर रहे डिजिटल भुगतान की लागत कम करने के उपाय: जेटली

वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने लोगों को डिजिटल भुगतान प्राणालियों की ओर आकर्षित करने के लिए कई प्रोत्साहनों की घोषणा की है।

Author नई दिल्ली | December 15, 2016 19:46 pm
प्रेस कॉन्‍फ्रेंस को संबोधित करते वित्‍तमंत्री अरुण जेटली। (PTI File Photo)

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार (15 दिसंबर) को कहा कि सरकार और रिजर्व बैंक डिजिटल भुगतान की लागत कम करने के उपाय कर रहे हैं और सरकार इंटरनेट सेंधमारी के प्रति सुरक्षा की आवश्यकता के प्रति भी जागरूक है। उन्होंने कहा है कि डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य अर्थव्यवस्था में नकदी के उपयोग को कम करना है न कि इसे खत्म करना। अपने मंत्रालय से संबद्ध संसदीय सलाहकार समिति की 5वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए हुए जेटली ने कहा कि डिजिटल लेन-देन नकद लेनदेन के समानांतर की एक सुविधा है। यह नकद लेनदेन को प्रतिस्थापित करने वाली नहीं है। उन्होंने कहा, ‘नकदी रहित अर्थव्यवस्था वास्तव में एक कम नकद भुगतान वाली व्यवस्था होती है। कोई भी अर्थव्यवस्था पूरी तरह नकदी विहीन नहीं हो सकती।’ उन्होंने बैठक में उपस्थित सांसदों से कहा कि सरकार यथा संभव डिजिटलीकरण को प्रोत्साहित करना चाहिती है क्यों कि बहुत अधिक अनुपात में नकदी के प्रयोग की अपनी सामाजिक और आर्थिक लागत और परिणाम होते हैं। बैठक के बाद जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक जेटली ने कहा कि कम नकदी की जगह धीरे धीरे जहां तक संभव हो सकता है, डिजिटल भुगतान ले सकता है।

वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने लोगों को डिजिटल भुगतान प्राणालियों की ओर आकर्षित करने के लिए कई प्रोत्साहनों की घोषणा की है। इसमें जनता की प्रतिक्रिया काफी उत्साहजनक है। उन्होंने कहा कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने डिजिटल लेन-देन की लागत कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इस संदर्भ में उन्होंने डिजिटल मशीन के जरिए भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों द्वारा लगायी जाने वाली बट्टे की दर (एमडीआर) में कमी किए जाने का विशेष रूप से उल्लेख किया। वित्त मंत्री ने बताया कि अब देश में 55 प्रतिशत पेट्रोल पंप डिजिटल तरीकों से भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। सरकार ने कार्ड से भुगतान आदि डिजिटल माध्यमों को अपनाने वालों के लिए प्रोत्साहनों की घोषणा की है। जेटली ने कहा कि सरकार डिजिटल भुगतान को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा को उच्च स्तर की बनाए रखने की आवश्यकता के प्रति भी सजग है। सरकार और रिजर्व बैंक इसकी चुनौतियों को समझते हैं और इसके लिए स्थापित प्रणालियों के इर्द गिर्द मजबूत डिजिटल-सुरक्षादीवार सुनिश्चित कर रहे हैं। दुकानों पर इस्तेमाल की जाने वाली पीओएस मशीनों की कमी के बारे में उन्होंने कहा कि इनका विनिर्माण चीन की दो कंपनियां करती है। इन्हें सस्ता करने और दुकानदारों तक इनके आसानी से पहुंचने के लिए सरकार ने इन पर शुल्क घटा दिया है।

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