Arun Jaitley asks bank employee unions to withdraw strike call - Jansatta
ताज़ा खबर
 

कल से शुरू हो रहे बजट सत्र के हंगामेदार रहने के आसार

सोमवार से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र के काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। इसमें नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को ऊपरी सदन में अध्यादेशों के स्थान पर छह विधेयकों को पारित कराना सुनिश्चित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी पराजय […]

सोमवार से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र के काफी हंगामेदार रहने की संभावना है।

सोमवार से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र के काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। इसमें नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को ऊपरी सदन में अध्यादेशों के स्थान पर छह विधेयकों को पारित कराना सुनिश्चित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी पराजय के बाद कई विपक्षी दलों ने वस्तुत: अध्यादेश राज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और विशेष तौर पर भूूमि कानून में बदलाव के खिलाफ उनका रुख सख्त है। उसी दिन अन्ना भी दिल्ली पहुच रहे हैं।

संसद सत्र के दौरान सरकार पूर्ण बजट पेश करेगी। यह सत्र तीन महीने चलेगा। पिछले कुछ समय में कुछ भाजपा नेताओं, संघ परिवार के सदस्यों के विवादास्पद बयानों और मुद्रास्फीति जैसे कई मुद्दे विपक्षी दलों के पास हैं जिनके मार्फत वे सरकार पर निशाना साध सकते हैं। सरकार ने जहां विभिन्न माध्यमों से विपक्षी नेताओं के साथ चर्चा की है, वहीं ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि विपक्ष ने उसे कोई राहत दी हो।

संसद के बजट सत्र का पहला भाग 20 मार्च तक जारी रहेगा और एक महीने के अवकाश के बाद 20 अप्रैल से दूसरा भाग शुरू होगा। बजट सत्र आठ मई को समाप्त होगा। बजट सत्र के पहले भाग में सरकार को अध्यादेशों के स्थान पर छह विधेयक पारित कराने हैं। बीमा क्षेत्र और कोयला क्षेत्र से जुड़े अध्यादेशों को विधेयक का रूप देने के संबंध में राजग सरकार पर खासा दबाव है क्योंकि इससे बीमा क्षेत्र में एफडीआइ आकर्षित करने के लिए नई व्यवस्था बनाई जा सकेगी और कोयला ब्लाकों की नीलामी बाधित नहीं होगी।

बजट सत्र के दौरान वित्तीय, विधायी और गैर विधायी कार्यों समेत सरकारी एजेंडे में 44 विषय शामिल किए गए हैं। एजेंडे में 11 विषय वित्तीय कार्यों से जुड़े हैं जिनमें 2015-16 का आम बजट और रेल बजट पेश करना, उन पर चर्चा करना और आम एवं रेल बजट पर अनुदान की मांगों एवं 2014-15 की अनुपूरक मांगों पर मतदान शामिल हैं। बजट सत्र के पहले भाग में 26 बैठकें जबकि दूसरे भाग में 19 बैठकें होंगी।

संसद के बजट सत्र के 23 फरवरी से शुरू होने से एक दिन पहले पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश गौतमबुद्ध नगर जिले के चाउरोली गांव में किसान महापंचायक को संबोधित करेंगे और भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पर केंद्र सरकार पर निशाना साधेंगे।

विभिन्न किसान संगठनों के साथ गांधीवादी अन्ना हजारे का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने का कार्यक्रम है। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी ने भी भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के खिलाफ हो रहे हजारे के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने की इच्छा जताई है। विवादास्पद भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पर विरोध तेज करते हुए कांग्रेस ने 25 फरवरी को जंतर मंतर पर धरना देने का फैसला किया है जिसमें राहुल गांधी के शामिल होने की उम्मीद है।

अध्यादेश के जरिए भूमि कानून में बदलाव को ब्रिटिश राज के 1852 के कानून से भी बदतर करार देते हुए जद(एकी) अध्यक्ष शरद यादव ने कहा था कि उनकी पार्टी निश्चित तौर पर संसद में इस मुद्दे को उठाएगी और इसका पुरजोर विरोध करेगी। किसान रैली से किसान आंदोलन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैलने की उम्मीद व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता धीरेंद्र सिंह ने कहा कि जब तक मोदी सरकार भूमि अधिग्रहण अध्यादेश वापस नहीं लेती, आने वाला बजट सत्र विरोध से भरा होगा।

कांग्रेस पार्टी के अलावा जनता परिवार से जुड़े जदयू, सपा और राजद भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के मुद्दे पर एक साथ आ सकते हैं। संसद भवन परिसर में जनता परिवार की अगले सप्ताह बैठक भी होगी, जिसमें मिलकर इसका विरोध करने की रूपरेखा तैयार की जा सकती है। सत्र के दौरान सरकार छह अध्यादेशों को विधेयक के रूप में पारित कराने का प्रयास करेगी। इन अध्यादेशों में कोयला, खान और खनिज, ई रिक्शा, नागरिकता कानून में संशोधन, भूमि अधिग्र्रहण और बीमा क्षेत्र में एफडीआइ से जुड़े अध्यादेश शामिल हैं। लोकसभा में तीन और राज्यसभा में सात लंबित विधेयकों को पारित कराने के अलावा 10 नए विधेयक भी पेश किए जाएंगे।

 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App