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बेहद छोटे ऑफिस में शिफ्ट होने को मजबूर अनिल अंबानी, कर्मचारियों का बैठ पाना भी मुश्किल, Yes Bank ने कर्ज न देने पर कब्जा लिया है हेडक्वॉर्टर

अनिल अंबानी के दो करीबी सूत्रों के मुताबिक कोरोना वायरस के संकट के चलते अनिल अंबानी के हेड ऑफिस को शिफ्ट करने में टाइम लग रहा है। अब अनिल अंबानी के समूह के पास सिर्फ यहीं पर दफ्तर खोलने का विकल्प बचा है।

anil ambaniअनिल अंबानी (फाइल फोटो)

कर्ज के संकट में डूबे में रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी अब दक्षिण मुंबई के बेलार्ड एस्टेट में स्थित रिलायंस सेंटर में शिफ्ट होंगे। हाल ही में Yes Bank ने कर्ज न चुकाने पर रिलायंस ग्रुप के सांताक्रूज स्थित हेडक्वॉर्टर पर कब्जा जमा लिया था। अब अनिल अंबानी को नए मुख्यालय से काम करना होगा। सांताक्रूज स्थित बिल्डिंग के साथ ही दक्षिण मुंबई में स्थित अनिल अंबानी के दो अन्य दफ्तरों पर भी यस बैंक का कब्जा हो गया है। ऐसे में अब अनिल अंबानी को अपना हेड ऑफिस बेलार्ड एस्टेट लाना पड़ रहा है। 2018 तक वह यहीं से काम करते थे।

अनिल अंबानी के दो करीबी सूत्रों के मुताबिक कोरोना वायरस के संकट के चलते अनिल अंबानी के हेड ऑफिस को शिफ्ट करने में टाइम लग रहा है। अब अनिल अंबानी के समूह के पास सिर्फ यहीं पर दफ्तर खोलने का विकल्प बचा है। बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक नए ऑफिस में शिफ्ट करने से पहले मरम्मत का कुछ काम चल रहा है। हालांकि 6,000 स्क्वेयर फीट की इस तीन मंजिला इमारत में उतने कर्मचारियों का बैठ पाना मुश्किल है, जितने सांताक्रूज स्थित इमारत में थे। उस बिल्डिंग में अनिल अंबानी के पास 7 लाख स्क्वेयर फीट जगह थी। इस लिहाज से देखें तो पुराने ऑफिस के मुकाबले अनिल अंबानी के इस ऑफिस में एक फीसदी एरिया भी नहीं है। हालांकि अब तक रिलायंस ग्रुप की ओर से ऑफिस बदलने को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की गई है।

रिलायंस सेंटर कभी क्रेसेंट हाउस के नाम से जाना जाता था, जो कोलकाता की कंपनी आईसीआई के पास था। 1990 में रिलायंस ने जब ICI का अधिग्रहण किया था तो यह इमारत रिलायंस के हाथ आई थी। तब रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी जीवित थे। इसके बाद 2005 में मुकेश अंबानी से बंटवारा हुआ था और तब यह ऑफिस अनिल अंबानी को मिल गया था। हालांकि इस इमारत का एक हिस्सा महाराष्ट्र सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पास है। कानूनी लड़ाई के बाद यह हिस्सा सरकार को मिला था।

बता दें कि कर्ज के संकट के चलते रिलायंस ग्रुप की कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने सांताक्रूज स्थित दफ्तर को बेचने की कोशिश की थी। लेकिन 7 लाख स्क्वेयर फीट का वह दफ्तर नहीं बिक सका था। अंत में यस बैंक ने ही उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। गौरतलब है कि अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनियां लगातार दिवालिया हो रही हैं। एक मामले की सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी ने लंदन की एक कोर्ट में अपनी नेटवर्थ जीरो बताई थी।

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