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नए साल में 20 हजार करोड़ रुपये कम होगा अनिल अंबानी का कर्ज, जानिए कैसे करेंगे भुगतान

RCL ने सब्सिडरी कंपनियों रिलायंस जनरल इंश्योरेंस, रिलायंस निप्पन लाइफ इंश्योरेंस, रिलायंस सिक्योरिटीज, रिलायंस फाइनेंशियल लिमिटेड और रिलायंस एसेट रिकंस्ट्रशन में समूची या आंशिक हिस्सेदारी बेचने के लिए बोलियां मंगाई थी।

Anil ambani, reliance capital, debtअनिल अंबानी (Photo-indian express)

नए साल की शुरुआत होने वाली है। इस नए साल में भी अनिल अंबानी की चुनौतियां कम नहीं हैं। इस बार, कर्ज में डूबे अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की कई कंपनियां बिक जाएंगी।

हालांकि, अच्छी बात ये है कि इस बिक्री के जरिए रिलायंस ग्रुप पर से कर्ज का बोझ कम हो जाएगा। आपको बता दें कि रिलायंस कैपिटल (RCL) ने सब्सिडरी कंपनियों रिलायंस जनरल इंश्योरेंस, रिलायंस निप्पन लाइफ इंश्योरेंस, रिलायंस सिक्योरिटीज, रिलायंस फाइनेंशियल लिमिटेड और रिलायंस एसेट रिकंस्ट्रशन में समूची या आंशिक हिस्सेदारी बेचने के लिए बोलियां मंगाई थी। इसके जरिए रिलायंस कैपिटल करीब 20 हजार करोड़ रुपये का कर्ज कम करेगी।

रिलायंस सिक्योरिटीज और रिलायंस फाइनेंशिल लिमिटेड में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना है। रिलायंस निप्पन लाइफ इंश्योरेंस में भी 51 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री होगी। आपको बता दें कि रिलायंस निप्पन लाइफ इंश्योरेंस जापान की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी निप्पन के साथ ज्वाइंट वेंचर है।

RCL ने रिलायंस एसेट रिकंस्ट्रक्शन लि.में भी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव किया है। इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज में कंपनी की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है, कंपनी इसकी भी बिक्री करने जा रही है।

RCL के अलावा कर्ज में डूबे समूह की एक और कंपनी रिलांयस होम फाइनेंस की भी बिक्री होने वाली है। अगर सबकुछ सही रहा तो इन सभी कंपनियों के बिक्री की प्रक्रिया नए साल में पूरी हो जाएगी। इसके बाद अनिल अंबानी समूह से कर्ज का बोझ भी कम हो जाएगा।

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