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व्यापार के लिहाज़ से आंध्र प्रदेश-तेलंगाना अव्वल, तीसरे स्थान पर खिसका गुजरात

यह रिपोर्ट विश्वबैंक ने डीआईपीपी के साथ मिलकर तैयार की गयी है।
Author नई दिल्ली | October 31, 2016 21:42 pm
भारत का आंध्रप्रदेश राज्य।

देश में नया काम धंधा शुरू करने के लिहाज से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना संयुक्त रूप से सबसे सुगम राज्य बन गए हैं। इससे पहले गुजरात इस मामले में पहले नंबर पर था। विश्वबैंक और डीआईपीपी की ताजा रपट में यह जानकारी दी गई है। इसके मुताबिक गुजरात फिसलकर तीसरे नंबर पर आ गया है। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और हरियाणा कारोबार सुगमता के लिहाज से देश में क्रमश: चौथे, पांचवें और छठे स्थान पर हैं। यह निष्कर्ष औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग यानी डीआईपीपी की व्यवसाय सुधार कारवाई योजना के 340 बिंदुओं के क्रियान्वयन पर आधारित है। रैंकिंग में किसी स्थान दो राज्यों को संयुक्त रूप से रखने के बाद बाद उससे ठीक नीचे का स्थान खाली रख दिया जाता है। इसी करण गुजरात को सूची में तीसरा स्थान मिला है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस रपट को जारी करते हुए कहा, ‘राज्यों के बीच वास्तव में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ है। सभी राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा चल रही है। हर कोई दूसरे के प्रदर्शन को देख रहा है और उसकी निगरानी कर रहा है।’ उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों को प्रोत्साहन देने के लिये और प्रयास किए जाने की जरूरत है। जम्मू-कश्मीर 31वें स्थान पर रहा है। इसके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों में भी व्यवसायिक माहौल में सुधार लाने की जरूरत है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और सिक्किम कारोबार सुगमता के मामले में क्रमश: 26वें, 27वें, 28वें और 30वें स्थान पर रहे हैं।

निर्मला ने कहा कि, ‘इस दिशा में अभी काफी कुछ किये जाने की आवश्यकता है।’ उन्होंने कहा कि इस बार 15 राज्यों ने सुधारों पर अमल किया है जबकि पिछले साल केवल सात राज्यों ने मंत्रालय द्वारा सुझाये गये उपायों पर अमल किया था। कारोबार सुगमता के लिहाज से शीर्ष दस राज्यों में आठ में भाजपा नेतृत्व वाली राजग की सरकार है जबकि एक राज्य तेलंगाना में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की सरकार है और उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार है। उद्योग एवं व्यवसाय से जुड़े कुल 10 क्षेत्रों में फैली सुधार की इस कार्ययोजना में 58 नियामकीय प्रक्रियाएं, नीतियां, गतिविधियां या कार्यप्रणलियों में सुधार की बात की गई है। ये मुख्य रूप से एकल खिड़की मंजूरी, कर सुधार, श्रम एवं पर्यावरण सुधार, विवाद समाधान तथा निर्माण परमिट हैं।

वर्ष 2015 के सूचकांक में गुजरात पहले नंबर पर था जबकि आंध्र प्रदेश दूसरे तथा तेलंगाना 13वें स्थान पर था। वर्ष 2016 के ताजा सूचकांक में कारोबार के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने वाले शीर्ष 10 राज्यों की सूची में झारखंड (सातवें), राजस्थान (आठवें), उत्तराखंड (नौवें) तथा महाराष्ट्र (10वें) स्थान पर हैं। अन्य प्रमुख राज्यों में ओड़िशा 11वें स्थान पर रहा। उसके बाद क्रमश: पंजाब, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु तथा दिल्ली का स्थान है। ‘व्यापार सुगमता क्रियान्वयन में राज्यों का आकलन, 2016’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट में ये रैंकिंग दी गयी है। यह रिपोर्ट विश्वबैंक ने डीआईपीपी के साथ मिलकर तैयार की है। इसका मकसद घरेलू के साथ-साथ विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए कारोबारी माहौल में सुधार को लेकर राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। विश्वबैंक की व्यापार सुगमता पर जारी ताजा रिपोर्ट में 190 देशों की सूची में भारत 130वें स्थान पर रहा जो पिछले साल की मूल रैंकिंग के बराबर ही है। हालांकि, पिछले साल की रैंकिंग को संशोधित कर 131 कर दिया गया है। इस लिहाज से भारत की स्थिति एक अंक सुधरी है।

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