भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2021-22 सीरीज-III के निवेशकों के लिए प्रीमैच्योर रिडेम्पशन (समय से पहले भुनाने) की कीमत घोषित कर दी है। इस बॉन्ड की इश्यू डेट 8 जून 2021 थी और अब निवेशक 8 जून 2026 से इसे समय से पहले रिडीम करने का विकल्प चुन सकते हैं।
RBI के नियमों के अनुसार, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को इश्यू होने के पांच साल बाद प्रीमैच्योर रिडेम्पशन की अनुमति मिलती है। हालांकि, यह सुविधा केवल उन तारीखों पर उपलब्ध होती है जब बॉन्ड पर ब्याज का भुगतान किया जाता है।
कैसे कैलकुलेट किया जाता है एसजीबी रिडेम्पशन प्राइस?
RBI के नियमों के मुताबिक, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) की रिडेम्पशन कीमत तय करने के लिए इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा प्रकाशित 999 शुद्धता वाले सोने के पिछले तीन कार्यदिवसों के औसत क्लोजिंग भाव का इस्तेमाल किया जाता है।
SGB 2021-22 सीरीज-III के लिए प्रीमैच्योर रिडेम्पशन प्राइस क्या है?
8 जून, 2026 को होने वाले SGB 2021-22 सीरीज-III का प्रीमैच्योर रिडेम्पशन प्राइस, पिछले तीन बिज़नेस दिनों के सोने के क्लोजिंग प्राइस के सिंपल एवरेज के आधार पर SGB की प्रति यूनिट 15,512 रुपये तय किया गया है। इसे 4839 रुपये प्रति ग्राम पर जारी किया गया था। यह प्रीमैच्योर रिडेम्पशन की तारीख पर 220% का एब्सोल्यूट सिंपल रिटर्न देगा।
एसजीबी डिटेल
| विवरण | राशि (रुपये) |
| शुरुआती निवेश (प्रति ग्राम SGB इश्यू प्राइस) | 4,839 |
| फाइनल वैल्यू / रिडेम्पशन प्राइस | 15,512 |
| एब्सोल्यूट गेन | 10,673 |
| एब्सोल्यूट रिटर्न (%) | 220.56% |
SGB में 1 लाख रुपये का निवेश आज कितना बन जाता?
| विवरण | राशि (रुपये) |
| शुरुआती निवेश | 1,00,000 |
| एब्सोल्यूट गेन (220.56%) | 2,20,560 |
| मैच्योरिटी पर कुल वैल्यू | 3,20,560 |
इसमें SGB पर मिलने वाले 2.5% सालाना ब्याज को शामिल नहीं किया गया है।
SGB पर कितना ब्याज मिलता है?
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर निवेशकों को उनके शुरुआती निवेश पर 2.5% सालाना ब्याज मिलता है। यह ब्याज हर छह महीने में सीधे बैंक खाते में जमा किया जाता है।
यह भी पढ़ें: RBI के गोल्ड रिजर्व में बदलाव की रिपोर्ट ली गई वापस
आरबीआई के गोल्ड रिजर्व में मई के दौरान किसी बदलाव के दावे को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। दरअसल, ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के एक गलत विश्लेषण के आधार पर प्रकाशित रिपोर्ट में यह संकेत दिया गया था कि रिजर्व में बदलाव हुआ है।
ब्लूमबर्ग न्यूज ने बाद में त्रुटि सामने आने पर 2 जून को प्रकाशित अपनी यह स्टोरी वापस ले ली। सही मूल्यांकन पद्धति से पता चला कि मई में आरबीआई की गोल्ड होल्डिंग्स में कोई बदलाव नहीं हुआ था। यहां पढ़ें पूरी खबर…
