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एमनेस्टी के भारत छोड़ने से 150 नौकरियों पर भी संकट, जानें- परेशान करने के आरोपों पर क्या बोली सरकार

एमनेस्टी इंटरनेशनल के इंडिया ऑफिस के अनुसार हमें 10 सितंबर 2020 को ईडी द्वारा एमनेस्टी इंटरनेशनल के सारे बैंक अकाउंट्स फ्रीज होने की जानकारी प्राप्त हुई। इससे बाद ह्यूमन राइट आर्गेनाईजेशन का काम धीरे-धीरे ठप हो गया।

Edited By यतेंद्र पूनिया नई दिल्ली | Updated: September 29, 2020 5:14 PM
जानें, एमनेस्टी इंटरनेशनल के आरोपों पर क्या बोली सरकार

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) द्वारा इस महीने खाते फ्रीज होने को सरकार की ‘विच हंट’ नीति का हिस्सा बताते हुए भारत में कामकाज बंद कर दिया है। इसके साथ ही देश में संस्था से जुड़कर काम करने वाले 150 लोगों की नौकरी पर संकट पैदा हो गया है। हालांकि केंद्र सरकार ने एमनेस्टी के आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि ग्लोबल राइट्स वॉच डॉग गलत तरीके से विदेशी फंडिंग ले रहा था। सरकार ने यह भी कहा ऑर्गेनाइजेशन कभी फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट के तहत रजिस्टर ही नहीं हुआ था। 2019 में फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के उल्लंघन के आरोप में ईडी ने एमनेस्टी इंटरनेशनल के खिलाफ जांच शुरू की थी।

एमनेस्टी इंटरनेशनल के इंडिया ऑफिस के अनुसार हमें 10 सितंबर 2020 को ईडी द्वारा एमनेस्टी इंटरनेशनल के सारे बैंक अकाउंट्स फ्रीज होने की जानकारी प्राप्त हुई। इससे बाद ह्यूमन राइट आर्गेनाईजेशन का काम धीरे-धीरे ठप हो गया। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भारत सरकार पर बदला लेने का आरोप लगाया है। संस्था की तरफ से कहा गया है कि भारत सरकार द्वारा प्रायोजित और बेबुनियाद आरोपों के आधार पर यह मानव अधिकार संगठनों का सबसे ताजा विच हंट है। एमनेस्टी इंटरनेशनल की ताजा रिपोर्ट भारत सरकार की आलोचना की गई थी। संस्था ने अपनी रिपोर्ट में फरवरी के दिल्ली दंगों में अधिकारों के उल्लंघन पर सवाल खड़े किए थे। इसके अलावा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने पर भी सवाल उठाए गए थे।

एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अविनाश कुमार ने कहा पिछले 2 सालों से एमनेस्टी इंटरनेशनल पर लगातार कार्रवाई हो रही थी और बैंक अकाउंट्स का पूरी फ्रीज हो जाना आकस्मिक नहीं है। सरकार में पारदर्शिता, दिल्ली पुलिस की अकाउंटेबिलिटी, दिल्ली दंगों में मानव अधिकारों का उल्लंघन और जम्मू कश्मीर के लिए हमारी मुखरता के कारण ईडी जैसी सरकारी एजेंसियों हमें लगातार परेशान कर रही थीं।

गौरतलब है कि एमनेस्टी इंटरनेशनल पर सरकार लंबे समय से विदेशी फंडिंग के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा रही थी। हालांकि संस्था का कहना है कि उसकी ओर से कई मसलों पर राय व्यक्त करने के चलते सरकार ने उसके खिलाफ यह ऐक्शन लिया है।

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