Mutual Fund Investment Latest Data : एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया यानी AMFI ने देश की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में निवेश से जुड़े ताजा आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में नेट निवेश की रफ्तार लगातार दूसरे महीने धीमी पड़ी है। यानी जनवरी में इक्विटी फंड्स में निवेश की गई नई रकम, दिसंबर 2025 के मुकाबले तेजी से घटी है। इसके पहले दिसंबर 2025 का नेट निवेश भी नवंबर की तुलना में कम रहा था। दरअसल AMFI के पिछले 3 महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि इक्विटी फंड्स के नेट निवेश में नवंबर 2025 में नजर आई तेजी के बाद से ही गिरावट का रुझान बना हुआ है।
ताजा आंकड़ों से क्या मिला संकेत
AMFI के डेटा के मुताबिक कुल मिलाकर इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में नेट निवेश जनवरी में कम हुआ है। इससे लगता है कि निवेशक अभी इक्विटी मार्केट के मूड को लेकर ज्यादा सतर्क हैं। जनवरी 2026 में सभी इक्विटी फंड कैटेगरीज का नेट इनफ्लो 24,028.59 करोड़ रुपये रहा, जो दिसंबर 2025 के 28,054.06 करोड़ रुपये के नेट इनफ्लो से 14.35 फीसदी कम है। दिसंबर का यह आंकड़ा भी उसके पिछले महीने यानी नवंबर 2025 के 29,911.05 करोड़ रुपये के नेट इनफ्लो की तुलना में करीब 6.21 प्रतिशत कम रहा था। इसका मतलब यह हुआ कि नवंबर से जनवरी के दौरान इक्विटी फंड्स में नेट मंथली इनफ्लो करीब 5,882 करोड़ रुपये कम हो गया है। इसके पहले नवंबर 2025 में इक्विटी फंड्स का नेट इनफ्लो अक्टूबर 2025 के 24,690.33 करोड़ रुपये की तुलना में 21.14 % अधिक रहा था।
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फ्लेक्सी कैप निवेश घटने के बाद भी नंबर 1
अगर इक्विटी फंड्स की प्रमुख कैटेगरी को देखें तो पिछले कई महीनों की तरह जनवरी 2026 में भी इक्विटी फंड्स की सभी कैटेगरी में सबसे ज्यादा 7,672.36 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो फ्लेक्सी कैप फंड्स में ही है। लेकिन दिसंबर की तुलना में यह 23.42 फीसदी कम है। दिसंबर 2025 में फ्लेक्सी कैप फंड्स में 10,019 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो देखने को मिला था, जो इक्विटी फंड की बाकी किसी भी कैटेगरी से अधिक था।
मिड कैप और स्मॉल कैप फंड कैटेगरी में भी दिसंबर के मुकाबले जनवरी में नेट निवेश थोड़ा सुस्त रहा है। मिड कैप फंड्स में नेट इनफ्लो जनवरी में 3,185.47 करोड़ रुपये रहा, जबकि दिसंबर में यह आंकड़ा 4,175.81 करोड़ रुपये था। इसी तरह स्मॉल कैप फंड्स कैटेगरी में जनवरी 2026 में 2,942.11 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो आया, जो दिसंबर 2025 में 3,823.82 करोड़ रुपये रहा था।
मल्टी कैप फंड्स में भी जनवरी में नया निवेश दिसंबर से कम दर्ज किया गया। दिसंबर 2025 में मल्टी कैप फंड कैटेगरी में 2,254.95 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो आया था, जो जनवरी में घटकर 1,995.23 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि लार्ज कैप फंड्स में स्थिति बेहतर हुई है। लार्ज कैप फंड्स में दिसंबर 2025 में नेट इनफ्लो 1,567.42 करोड़ रुपये रहा था, जो जनवरी में करीब 27.92% बढ़कर 2,004.98 करोड़ रुपये हो गया।
क्यों घट रहा है इक्विटी फंड्स में नेट निवेश
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और ऊंचे वैल्यूएशन के कारण निवेशक फिलहाल नई रकम लगाने में सावधानी बरत रहे हैं। इसके अलावा साल के अंत में टैक्स से जुड़ी प्लानिंग पूरी होने के बाद जनवरी में निवेश की रफ्तार धीमी होना भी एक वजह मानी जाती है। कई निवेशक अब इक्विटी की जगह दूसरे ज्यादा सुरक्षित विकल्पों या दूसरे एसेट क्लास की ओर देख रहे हैं।
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म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की बड़ी तस्वीर
सिर्फ इक्विटी की जगह अगर सभी तरह की म्यूचुअल फंड स्कीमों को मिलाकर देखें तो तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है। जनवरी 2026 में सभी फंड कैटेगरी में कुल मिलाकर 1,56,458.63 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया। इसके मुकाबले दिसंबर 2025 में सभी कैटेगरी का कुल नेट इनफ्लो 66,590.70 करोड़ रुपये का नेट आउटफ्लो देखा गया था। वहीं, नवंबर 2025 में सभी फंड कैटेगरीज का कुल नेट इनफ्लो 32,755.36 करोड़ रुपये रहा था। पूरी इंडस्ट्री के इन आंकड़ों में डेब्ट, इक्विटी, हाइब्रिड, गोल्ड ETF, अन्य ETF, रिटायरमेंट फंड, चिल्ड्रन फंड और इंडेक्स फंड जैसी तमाम कैटेगरीज शामिल हैं।
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निवेशकों का बदला रुझान
जनवरी के आंकड़े बताते हैं कि इक्विटी फंड्स में भले ही नेट इनफ्लो घटा हो, लेकिन कुल म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में पैसा आना जारी है। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक रिस्क को बैलेंस करने की रणनीति पर चल रहे हैं। इसके लिए वे इक्विटी की बजाय दूसरी फंड कैटेगरी को तरजीह दे रहे हैं।
(डिस्क्लेमर : इस आर्टिकल का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है, किसी स्कीम में निवेश की सलाह देना नहीं। निवेश का कोई भी फैसला पूरी जानकारी हासिल करने के बाद और सेबी से मान्यताप्राप्त इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लेकर ही करें।)
