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Moody’s ने घटाया भारत का GDP ग्रोथ रेट, 2019 में 6.2 और 2020 में 6.7% का जताया अनुमान

मूडीज इन्वेस्टर्स सेवा ने बयान में कहा कि कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था से एशियाई निर्यात प्रभावित हुआ है।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (Freepik)

अमेरिकी मूल की कारोबार और वित्तीय सेवा कंपनी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने कैलेंडर वर्ष 2019 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.2 फीसदी कर दिया है। पहले इसके 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। कैलेंडर वर्ष 2020 के लिए भी ग्रोथ रेट के अनुमान को 0.6 प्रतिशत घटाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है, जबकि पहले इसके 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया गया था।

मूडीज इन्वेस्टर्स सेवा ने शुक्रवार (23 अगस्त, 2019) को जारी एक बयान में कहा कि कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था से एशियाई निर्यात प्रभावित हुआ है। अनिश्चित वातावरण की वजह से भी इसके अलावा निवेश पर असर पड़ा है। इससे पहले, अगस्त की शुरुआत में रेटिंग एजेंसी CRISIL ने 2019-20 (FY20) के ग्रोथ एस्टिमेट में संशोधन करते हुए इसे 6.9 प्रतिशत बताया था, जबकि उससे पहले इसे 7.1 आंका गया था।

वहीं, अगस्त में द्विमासिक मॉनिटरी पॉलिसी रिव्यू में आरबीआई ने भी 2019-20 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट को घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया था, जो कि पहले सात फीसदी थी। यही नहीं, इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (आईएमएफ) भी भारत की विकास दर में 30 बेसिस प्वॉइंट्स की कटौती (2019-20 कैलेंडर इयर) कर चुका है।

‘राजीव कुमार का बयान अर्थव्यवस्था की बदहाली का कबूलनामा, PM के पास जवाब नहीं’: ‘आर्थिक क्षेत्र में दबाव के अप्रत्याशित’ होने से जुड़ी नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार के बयान को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को दावा किया कि यह ‘‘अर्थव्यवस्था की खराब स्थिति’’ का कबूलनामा है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं है कि इस स्थिति से कैसे निपटा जाएगा। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकार अर्थव्यवस्था की इस स्थिति से ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिक बदले की कार्रवाई कर रही है।

तिवारी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार को बधाई देनी चाहिए कि उन्होंने स्वीकार किया है कि अर्थव्यवस्था में ऐसी परिस्थिति 70 साल में कभी उत्पन्न नहीं है जो आज है।’’ उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘‘संभव है कि भाजपा सरकार इसके लिए भी पंडित जवाहरलाल नेहरू को दोषी ठहराएगी। लेकिन हकीकत यह है कि सरकार ने यह स्थिति खुद ही पैदा की है क्योंकि नोटबंदी और जल्दबाजी में लागू गई जीएसटी के कारण यह स्थिति बनी है।’’

केंद्र पर भरोसा, आर्थिक नरमी से निपटने को उठाएगी कदम- केजरीवालः दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें केंद्र सरकार पर इस बात को लेकर पूरा भरोसा है कि वह आर्थिक नरमी से निपटने के लिये ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक देश के रूप में एकजुट होकर खड़े होने तथा अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने का समय है। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

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