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भारत के साथ दोतरफा निवेश संधि चाहता है अमेरिका

हमें सरकारी और निजी क्षेत्र के स्तर पर नई प्रौद्योगिकी और नवोन्मेषण का इस्तेमाल करने की जरूरत होगी।
Author नई दिल्ली | September 15, 2016 05:19 am
भारत के साथ रक्षा रिश्तों को मजबूत करना चाहता है अमेरिका

अमेरिका ने भारत के साथ दोतरफा निवेश संधि की इच्छा जताई है और कहा है कि इससे दोनों देशों के बीच निवेशकों का भरोसा बढेÞगा। साथ ही आपस में निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी।
भारत में अमेरिका के राजदूत रिचर्ड वर्मा ने बुधवार को यहां कहा- मेरा यह विश्वास बराबर बना हुआ है कि दोनों देशों के बीच दोतरफा निवेश संधि से निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे एक प्रभावी विवाद निपटान व्यवस्था स्थापित की जा सकेगी जिससे गंतव्य की तलाश कर रही कंपनियों और निवेशकों को अपना पैसा लगाने में मदद मिलेगी। वर्मा यहां नार्थ इंडिया काउंसिल आफ इंडो-अमेरिकन चेंबर आॅफ कामर्स (एआइसीसी-एनआइसी) की ओर से आयोजित 12वें भारत-अमेरिका आर्थिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

अमेरिकी राजदूत ने कहा- मुझे लगता है- अमेरिकी निवेशक जानना चाहते हैं कि क्या कोई ऐसी संधि या प्रणाली है जहां वे विवादों का निपटारा करा सकते हैं और अपने निवेश को संरक्षित रख सकते हैं। भारत के साथ हमारी ऐसी कोई संधि नहीं है। हमारी दर्जनों अन्य देशों के साथ दोतरफा निवेश संधि है। निश्चित रूप से हम भारत के साथ भी ऐसी संधि चाहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में नवोन्मेष को प्रोत्साहन देने की जरूरत है ताकि दोतरफा व्यापार को 500 अरब डालर पर पहुंचाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके। भारत और अमेरिका निकट भविष्य में दोतरफा व्यापार को 500 अरब डालर पर पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। 2015 में यह 110 अरब डालर था। वर्मा ने कहा कि यदि नवोन्मेषण आगे नहीं बढ़ता है तो इस आंकड़े पर पहुंचने में बरसों लगेंगे।

उन्होंने कहा कि हमें सरकारी और निजी क्षेत्र के स्तर पर नई प्रौद्योगिकी और नवोन्मेषण का इस्तेमाल करने की जरूरत होगी। इसके अलावा एक मजबूत बौद्धिक संपदा अधिकार संरक्षण व्यवस्था की भी जरूरत होगी, जिससे नवोन्मेषकों के हितों का संरक्षण किया जा सके। अमेरिकी राजदूत ने कहा कि भारत असीम संभावनाआें वाला देश है। इसके 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है।
सम्मेलन के अध्यक्ष व एआइसीसी-एनआइसी के ललित भसीन ने कहा कि इस समय भारत अमेरिका में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने वाला पांचवां सबसे बड़ा निवेशक है। उन्होंने कहा कि हम भारत और अमेरिका के दोतरफा संबंधों की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण विभिन्न विषयों पर चर्चा करते आ रहे हैं। इनमें आर्थिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण विषय और दोनों देशों के बीच वाणिज्य व व्यवसाय के प्रोत्साहन से जुड़े विषय भी शामिल हैं।

 

 

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